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झारखंड के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के सरकारी दावे धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। बोकारो जिले की कंप्यूटर शिक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है। जिले के स्कूलों में कंप्यूटर लैब की कमी से लेकर मेंटेनेंस राशि नहीं मिलने और कंपनियों के कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के कारण छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। सबसे बड़ा संकट 9 से 16 अक्टूबर 2026 तक होने वाली चैंपियनशिप परीक्षा पर मंडरा रहा है।
बोकारो जिले में कुल 1560 सरकारी स्कूल संचालित हैं। इन सभी स्कूलों के बच्चों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि इनमें से मात्र 243 स्कूलों में ही कंप्यूटर लैब की सुविधा उपलब्ध है। इन 243 स्कूलों में 113 हाई स्कूल भी शामिल हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि जिले के लगभग 84 प्रतिशत से अधिक स्कूलों के बच्चे आज के इस आधुनिक युग में भी कंप्यूटर शिक्षा से पूरी तरह महरूम हैं।
कैसे होगी 9 अक्टूबर से चैंपियनशिप की परीक्षा
9 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक जिले के 113 स्कूलों में चैंपियनशिप परीक्षा का आयोजन होना तय हुआ है। परीक्षा की तारीखें सिर पर हैं, लेकिन स्कूलों में कंप्यूटर लैब बंद पड़े हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जिन 39 स्कूलों में वेंडर का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो चुका है और जिन 73 स्कूलों को मेंटेनेंस राशि नहीं मिली है, वहां के बच्चे यह ऑनलाइन या कंप्यूटर आधारित परीक्षा कैसे देंगे? क्या बिना तैयारी और बिना चालू कंप्यूटर के ही बच्चों को परीक्षा में बैठा दिया जाएगा?
विभाग जल्द ही समाधान की दिशा में कदम उठाएगा : डीईओ
- प्रवीण रंजन, डीईओ, बोकारो।
73 स्कूलों को नहीं मिली रख-रखाव की राशि
सिस्टम की बेरुखी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले के 73 स्कूलों में बने कंप्यूटर लैब के रखरखाव (मेंटेनेंस) के लिए मिलने वाली 24 हजार रुपए की राशि अभी तक नहीं मिली है। फंड के अभाव में इन स्कूलों के प्रधानाध्यापक चाहकर भी खराब पड़े सिस्टमों को ठीक नहीं करवा पा रहे हैं। कई स्कूलों में इंटरनेट कनेक्शन कट चुके हैं, तो कहीं छोटे-मोटे तकनीकी फॉल्ट के कारण पूरी लैब बंद पड़ी है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राशि से संबंधित राशि आ चुकी है, लेकिन आवंटन अब तक नहीं आया ताकि स्कूलों को मेंटेनेंस व इंटरनेट आदि का पैसा स्कूलों को भेजा जा सके।
जिले के जिन चुनिंदा स्कूलों में कंप्यूटर लैब की व्यवस्था की भी गई थी, वहां लापरवाही का आलम है। जिले के 39 स्कूलों में कंप्यूटर संचालन और रख-रखाव करने वाली कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो चुका है। कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद से यहां कंप्यूटर क्लास ठप है। कंप्यूटरों की देखरेख करने वाला कोई नहीं है, जिससे लाखों के उपकरण धूल फांक रहे हैं।
मेंटेनेंस के अभाव में कंप्यूटर सिस्टम बेकार
सीएम एक्सिलेंस रामरुद्र स्कूल में कंप्यूटर क्लास में शामिल विद्यार्थी।