Satna flood: मध्य प्रदेश के सतना में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं. कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं. नदी-नाले उफान पर हैं, सड़कें और रेलवे ट्रैक पानी में डूब गए हैं और कई गांवों का संपर्क टूट गया है. सबसे भयावह स्थिति चित्रकूट में बनी हुई है, जहां मंदाकिनी नदी का जलस्तर करीब 30 फीट तक पहुंच गया है. इसके बाद सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं. चित्रकूट में बाढ़ के बीच राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है. बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए रात में भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. सेना के हेलीकॉप्टर चित्रकूट पहुंच चुके हैं. हेलीकॉप्टर की मदद से दो लोगों को रात में भी सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है.
लगातार बारिश और नदी के तेज बहाव के कारण रामघाट और भरतघाट पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं. घाटों के आसपास की करीब 400 दुकानें भी बाढ़ की चपेट में हैं. हालात इतने गंभीर हैं कि पानी नयागांव राजमहल के अंदर तक पहुंच गया है. कई लोग घरों और होटलों में फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए SDRF की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं. चित्रकूट में पिछले करीब 18 घंटे से जारी भारी बारिश के कारण मंदाकिनी नदी विकराल रूप ले चुकी है. नदी का जलस्तर करीब 30 फीट तक पहुंच गया है. तेज बहाव की चपेट में रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा और 25 फीट ऊंचा पुल पूरी तरह बह गया है. प्रशासन ने आसपास के करीब 36 गांवों में हाई अलर्ट जारी किया है.
कई गावों में रेस्क्यू जारी
सतना के मझगवां थाना क्षेत्र में भी नदी के तेज बहाव के बीच कई लोग फंस गए थे. घरों में फंसे बबीता सिंह, खुशी सिंह, सौम्या सिंह, दादू साहू, गीता साहू, अनीशा साहू, तपस्या साहू, तनिष्क, मनोज गर्ग, सीमा गर्ग, अभिनव गर्ग, सोम गर्ग समेत एक अन्य परिवार के चार सदस्यों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला. इसके बाद पिंडरा के पास नदी में फंसे दो ट्रक ड्राइवरों को भी रस्सी और लाइफ जैकेट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया. कुल 16 लोगों के रेस्क्यू के बाद SDRF और तीन होमगार्ड जवानों की टीम को तत्काल चित्रकूट रवाना कर दिया गया.
गोरगी बांध टूटने से बिगड़े हालात
मझगवां से चित्रकूट जा रही राहत-बचाव टीम चित्रकूट-कोठी-सिंहपुर-कालिंजर मार्ग से आगे बढ़ रही है. रास्ते में कई उफनती नदियां और नाले चुनौती बने हुए हैं. इसके बावजूद जवान लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटे हुए हैं. सतना जिले में गोरगी बांध के टूटने से कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है. सतना-चित्रकूट मार्ग तीन अलग-अलग स्थानों पर बंद हो चुका है. कई मोहल्लों में लोगों की आवाजाही के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है. नागौद में थाना परिसर और पेट्रोल पंप तक पानी पहुंच गया है. कोठी क्षेत्र में एक मकान गिरने से चार भैंसें दब गईं, जिनमें दो की मौत हो गई.
सेना ने संभाला मोर्चा
वहीं पन्ना जिले में बाढ़ के पानी से कई गांव टापू में तब्दील हो गए हैं. जलस्तर नियंत्रित करने के लिए बानसुजारा बांध के आठ गेट खोले गए हैं और धसान नदी में करीब 792 घन मीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है. लगातार बिगड़ते हालात के बीच प्रशासन, SDRF, होमगार्ड और सेना की टीमें मोर्चे पर हैं. अब सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने की है.

शिव चौबे
शिव चौबे को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक दशक का अनुभव है. शिव ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से संस्कृत विषय में शिक्षा प्राप्त की, जिसके बाद उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक अखबार से की. इसके बाद वर्ष 2019 में वे ETV भारत से बतौर संवाददाता जुड़े, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और शिक्षा से जुड़ी उनकी कई महत्वपूर्ण रिपोर्टों ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी. वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जान जोखिम में डालकर जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की और व्यवस्थाओं की कमियों को उजागर किया. उनकी रिपोर्ट्स के बाद जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़े. वर्ष 2021 में शिव चौबे ने TV9 भारतवर्ष में जिला रिपोर्टर के रूप में नई भूमिका की शुरुआत की. इसके बाद वर्ष 2023 में वे PTI (Press Trust of India) से जुड़े. यहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण खोजी रिपोर्टें कीं, जिनमें सिवनी जिले का चर्चित सर्पदंश घोटाला, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय से जुड़ा गोबर घोटाला तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई घोटाले शामिल है. इसके अलावा उन्होंने CAA के दौरान लगे कर्फ्यू, बरगी क्रूज हादसे और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं की जमीनी रिपोर्टिंग कर अपनी अलग पहचान बनाई. निष्पक्ष, जनसरोकारों से जुड़ी और खोजी पत्रकारिता के लिए शिव चौबे को विशेष रूप से जाना जाता है.
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