राजस्थान : राजसमंद में 347 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

Published on 2 अग॰ 2026

जयपुर, दो अगस्त (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को राजसमंद जिले में 491 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 347 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित राजस्थान-2047’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है।

राजसमंद के भिक्षु निलयम में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, महिलाओं, श्रमिकों और युवाओं के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया, उनमें 369 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 266 कार्यों का लोकार्पण तथा 122 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 81 कार्यों का शिलान्यास शामिल है।

Join Our Whatsapp Group

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीनाथजी और महाराणा प्रताप की गौरवशाली विरासत से जुड़े राजसमंद के विकास में ये परियोजनाएं नया अध्याय जोड़ेंगी।

किसानों के हित में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए शर्मा ने कहा कि किसान सम्मान निधि के तहत वार्षिक सहायता राशि 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दी गई है। किसानों को 61 हजार करोड़ रुपये से अधिक की बिजली सब्सिडी दी गई है। साथ ही प्रधानमंत्री कुसुम योजना के माध्यम से किसान ऊर्जा उत्पादक बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पशुपालकों को एक लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है तथा दूध पर पांच रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत अब तक 23 लाख से अधिक बीमा पॉलिसियां जारी की जा चुकी हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का भी आह्वान किया।

रोजगार के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसी अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 569 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पिछले ढाई वर्षों में 410 परीक्षाएं बिना किसी पेपर लीक के सफलतापूर्वक आयोजित की गई हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब तक 1.78 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है। 1.32 लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जबकि 70 हजार नए पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है।

शर्मा ने कहा कि राजस्थान युवा नीति स्टार्टअप, उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। निजी क्षेत्र में भी लगभग 4.5 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं।

सामाजिक कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक 14 लाख बालिकाओं को साइकिल और 46 हजार मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरित की गई है। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को सप्ताह में पांच दिन दूध उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। वहीं, ‘मा वाउचर’ योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क सोनोग्राफी के लिए 4.82 लाख से अधिक वाउचर जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर 1,450 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4.40 लाख से अधिक आवास बनाए गए हैं। पात्र लाभार्थियों को 450 रुपये में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा योजना में एक करोड़ नए लाभार्थियों को जोड़ा गया है तथा 18 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ श्रेणी में शामिल किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक, राजीविका से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों को ऋण स्वीकृति पत्र तथा कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ हुए लोगों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र वितरित किए।

लोकार्पित प्रमुख परियोजनाओं में कुंभलगढ़ के ओलादर चौराहे से चित्तौड़गढ़ के भादसोड़ा तक सड़क सुदृढ़ीकरण कार्य, दरिबा में 220 केवी ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस), नाथद्वारा में दुग्ध प्रसंस्करण इकाई, खेल स्टेडियम, विभिन्न सड़क निर्माण कार्य, स्वास्थ्य अवसंरचना, पेयजल योजनाएं तथा शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन से जुड़े कार्य शामिल हैं।

जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, उनमें विभिन्न सड़क निर्माण कार्य, राजसमंद नगर परिषद क्षेत्र में शहरी अवसंरचना विकास, ग्रामीण पेयजल योजनाएं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन, नहर निर्माण, पेयजल पाइपलाइन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा सिंचाई से संबंधित आधारभूत संरचना परियोजनाएं शामिल हैं।

कार्यक्रम में स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

भाषा

बाकोलिया रवि कांत