
चेन्नई, 12 सितंबर (आईएएनएस)। ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन (जीसीसी) ने शहर के संपत्ति मालिकों से 30 सितंबर तक अपने बकाया और मौजूदा संपत्ति कर का भुगतान करने की अपील की है। निगम को कुल 847.80 करोड़ रुपए की संपत्ति कर राशि वसूलनी है और बढ़ती वित्तीय जिम्मेदारियों के बीच यह राशि उसके लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
निगम के अनुसार, चेन्नई में 6,03,232 संपत्ति मालिकों ने अब तक अपने कर का भुगतान नहीं किया है। इस राशि में पिछले वर्षों का बकाया कर और वर्तमान मूल्यांकन अवधि का कर दोनों शामिल हैं।
ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन ने शहर में कुल 14,15,771 संपत्तियों का कर निर्धारण किया है। इनमें से 8,12,539 संपत्ति मालिकों ने अपना पूरा कर जमा कर दिया है और उनके ऊपर कोई बकाया नहीं है। हालांकि, बड़ी संख्या में लंबित भुगतान निगम की वित्तीय स्थिति और आवश्यक नागरिक सेवाओं पर होने वाले खर्च को प्रभावित कर रहे हैं।
इससे पहले जुलाई में भी निगम ने विशेष संपत्ति कर वसूली अभियान चलाया था, जिसका उद्देश्य कर अनुपालन बढ़ाना और लंबित बकाया राशि की वसूली करना था। इसके बावजूद बकाया और वर्तमान कर देनदारियां अभी भी काफी अधिक हैं, जिसके चलते निगम ने 30 सितंबर की अंतिम तिथि से पहले एक और अपील जारी की है।
निगम पर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 3,434.72 करोड़ रुपए की देनदारी है। ऐसे में समय पर संपत्ति कर की वसूली निगम के लिए बेहद जरूरी है, ताकि सफाई व्यवस्था, सड़क निर्माण, वर्षा जल निकासी प्रणाली, स्ट्रीट लाइट और अन्य सार्वजनिक सेवाओं पर होने वाले खर्च को पूरा किया जा सके।
जीसीसी आयुक्त जीएस समीरन ने संपत्ति मालिकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर मौजूदा और पुराने सभी बकाया कर जमा करने और निगम के साथ सहयोग करने की अपील की है, ताकि नागरिकों को जरूरी सेवाएं बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराई जा सकें।
कर भुगतान को आसान बनाने के लिए निगम ने कई ऑनलाइन और डिजिटल विकल्प उपलब्ध कराए हैं। संपत्ति मालिक जीसीसी की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से कर जमा कर सकते हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप पेमेंट लिंक, संपत्ति कर रसीद पर दिए गए क्यूआर कोड और निगम के व्हाट्सएप चैटबॉट का उपयोग करके भी भुगतान किया जा सकता है।
व्हाट्सएप चैटबॉट सुविधा का लाभ उठाने के लिए नागरिक 9445161913 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। निगम का कहना है कि इन डिजिटल सुविधाओं से लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और भुगतान प्रक्रिया आसान होगी।
निगम ने करदाताओं से अंतिम दिन का इंतजार न करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि उनकी संपत्ति पर कोई पुराना बकाया कर शेष न हो। निगम का कहना है कि समय पर कर भुगतान से उसकी वित्तीय क्षमता मजबूत होगी और चेन्नई में विकास एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी।
--आईएएनएस
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