
अतुल ने IIT बाॅम्बे में लिया एडमिशन
बीते दिनों संपन्न हुई जेईई-एडवांस्ड 2026 में अतुल डागर को भी सफलता मिली है. 3 साल की उम्र में अपने पिता को खोने वाले अतुल डागरजेईई-एडवांस्ड क्रेक करके IIT बाॅम्बे में एडमिशन प्राप्त किया है.उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी अतुल डागर के पिता सुधीर कुमार डागर भारतीय सेना की जाट रेजीमेंट में सैनिक पद पर कार्यरत थे. 15 सितंबर 2012 को जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक के दौरान देश की रक्षा करते हुए वे शहीद हो गए. पिता के साए के बिना मां कृष्णा देवी ने अतुल और उनकी दो बड़ी बहनों की परवरिश की और उन्हें आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित किया. अब अतुल ने IIT में एडमिशन प्राप्त कर परिवार का नाम रोशन किया है.
आइए, पूरा मामला विस्तार से जानते हैं. जानते हैं कि अतुल डागर ने जेईई एडवांस्ड 2026 में कितनी रैंक हासिल की है. जानेंगे कि उन्होंने कौन सा स्टार्टअप तैयार किया है.
IIT बाॅम्बे में CS ब्रांच में लिया एडमिशन
अतुल ने कोटा स्थित एक प्राइवेट कोचिंग संस्थान से रेगुलर क्लासरुम स्टूडेंट के रूप में तैयारी कर जेईई-एडवांस्ड 2026 ऑल इंडिया रैंक 3463 हासिल की है. अतुल ने डिफेंस सर्विस कैटेगिरी से IIT बाॅम्बे कम्प्यूटर साइंस में एडमिशन लिया है. कोचिंग संस्थान ने अपनी योजना के तहत अतुल को फीस में स्काॅलरशिप प्रदान की थी.
बच्चों के लिए शुरू किया स्टार्टअप
IIT बाॅम्बे में एडमिशन मिलने से अतुल डागर बेहद ही खुश हैं.इस सफलता पर अतुल कहते हैं कि पापा हमारे साथ नहीं हैं, लेकिन उनका आशीर्वाद ही है कि वह अपने सपने को सच कर पा रहे हैं. अतुल ने कहा कि मेरी यह सफलता उन्हीं को समर्पित है. अतुल ने बताया कि वह बचपन से ही साइंस-मैथ्स और प्रोग्रामिंग में रूचि रखते थे और पढ़ाई के साथ कोडिंग क्लासेज भी शुरू कर दी.
अतुल ने बताया कि उन्होंने कक्षा 6 से 10 तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए ऑनलाइन स्टार्टअप भी शुरू किया है. वह बच्चों को आर्मी स्कूल्स एग्जाम्स के लिए ट्रेनिंग देते हैं. उन्होंने कहा कि पापा देश की रक्षा में शहीद हुए, वह देश को शिक्षा के क्षेत्र में आगे ले जाकर अपना कर्तव्य निभाना चाहता हूं.अतुल ने अपने स्टार्टअप के लिए खुद वेबसाइट बनाई है.वह स्टूडेंट्स को रीजनिंग पढ़ाते हैं.
शहीद पिता को सच्ची श्रद्धांजलि
अतुल की उपलब्धि पर उनकी मां कृष्णा देवी कहती हैं कि IIT बाॅम्बे में एडमिशन लेकर अतुल ने अपने शहीद पिता को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि अर्पित की है. उन्होंने कहा कि देश सेवा के संस्कार उसमे हैं और वो एक अलग तरह से देश के विकास में योगदान देने की इच्छा रखता है.
वहीं प्राइवेट कोचिंग संस्थान के फाउंडर डाॅ. नवीन माहेश्वरी ने स्कॉलरशिप योजना को लेकर कहते हैं कि 2018 में शौर्य स्काॅलरशिप शुरू की गई है, जिसमें शहीदों के बच्चों के लिए फीस में 90 प्रतिशत स्काॅलरशिप का प्रावधान किया गया. इससे बड़ी संख्या में शहीदों के बेटे-बेटी लाभान्वित हो रहे हैं. इनकी सफलता देख बहुत सुखद अनुभव होता है.

मनोज भट्ट
पत्रकारिता में एक दशक से अधिक समय से सक्रिय. नवोदय टाइम्स, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान में लंबे समय तक फील्ड रिपोर्टिंग. कई मुद्दों व खबरों को लीड किया, जो चर्चा में रही. अभी तक पंचायत, कृषि, प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा, राजनीति, पर्यावरण, स्वास्थ्य, चुनाव, बिजनेस से जुड़े विषयों पर काम किया है और इनमें लेखन की दिलचस्पी है.
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