भंडारा के 3 तीर्थस्थलों को मिला A श्रेणी का दर्जा, 100% निधि खर्च, ग्रंथालयों और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी जोर| Navbharat Live

Published on 3 अग॰ 2026

Updated On: Aug 03, 2026 | 11:13 AM IST

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सार

A Grade Pilgrimage Sites: भंडारा जिला नियोजन समिति ने तीन धार्मिक स्थलों को 'क' श्रेणी का दर्जा दिया। बैठक में 100% निधि खर्च की समीक्षा, ग्रंथालय, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के कई फैसले लिए गए।

Bhandara A Grade Pilgrimage Sites District Planning Committee In Maharashtra

3 धार्मिक स्थलों को मिला A श्रेणी का दर्जा (सोर्स: AI)

विस्तार

Bhandara A Grade Pilgrimage Sites: भंडारा जिले के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में जिला नियोजन समिति की बैठक में बड़ा निर्णय लिया गया। पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले के तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों को ‘क’ श्रेणी के ग्रामीण तीर्थक्षेत्र का दर्जा देने को मंजूरी दी गई।

इनमें साई मिशन श्री संत मनीराम बाबा मानवधर्म आश्रम, चुलबंद नदी तट स्थित भगवान शंकर देवस्थान  तथा विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर देवस्थान शामिल हैं। बैठक में सांसदों, विधायकों, जिला परिषद अध्यक्ष, जिलाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

100 प्रतिशत निधि खर्च

बैठक में जिला वार्षिक योजना 2025-26 के तहत पिछले वित्तीय वर्ष की 100 प्रतिशत निधि खर्च होने की जानकारी दी गई तथा मार्च 2026 तक के व्यय को मंजूरी प्रदान की गई। पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में ग्रंथालयों के विकास के लिए प्रत्येक क्षेत्र को 3-3 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही जिला ग्रंथालय के स्ट्रक्चरल ऑडिट की जानकारी भी साझा की गई।

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स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला सामान्य अस्पताल में लंबे समय से बंद पड़ी सीटी-स्कैन मशीन को तत्काल शुरू करने तथा नई मशीन खरीदने का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए। वहीं, तुमसर-मोहाडी उपजिला अस्पताल के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करते हुए भूमि अभिलेख विभाग को 15 दिनों के भीतर भूमि की नापजोख पूरी करने का आदेश दिया गया।

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बैठक में विकास कार्यों दिया गया ध्यान

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिन गांवों में श्मशान घाट उपलब्ध नहीं हैं, वहां जनसुविधा योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा शासकीय मेडिकल कॉलेज और जिला सामान्य अस्पताल से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिलाधिकारी को संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक बुलाकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

कृषि, ऊर्जा और वन विभाग को जिला नियोजन समिति के अंतर्गत प्रस्तावित सभी विकास कार्यों की सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। प्रशासन का कहना है कि इन फैसलों से जिले में धार्मिक पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

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