सोनम वांगचुक और सरकार के बीच इन 3 मांगों पर बनी सहमति, अनशन तोड़ने का दूसरा वीडियो आया सामने

Published on 24 जुल॰ 2026

देश

  • Edited by: पीयूष कुमार
  • Updated Jul 24, 2026, 08:02 AM IST

Sonam Wangchuk Breaks Fast: सोनम वांगचुक ने 26 दिनों की भूख हड़ताल गुरुवार देर रात सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद समाप्त कर दी। उन्होंने बताया कि सरकार के साथ दो दिनों तक चली बातचीत के बाद तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनी। लिखित आश्वासन में प्रदर्शनकारियों पर केस न दर्ज करने, पेपर लीक रोकने और परीक्षा सुधार पर संसद में चर्चा तथा नीट पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजे पर सकारात्मक विचार करने की बात शामिल है।

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इन 3 मांगों पर बनी सहमति के बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन। sonam wangchuk x handle

Sonam Wangchuk Breaks Fast: सोनम वांगचुक ने 26 दिन की भूख हड़ताल को गुरुवार देर रात तोड़ दिया है। वांगचुक ने बताया कि सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अनशन तोड़ने का फैसला लिया है। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिलने पहुंचे। इसके अलावा लद्दाख की एपेक्स बॉडी के बड़े नेता भी वहां मौजूद रहे।

वांगचुक ने बताया कि पिछले दो दिन से सरकार के साथ इस बात को लेकर सख्त बातचीत चल रही थी। उनकी मांग थी कि उन्हें आश्वासन लिखित रूप में चाहिए। इसी वजह से फैसला होने में दो दिन का समय और लगा और उन्हें दो दिन और भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ती तो वे और भी दिन बैठने को तैयार थे। आखिरकार आज सरकार ने लिखित आश्वासन दे दिया।

वांगचुक ने आश्वासन में तीन प्रमुख बिंदुओं का किया जिक्र

सरकार की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन में तीन प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख किया गया है। पहला, जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। दूसरा, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए संसद में विस्तृत चर्चा कर स्थायी समाधान तलाशा जाएगा। तीसरा, हालिया नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सरकार सकारात्मक रुख के साथ विचार करेगी।

अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने लद्दाख एपेक्स बॉडी के उन सभी नेताओं का आभार व्यक्त किया, जो उनका समर्थन करने के लिए लद्दाख से दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के उन सांसदों का भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने उनसे मुलाकात कर समर्थन जताया। वांगचुक ने भावुक होते हुए कहा कि 26 दिनों के बाद उन्हें पहली बार कुछ खाने को मिला है। उन्होंने कहा, "यह स्वाद बेहद अच्छा लग रहा है, लेकिन भूख का अपना कोई स्वाद नहीं होता।"

Piyush Kumar

पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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