रायगढ़ में तमनारकांड के 3 महिला समेत 5 आरोपी गिरफ्तार: अब तक 38 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी, फरार आरोपियों की तलाश जारी - Raigarh News

Published on 6 सित॰ 2026

रायगढ़ जिले के तमनार के CHP चौक लिबरा में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने 3 महिलाओं समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद पुलिस ने अलग-अलग धाराओं में कई मामले दर्ज किए थे। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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आरोपियों के खिलाफ पुलिस बल पर हमला, लूटपाट, आगजनी, बलवा, शासकीय काम में बाधा और एट्रोसिटी समेत कई गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया था।

तमनार हिंसा मामले में अब तक 38 आरोपी जेल भेजे

जानकारी के मुताबिक, गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल परियोजना की जनसुनवाई के विरोध में दिसंबर 2025 से लिबरा स्थित CHP चौक पर प्रभावित गांवों के लोग धरना-प्रदर्शन और आर्थिक नाकेबंदी कर रहे थे। इस दौरान प्रशासन और पुलिस लगातार आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था का पालन करने की अपील कर रहे थे।

इसी बीच आंदोलन के दौरान मामला हिंसक हो गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट, पुलिस बल पर हमला, लूटपाट, आगजनी, बलवा, शासकीय काम में बाधा और एट्रोसिटी समेत कई धाराओं में अपराध दर्ज किया।

मामले में आरोपी राजेश मरकाम को 1 जुलाई, अनिल बेहरा को 10 अगस्त और शिवशंकर प्रधान उर्फ शंकर गुप्ता को 2 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है।

जांच के दौरान पुलिस ने मारपीट में कमलेश सेठ (26), निवासी बिजना, अंबिका चौधरी (55), निवासी आमगांव, सुनाउ सिदार (62), निवासी लिबरा, तपस्विनी प्रधान (35), निवासी झरना और भगवती सिदार (47), निवासी धौराभाठा की भूमिका की पुष्टि की।

इसके बाद पुलिस ने पांचों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में अपराध करना स्वीकार करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक कुल 38 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जानिए क्या था पूरा मामला

27 दिसंबर 2025 को CHP चौक पर चल रहा आंदोलन अचानक उग्र हो गया था। आरोप है कि राजेश मरकाम, अनिल बेहरा समेत कुछ अन्य लोगों ने भीड़ को उकसाया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने पुलिस पर लाठी, डंडे, टांगी और पत्थरों से हमला कर दिया।

इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस से सरकारी वॉकी-टॉकी और मोबाइल फोन भी लूट लिए। उग्र भीड़ ने पुलिसकर्मियों को घेरकर लगातार पथराव किया।

इसके बाद सड़क किनारे खड़े पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की गई और उनमें आग लगा दी गई। प्लांट परिसर में भी तोड़फोड़ की गई थी।

आरोपियों पर होगी कार्रवाई

SSP शशि मोहन सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने और गंभीर अपराधों में शामिल फरार आरोपियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। मामले में शामिल बाकी आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है।