खंडवा में बर्खास्त लिपिक से ₹3.24 लाख की वसूली होगी: राहत राशि परिचितों के खातों में भेजने का आरोप, संपत्ति से आरआरसी के जरिए रिकवरी - Khandwa News

Published on 28 अग॰ 2026

खंडवा जिले की खालवा तहसील में सहायक ग्रेड-3 के पद पर रहते हुए राहत राशि के संदिग्ध भुगतान के मामले में बर्खास्त लिपिक भगवान वर्मा के खिलाफ अब प्रशासन ने वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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तहसीलदार खालवा से प्राप्त आरआरसी के आधार पर बर्खास्त लिपिक से 3 लाख 24 हजार 384 रुपए की राशि वसूल की जाएगी। इसके लिए खंडवा तहसीलदार को निर्देश जारी किए गए हैं कि भगवान वर्मा की खंडवा तहसील क्षेत्र में स्थित चल-अचल संपत्ति से उक्त राशि की वसूली सुनिश्चित करें।

पद पर रहते हुए किए गए संदिग्ध भुगतान प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, भगवान वर्मा वर्ष 2019 से 2023 तक तहसील खालवा में सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान वे नायब नाजिर शाखा से संबंधित कार्यों से जुड़े थे। आरोप है कि पद पर रहते हुए राहत राशि के कुछ भुगतान उनके परिचितों के बैंक खातों में किए गए।

इन भुगतानों को प्रशासन ने संदिग्ध माना है। जांच एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर इन भुगतानों से संबंधित 3,24,384 रुपए की राशि की वसूली किया जाना है।

बर्खास्तगी के बाद अब RRC के जरिए होगी वसूली मामले में भगवान वर्मा को पहले ही सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। अब प्रशासन ने सरकारी राशि की वसूली के लिए आरआरसी (रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी करने की कार्रवाई की है। आरआरसी के जरिए बकाया राशि को राजस्व बकाया की तरह वसूल किया जाता है।

कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने खंडवा तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि भगवान वर्मा की खंडवा तहसील में स्थित चल-अचल संपत्तियों की जानकारी लेकर उनसे 3 लाख 24 हजार 384 रुपए की राहत राशि की वसूली की जाए। वसूली के बाद यह राशि तहसीलदार खालवा को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

परिचितों के खातों में राशि भेजने पर उठे सवाल मामले में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि सरकारी राहत राशि के भुगतान के दौरान संबंधित लिपिक द्वारा कथित तौर पर अपने परिचितों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। प्रशासनिक जांच में इन भुगतानों को संदिग्ध पाए जाने के बाद अब संबंधित राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है।

हालांकि, प्रशासन द्वारा जारी जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितने लोगों के बैंक खातों में राशि भेजी गई थी और प्रत्येक खाते में कितनी-कितनी राशि ट्रांसफर हुई। साथ ही, इस मामले में अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

सरकारी राशि की वसूली पर प्रशासन का फोकस राहत राशि से जुड़े इस मामले में प्रशासन अब सरकारी रकम की रिकवरी सुनिश्चित करने में जुटा है। भगवान वर्मा की खंडवा तहसील क्षेत्र में मौजूद चल-अचल संपत्ति से राशि वसूल किए जाने के निर्देश इसी कार्रवाई का हिस्सा है। प्रशासन का उद्देश्य संदिग्ध भुगतान के कारण हुई वित्तीय क्षति की भरपाई करना है।

प्रशासन के अनुसार, ₹3.24 लाख की पूरी राशि वसूल होने के बाद इसे तहसील खालवा के खाते में उपलब्ध कराया जाएगा।