भारत-पाक बॉर्डर पर स्थित रोहिड़ी पंचायत की आबादी करीब 3000 है। यह सालों से विकास को तरस रही है। हाल यह है कि यहां स्कूल है, लेकिन उसमें शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई खराब हो रही है।
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जल जीवन मिशन में जल-हौद बना दिया गया है। घर-घर पानी का सपना अब भी अधूरा है। करीब 7-8 हजार गोवंश और 15 हजार भेड़-बकरियों वाला यह गांव इस बार भीषण अकाल की चपेट में है। किसानों के सामने चारे-पानी का भयंकर संकट पैदा हो गया है। इस बार के पंचायतीराज चुनाव में यहां के किसानों की एक ही मांग है। पशुओं के लिए चारा डिपो खुले। पेयजल के लिए टैंकरों से जलापूर्ति शुरू हो। नर्मदा नहर का पानी लोगों को नियमित मिले। सरकार इसकी व्यवस्था करे। रोहिड़ी के वर्तमान सरपंच हाजी शाह हैं। 1400 वोटर वाली इस पंचायत में सीनियर सेकंडरी स्कूल है। यहां 300 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। हाल यह है कि पढ़ाने वाले सिर्फ 2 शिक्षक हैं। शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा नजदीक है। फिर भी कमी बनी हुई है। बच्चों का भविष्य अंधेरे में है। यहां उप-स्वास्थ्य केंद्र है। यह सिर्फ एएनएम के भरोसे है। ग्रामीणों को छोटी-मोटी बीमारी में भी 50 किमी. दूर गडरारोड जाना पड़ता है। गांव में करीब 7-8 हजार गोवंश हैं। करीब 15 हजार से ज्यादा भेड़-बकरियां हैं। लोगों की आजीविका पशुपालन पर निर्भर है। इस अकाल में पशुओं को जिंदा रखना चुनौती बना हुआ है। पैसे देकर भी चारा उपलब्ध नहीं हो रहा है।
रोहिड़ी के गांवों में पानी व चारे की तलाश में भटक रहे पशुपालक
रोहिड़ी के सुरेंद्रसिंह व कमलसिंह का कहना है कि इस बार भीषण अकाल की वजह से कहीं भी सूखा या हरा चारा नहीं है। करीब 8 हजार गोवंश और 15 हजार भेड़-बकरियों वाले इस गांव के किसान परेशान हैं। 1000 रुपए मण में भी कुतर नहीं मिल रही है। ऐसे में, आंखों के सामने दम तोड़ते पशुओं को बचाने के लिए किसान वहां पशु छोड़ रहे हैं, जहां पानी की व्यवस्था है। इसके लिए उन्हें 20 किमी. दूर तक जाना पड़ रहा है। जल जीवन मिशन के तहत ओवरहेड टैंक बनाया गया है। उसमें नर्मदा का पानी कभी-कभार ही आता है।
जातिगत समीकरण
रोहिड़ी में सर्वाधिक वोटर सोढ़ा (राजपूत), मुस्लिम, रावणा राजपूत, मेघवाल सहित अन्य जातियों के हैं। इस बार सरपंच की सीट सामान्य महिला है। ऐसे में कई दावेदार हैं। इनमें कैलाश कंवर, रेख कंवर प्रमुख दावेदारी कर रही हैं। जिला परिषद का एक नंबर वार्ड भी इसी इलाके से शुरू होता है। वार्ड एससी महिला रिजर्व है। भाजपा, कांग्रेस और आरएलपी तीनों के प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इसी तरह पंचायत समिति गडरारोड का दो नंबर वार्ड है। यह भी सामान्य महिला के लिए रिजर्व है। ऐसे में भाजपा-कांग्रेस यहां चुनावी तैयारियों में जुटी हैं।