तमिलनाडु के वेल्लोर में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन चर्च की छत ढहने से 3 मजदूरों की मौत; 11 घायल - Haribhoomi

Published on 11 सित॰ 2026

तमिलनाडु के वेल्लोर में एक निर्माणाधीन चर्च की छत गिरने से 3 मजदूरों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। राहत और बचाव कार्य जारी है।

Tamil Nadu Vellore church collapse

तमिलनाडु के वेल्लोर में एक निर्माणाधीन चर्च की छत गिरने से 3 मजदूरों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए।

  • Published: 11 Sep 2026, 11:05 AM IST
  • Last Updated: 11 Sep 2026, 11:05 AM IST

Vellore church collapse: तमिलनाडु के वेल्लोर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां गुरुवार रात एक निर्माणाधीन चर्च की छत का स्लैब अचानक भरभरा कर गिर गया। इस भीषण दुर्घटना में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह हादसा उस वक्त हुआ जब मजदूर छत पर कंक्रीट डालने का काम कर रहे थे।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया और तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया, जिसमें दमकल विभाग, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए जुट गईं। प्रशासन ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दे दिए हैं।

कंक्रीट डलाई के दौरान हुआ हादसा
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह दुर्घटना कात्पाडी के पास मंदी कृष्णपुरम इलाके में चर्च ऑफ साउथ इंडिया (CSI) की एक नई इमारत के निर्माण के दौरान हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार, मजदूर छत के स्लैब पर कंक्रीट की ढलाई कर रहे थे, तभी अचानक ढांचा कमजोर होकर ढह गया। इस आकस्मिक मलबे के गिरने से वहां काम कर रहे कई श्रमिक भारी कंक्रीट, ईंटों और निर्माण सामग्री के नीचे दब गए।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि करीब 20 फीट की ऊंचाई पर लगाया गया स्टील का मचान और सपोर्ट फ्रेमवर्क अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया, जिसकी चपेट में आकर तीन मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

घायलों को अस्पतालों में कराया गया भर्ती
घटना की गंभीरता को देखते हुए आपातकालीन टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला। एक अधिकारी ने बताया कि हादसे में घायल हुए सभी मजदूरों को एंबुलेंस के जरिए तुरंत वेल्लोर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC) अस्पताल और पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के चित्तूर स्थित एक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। अरक्कोणम से एनडीआरएफ की एक विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन और फायर सर्विस के जवानों के साथ मिलकर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

वेल्लोर की जिला कलेक्टर पी.एस. लीला एलेक्स खुद इस पूरे राहत अभियान की निगरानी कर रही थीं। गुरुवार शाम मीडिया से बातचीत करते हुए जिला कलेक्टर ने जानकारी दी कि घायल हुए मजदूरों में से कम से कम आठ की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
इस दर्दनाक हादसे के बाद जिला प्रशासन ने घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक औपचारिक जांच बैठा दी है। अधिकारियों के मुताबिक, एक विशेष समिति इस बात की गहराई से जांच करेगी कि आखिर यह निर्माण ढांचा क्यों गिरा और क्या काम के दौरान सभी जरूरी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया गया था या नहीं।

इसके अलावा अधिकारी यह भी वेरिफाई करेंगे कि चर्च के निर्माण के लिए बिल्डर या प्रबंधकों के पास सभी आवश्यक सरकारी स्वीकृतियां और बिल्डिंग परमिट थे या नहीं।

इस जांच के दायरे में निर्माण कार्य की संरचनात्मक स्थिरता (Structural Stability), कंक्रीट कार्य के दौरान इस्तेमाल किया गया सपोर्ट सिस्टम और बिल्डिंग बायलॉज की पालना जैसे गंभीर बिंदु शामिल होंगे।