दुनिया
- Edited by: मोनू झा
- Updated Aug 16, 2026, 11:30 PM IST
ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातमी ने अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने या मारने वाले के लिए 30,000 डॉलर का इनाम देने का ऐलान किया है। दूसरी ओर, ईरान के बुशेहर प्रांत से सांसद जाफर पूरकाब्गानी पर हालिया प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोलियां चलाने और कम से कम 19 लोगों को निशाना बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं।
![]()
अमेरिकी सैनिकों पर ईरान ने रखा 30 हजार डॉलर का इनाम (फोटो: एपी)
मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातमी (Amir Hatami) ने एक बेहद विवादित और सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि जो भी ईरानी नागरिक किसी अमेरिकी सैनिक को पकड़ेगा या मारेगा, उसे 30,000 डॉलर (लगभग 28 लाख रुपये) का इनाम दिया जाएगा। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक हातमी ने कहा कि इस इनाम की राशि का इंतजाम खुद 'ईरान की जनता' की तरफ से किया जाएगा। यह पहली बार नहीं है जब ईरान के शीर्ष नेतृत्व या अधिकारियों की ओर से ऐसा बयान आया हो, इससे पहले भी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर कई बड़े इनामों की घोषणाएं की जा चुकी हैं।
इस कूटनीतिक हलचल के बीच, ईरान के भीतर से एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दक्षिण-पूर्वी प्रांत बुशेहर (Bushehr) के सांसद और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के पूर्व कमांडर जाफर पूरकाब्गानी पर जनवरी में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान नागरिकों पर सीधे गोलियां चलाने के आरोप लगे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूरकाब्गानी ने स्थानीय बासिज ठिकाने और मस्जिद की छतों से प्रदर्शनकारियों पर हैंडगन और कलाश्निकोव राइफल से गोलियां बरसाईं।
गोलीबारी में दो की मौत, 19 घायल
मीडिया रिपोर्ट्स और प्रत्यक्षदर्शियों के खातों के मुताबिक, पूरकाब्गानी की इस गोलीबारी में कम से कम 19 लोग घायल हुए, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। स्थानीय लोग उन्हें उनके क्रूर रवैये के कारण 'जाफर द एक्स' के नाम से भी पुकारते हैं। आरोप है कि हिंसा के बाद उन्होंने पीड़ित परिवारों के घरों पर जाकर उन्हें यह बयान देने के लिए मजबूर करने की कोशिश की कि उनके बच्चों को 'आतंकवादियों' ने मारा है।
कौन हैं जाफर पोरकबगानी?
जाफर पोरकबगानी का लंबा इतिहास सुरक्षा बलों, बासिज नेटवर्क और प्रशासनिक पदों से जुड़ा रहा है। उन्होंने 2022 के 'महिला, जीवन, स्वतंत्रता' आंदोलनों के दौरान भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था। हालिया प्रदर्शनों को 'आतंकवादी साजिश' करार देते हुए उन्होंने न्यायपालिका से प्रदर्शनकारियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है। सेना प्रमुख की खुलेआम अमेरिकी सैनिकों पर इनाम की घोषणा और अपने ही सांसद द्वारा नागरिकों पर फायरिंग के इन आरोपों ने ईरान की अंदरूनी और बाहरी राजनीति को पूरी तरह गरमा दिया है।
![]()
मोनू झाauthor
मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।
और पढ़ें
- Hindi News
- World
End of Article