बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया।
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मुख्यमंत्री ने गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के बढ़े हुए जलस्तर, दियारा और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति के साथ-साथ राहत और बचाव कार्यों की भी समीक्षा की।
हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की और राहत-बचाव कार्यों को और तेज करने के निर्देश दिए।
सभी डीएम और एसपी जिले में रहें, प्रभावित लोगों तक तुरंत पहुंचे राहत
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में मौजूद रहें और लगातार स्थिति की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की पहचान कर उनकी सूची जल्द तैयार की जाए और जरूरतमंदों तक बिना देरी के राहत पहुंचाई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रभावित परिवार को सरकारी सहायता के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना चाहिए। प्रशासन को लोगों के बीच रहकर पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करना होगा, ताकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में भय या अफरा-तफरी का माहौल न बने।

राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई में लगातार मिले भोजन
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से प्रभावित लोगों को लगातार भोजन उपलब्ध कराया जाए। भोजन और राहत पहुंचाने के काम में किसी भी तरह की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री समय पर पहुंचे। जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था लगातार जारी रखी जाए।
निचले और संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशील और निचले इलाकों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया। जहां भी जरूरत हो, वहां तुरंत कार्रवाई कर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाए और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बक्सर से भागलपुर तक तटबंधों की होगी लगातार निगरानी
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग को बक्सर से लेकर भागलपुर तक गंगा नदी के तटबंधों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि तटबंधों में कटाव या टूट की किसी भी संभावना को गंभीरता से लिया जाए।
उन्होंने कि जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत मरम्मत तथा अन्य जरूरी काम कराएं। उन्होंने अधिकारियों को किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पहले से पूरी तैयारी रखने का निर्देश दिया।

आने वाले सप्ताह में भारी बारिश की संभावना नहीं
बैठक में बिहार मौसम सेवा केंद्र के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को मौसम की स्थिति की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले एक सप्ताह में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है।
वहीं, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में सोन नदी के जलस्तर में कमी आने की संभावना है। गंगा नदी के जलस्तर में भी धीरे-धीरे कमी का रुझान रहने का अनुमान है। प्रयागराज में गंगा नदी का जलस्तर कम होना शुरू हो गया है, जिसका असर आगे बिहार में भी देखने को मिल सकता है।
27 एसडीआरएफ और 9 एनडीआरएफ की टीमें तैनात
आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बैठक में बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य पूरी तत्परता के साथ चलाए जा रहे हैं। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 27 एसडीआरएफ और 9 एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। इन टीमों की मदद से जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन आवश्यकता के अनुसार राहत और बचाव कार्यों को और मजबूत करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है।
कमांड सेंटर को सीधे CM डैशबोर्ड से जोड़ने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति की लगातार निगरानी के लिए कमांड सेंटर को सीधे मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से जोड़ने का निर्देश दिया। इसके माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, राहत-बचाव कार्यों और प्रशासनिक कार्रवाई की नियमित निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर से भी की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान लोगों की जान की सुरक्षा, समय पर राहत पहुंचाना और प्रभावी बचाव कार्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी मुस्तैदी से काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पहले से पूरी रखी जाएं। प्रभावित लोगों को तय मानक प्रक्रिया यानी एसओपी के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
13 जिलों के डीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े
बैठक में जहानाबाद, अरवल, भोजपुर, नालंदा, रोहतास, औरंगाबाद, मुंगेर, भागलपुर, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, कटिहार और वैशाली सहित 13 जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। वहीं, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा बैठक में मौजूद रहे।