पिछले 250 पार्षदों में से 43 मैदान में: 82.8 फीसदी के टिकट कटे; भाजपा ने 115 और कांग्रेस ने 72 को दोबारा नहीं उतारा मैदान में - Jaipur News

Published on 1 सित॰ 2026

जयपुर40 मिनट पहलेलेखक: प्रमोद कुमार शर्मा

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भाजपा-कांग्रेस ने 207 को नहीं दिया टिकट

जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 के लिए टिकट वितरण और नामांकन के साथ ही दोनों प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि इस बार मुकाबला पूरी तरह नए चेहरों के दम पर लड़ा जाएगा। साल 2020 के चुनाव में जीत का परचम लहराने वाले 250 पार्षदों में से इस बार रिकॉर्ड 82.8% (207 पार्षद) चुनावी रेस से पूरी तरह बाहर कर दिए गए हैं।

दोनों दलों की सूची में इस बार ‘जीते हुए पुराने चेहरों’ के बजाय ‘नए चेहरों’ पर सबसे बड़ा दांव खेला गया है। 2020 के जयपुर ग्रेटर और हेरिटेज नगर निगम के सभी 250 विजेताओं में से इस बार जयपुर निगम के 150 वार्डों में कांग्रेस और भाजपा से सिर्फ 43 पुराने पिछले विजेता दोबारा टिकट हासिल कर सके। इनमें से 28 भाजपा और 15 कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।

भाजपा के 139 विजेता में से 24 को ही टिकट मिला। वहीं, कांग्रेस के 88 में सिर्फ 16 को दोबारा मौका दिया गया। 23 निर्दलीय विजेताओं में से तीन इस बार भाजपा और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इस तरह पांच साल पहले जीतकर आए पार्षदों में करीब 83 फीसदी चेहरे दोनों प्रमुख दलों की सूची में नहीं हैं। भाजपा ने पिछले विजेताओं में से 115 यानी करीब 82.7% को टिकट नहीं दिया। कांग्रेस के विजेताओं में टिकट नहीं पाने वालों की हिस्सेदारी करीब 81.8% रही। इस तरह कांग्रेस और भाजपा दोनों का रुख लगभग समान रहा। वहीं, वार्डों के परिसीमन और पुनर्गठन के कारण पुराने और नए वार्ड नंबरों में बदलाव हुआ है। इस तरह 250 में सिर्फ 17.2% टिकट हासलि कर सके।

वार्डों के परिसीमन से पुराने पार्षदों की जमीन खिसकी, टिकट कट गए

जयपुर ग्रेटर और हेरिटेज को एक कर वार्डों के परिसीमन और पुनर्गठन के कारण पुराने और नए वार्ड नंबरों के साथ उनके भौगोलिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। कई पुराने पार्षदों के मजबूत वोट बैंक वाले क्षेत्र अन्य वार्डों में चले गए, जिससे उनका दावा कमजोर हो गया। पांच साल के कार्यकाल के बाद स्थानीय स्तर पर पार्षदों के खिलाफ जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी का जोखिम के कारण भी दोनों प्रमुख दलों ने ‘’साफ और नई छवि’’ पेश करने के लिए पुराने चेहरों को हटाकर नए उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है। संगठनों के भीतर लंबे समय से काम कर रहे नए और सक्रिय कार्यकर्ताओं को मौका देने का भारी दबाव था। टिकट न बदलने पर अंदरूनी बगावत का खतरा बढ़ गया।

9 ने बदल ली पार्टी पुराने विजेताओं में कुछ ऐसे चेहरे भी हैं जो दूसरे दल के टिकट पर मैदान में हैं। इनमें 4 कांग्रेस से भाजपा में गए, जबकि दो भाजपा से कांग्रेस में आए। 2020 में निर्दलीय जीतने वाले 3 पार्षदों में से दो भाजपा और एक कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। 2020 में ग्रेटर और हेरिटेज निगम में 250 वार्ड थे। अब 150 वार्ड।

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