25 दिन में ही मंत्री पद खत्म: वाल्मीकि घोटाले में घिरे बी नागेंद्र का इस्तीफा; प्रेस कॉन्फ्रेंस में फफक-फफक कर रोए - Haribhoomi

Published on 28 अग॰ 2026

कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र ने वाल्मीकि निगम घोटाले के आरोपों के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'मनुवादियों' ने उन्हें निशाना बनाया है।

Karnataka cabinet minister B Nagendra resignation

कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र ने वाल्मीकि निगम घोटाले के आरोपों के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

  • Published: 28 Aug 2026, 07:27 PM IST
  • Last Updated: 28 Aug 2026, 08:20 PM IST

B Nagendra resignation: कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। राज्य के योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी नागेंद्र ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। हैरानी की बात यह है कि उन्होंने मंत्रिमंडल में दोबारा शामिल होने के महज 25 दिनों के भीतर ही यह कदम उठाया है। कथित महर्षि वाल्मीकि निगम घोटाले के चलते उन्हें यह फैसला लेना पड़ा।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि 'मनुवादियों' ने उन्हें इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वे किसी आदिवासी व्यक्ति को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने दो टूक कहा कि विपक्षी दल उन्हें ईडी (ED) या सीबीआई (CBI) के नाम पर डरा नहीं सकते हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में फफक कर रो पड़े नागेंद्र
शुक्रवार शाम को जब बी नागेंद्र ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के मंत्रिमंडल से अपने इस्तीफे का ऐलान किया, तो वे पत्रकारों के सामने भावुक होकर रो पड़े। भ्रष्टाचार के जिन आरोपों के कारण उन्हें दो साल पहले भी अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी, उन्हीं आरोपों को लेकर इस बार भी विपक्षी दलों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। अगस्त के पहले सप्ताह में जब डीके शिवकुमार ने कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली थी, तब नागेंद्र ने दोबारा कैबिनेट में वापसी की थी।

VIDEO | Bengaluru: "I am submitting my resignation to CM today to ensure party does not face any embarrassment", says Karnataka Minister Nagendra. pic.twitter.com/3ysOZovm5v

— Press Trust of India (@PTI_News) August 28, 2026

एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, "आज मैं स्वेच्छा से मंत्री पद से अपना इस्तीफा दे रहा हूं।" नागेंद्र ने बताया कि उन्होंने अपना त्यागपत्र मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को सौंप दिया है।

89 करोड़ रुपये के वाल्मीकि निगम घोटाले का मामला
विपक्ष की मुख्य पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल सेक्युलर (JDS) दो साल पहले इसी मामले में उनके इस्तीफे के बाद से ही उनकी दोबारा कैबिनेट में वापसी का पुरजोर विरोध कर रहे थे। विपक्षी दलों का आरोप है कि बी नागेंद्र 89 करोड़ रुपये के कर्नाटक स्टेट महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम घोटाले में संलिप्त हैं।

यह पूरा भ्रष्टाचार मामला तब रोशनी में आया था जब मई 2024 में निगम के अकाउंट्स ऑफिसर चंद्रशेखरन पी ने आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले उन्होंने एक सुसाइड नोट छोड़ा था जिसमें अनधिकृत रूप से फंड ट्रांसफर किए जाने के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद हुई आगे की जांच में यह बात सामने आई थी कि निगम के बैंक खातों से भारी-भरकम राशि अन्य कई खातों में अवैध रूप से ट्रांसफर की गई थी।

"जनता की अदालत में जाने को तैयार", ईडी-सीबीआई से नहीं डरने की बात
अपने इस्तीफे के ऐलान से ठीक पहले नागेंद्र ने कहा था कि वे मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात करेंगे और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपना फैसला साझा करेंगे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि एक गहरी साजिश के तहत उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि बीजेपी केंद्रीय जांच एजेंसियों का डर दिखाकर उन्हें दबा नहीं सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे विधायक पद से भी इस्तीफा देने और "जनता की अदालत" में जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।