सालों के लंबे इंतजार के बाद ओखला एनक्लेव के पीड़ितों को मिली बड़ी राहत! सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दुर्गा बिल्डर कॉलोनी में प्राइवेट एजेंसी खंगालेगी धरातल की हकीकत; बुनियादी सुविधाओं और जमीन के रिकॉर्ड का होगा नया आंकलन।
Supreme Court Order.
- Published: 09 Aug 2026, 06:07 PM IST
- Last Updated: 09 Aug 2026, 06:07 PM IST
फरीदाबाद में स्थित दुर्गा बिल्डर कॉलोनी में सालों से अपने प्लॉट मिलने की राह देख रहे सैकड़ों खरीदारों के लिए एक बेहद राहतभरी खबर आई है। सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के कड़े रुख और स्पष्ट आदेश के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटी इस बहुचर्चित कॉलोनी का नए सिरे से विस्तृत सर्वे कराने की कवायद शुरू हो गई है।
इस पूरी प्रक्रिया में केवल कागजी रिकॉर्ड ही नहीं जांचे जाएंगे, बल्कि मौके पर जाकर सड़कों की स्थिति, सीवरेज नेटवर्क, पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइनों और जलभराव वाले क्षेत्रों की वास्तविक जमीनी हकीकत का भी जायजा लिया जाएगा।
2013 से देश की सबसे बड़ी अदालत में अटका है मामला
उल्लेखनीय है कि दुर्गा बिल्डर कॉलोनी का यह विवादित मामला वर्ष 2013 से देश की सबसे शीर्ष अदालत में विचाराधीन है। 'ओखला एनक्लेव प्लॉट होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन' द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने अब पूरे इलाके की वर्तमान स्थिति का नए सिरे से सटीक आंकलन करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।
234 एकड़ से अधिक भूभाग पर फैली है पूरी कॉलोनी
नगर योजना विभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, लाइसेंस प्राप्त इस संपूर्ण कॉलोनी का कुल क्षेत्रफल 234.674 एकड़ है। इसे प्रशासनिक और विकास की दृष्टि से दो अलग-अलग हिस्सों (फेज) में बांटा गया है।
• फेज-1: यह चरण लगभग 126.725 एकड़ भूमि में फैला हुआ है।
• फेज-2: यह दूसरा चरण करीब 107.95 एकड़ क्षेत्र को कवर करता है।
सर्वोच्च अदालत ने 18 मई को अपने निर्देशों में कॉलोनी का संशोधित लेआउट प्लान दोबारा बनाने, अवैध कब्जों और अतिक्रमणों को पूरी तरह हटाने तथा वास्तविक हकदार प्लॉटधारकों को उनका हक दिलाकर राहत पहुंचाने के निर्देश दिए थे।
निजी एजेंसी करेगी जमीनी निरीक्षण, हटेगा अवैध कब्जा
डीटीपी (एन्फोर्समेंट) यजन चौधरी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए एक प्राइवेट एजेंसी की मदद से यह व्यापक सर्वे कराया जाएगा। सर्वे की रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही कॉलोनी की असली तस्वीर सामने आ पाएगी। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर नया लेआउट तैयार किया जाएगा और रास्ते में रोड़ा बने अवैध निर्माणों व अतिक्रमणों पर बुलडोजर चलाने या हटाने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कई जिलों के खरीदारों की करोड़ों की जमा पूंजी फंसी
दुर्गा बिल्डर कॉलोनी में केवल फरीदाबाद ही नहीं, बल्कि हरियाणा, दिल्ली और आसपास के कई अन्य जिलों के आम लोगों ने भी अपने सपनों का आशियाना बनाने के लिए प्लॉट खरीदे थे। लंबे समय से कानूनी दांव-पेच और विवाद में फंसे होने के कारण निवेशकों का पैसा और उनका भविष्य अनिश्चितता के भंवर में अटका हुआ था। अब सर्वोच्च न्यायालय की इस पहल से उन सभी पीड़ित परिवारों में न्याय और अपने आशियाने का कब्जा पाने की एक नई आस जग गई है। सर्वे संपन्न होने के बाद अदालत के निर्देशानुसार आगे की ठोस कार्रवाई की जाएगी।