भारत का माल पाक पहुंच रहा, अटारी खाली, दूसरे रास्तों से 2285 करोड़ का ट्रेड - Amritsar News

Published on 8 अग॰ 2026

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अगर आप सोच रहे हैं कि भारत से पाकिस्तान का कारोबार बंद है तो आप गलत हैं। दोनों देशों के बीच सिर्फ अटारी के रास्ते व्यापार बंद है। 8 अगस्त 2019 से लागू इस पाबंदी को शनिवार को 7 साल पूरे हो जाएंगे। इन सात वर्षों में एक भी साल ऐसा नहीं रहा, जब पाकिस्तान के साथ भारत का कारोबार शून्य हुआ हो। सिर्फ अटारी के रास्ते पाकिस्तान से ट्रेड जीरो हुआ है।

पाकिस्तान की ओर से लगाई गई इस पाबंदी की 7वीं सालगिरह पर दैनिक भास्कर ने देश की कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के आंकड़ों का एनालिसिस किया। सामने आया कि 2025-26 में भी भारत ने पाकिस्तान को 2,284.50 करोड़ रुपए का माल निर्यात किया। यानी दोनों देशों के बीच व्यापार जारी है, लेकिन अटारी को इसका फायदा नहीं मिल रहा।

अटारी से 2018 में 4,370.78 करोड़ का कारोबार और 49,102 कार्गो मूवमेंट हुई थी। अटारी लैंड पोर्ट के मुताबिक 2019-20 में यह 2,772.04 करोड़ रुपए था।

2020-21 में दोनों देशों में 2,639.95 करोड़ का ट्रेड हुआ। 2021-22 में 3,002.38 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ। वहीं 2022-23 में 2,257 करोड़, 2023-24 में 3,886.53 करोड़ और 2024-25 में 4,148.53 करोड़ रुपए रहा। 2025-26 में यह अचानक घटकर 117.02 करोड़ रुपए रह गया। खास बात यह है कि 2025-26 का यह पूरा 117.02 करोड़ रुपए का कारोबार अफगानिस्तान के साथ हुआ।

पाकिस्तान के साथ अटारी से कारोबार जीरो रहा। मुंद्रा, दिल्ली मुंबई से पाक जाता है माल ... अटारी-वाघा के अलावा मुंबई का नहावा शेवा और मुंद्रा भारतीय निर्यात के प्रमुख रास्ते हैं। दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद से एयर कार्गो के जरिए भी भारतीय माल जाता है। यहां पाक का माल अरब देशों, दुबई आदि से आता है।

ट्रेड बंद होने का नुकसान अटारी, अमृतसर और पंजाब के उन कारोबारियों को हुआ, जिनका काम सीमा पार माल की आवाजाही से जुड़ा था। ट्रांसपोर्टर, ट्रक ऑपरेटर, कस्टम क्लियरिंग एजेंट, फ्रेट फॉरवर्डर और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कारोबारियों के लिए अटारी कभी बड़ा कारोबारी केंद्र था।

पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से आयात होने वाले सामान पर 200% ड्यूटी लगा दी। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने से नाराज पाकिस्तान ने 8 अगस्त 2019 को अटारी के रास्ते भारत के साथ व्यापार पूरी तरह बंद कर दिया। इसके बाद समुद्री और हवाई रास्तों समेत दूसरे माध्यमों से भारत-पाकिस्तान के बीच कारोबार जारी रहा, लेकिन अटारी का कारोबार लगातार सिमटता गया।

हालात यह हो गए हैं कि जो ट्रक कभी खाली नहीं रहते थे, उनके 'अस्थि पिंजर' अटारी रोड पर जगह-जगह दिख जाते हैं। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक 2018-19 में दोनों देशों में कुल 14426 करोड़ का कारोबार हुआ था। 2023-24 में यह 9,887.01 करोड़ रुपए था। इसमें पाकिस्तान को निर्यात 9,863 करोड़ का रहा ।

2024-25 में यह 4,724.01 करोड़ और 2025-26 में 2,285.08 करोड़ रुपए रह गया। यानी अब दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापार में लगभग पूरा हिस्सा भारत से निर्यात का है। 2025-26 में भारत ने पाकिस्तान को 2,284.50 करोड़ रुपए का माल बेचा, जबकि पाकिस्तान से भारत का आयात महज 59 लाख रुपए रह गया।

पाकिस्तान से भारत का आयात पिछले कुछ वर्षों में तेजी से घटा है। 2022-23 में भारत ने पाकिस्तान से 157.77 करोड़ रुपए का माल खरीदा था। यानी पाक से भारत की खरीद अब लगभग खत्म होने की स्थिति में है। उधर अटारी के लिए बड़ा झटका कार्गो को लगा है। 2018-19 में यहां 49,102 कार्गो मूवमेंट हुए थे। 2019-20 में यह घटकर 6,655, 2020-21 में 5,250 रह गए। 2025-26 में सिर्फ 214 कार्गो मूवमेंट हुए। यानी 99.6% की कमी।