22 साल में प्रदेश में 6 से 33 कॉलेज हुए: भोपाल में अभी 7 मेडिकल कॉलेज, अब सैम-सेज भी दो कॉलेज ला रहे - Bhopal News

Published on 13 अग॰ 2026

भोपाल18 मिनट पहले

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मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश नया हब बनते जा रहा है। वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे। इनमें 5 सरकारी और एक निजी था। अब 2026 तक मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। इनमें 19 सरकारी और 14 निजी कॉलेज हैं। राज्य सरकार ने 2028 तक यह संख्या 52 करने का लक्ष्य रखा है।

खास बात यह है कि इन 33 कॉलेजों में भोपाल के जीएमसी सहित 7 कॉलेज हैं। अब अगले सत्र से भोपाल में सेज यूनिवर्सिटी और सैम यूनिवर्सिटी भी 2 मेडिकल कॉलेज शुरू कर सकती हैं। अगले 5 साल की बात करें तो भोपाल में ही 13 मेडिकल कॉलेज हो सकते हैं।

मेडिकल कॉलेजों के विस्तार के साथ एमबीबीएस सीटों में भी रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। वर्ष 2003 में प्रदेश में 1,250 सीटें थीं। 2025 के प्रवेश सत्र में यह बढ़कर 5,550 हो गईं। यानी 22 साल में सीटों में 4.4 गुना वृद्धि हुई। अब साल 2028 तक एमबीबीएस सीटों की संख्या 7,450 तक करने की तैयारी है। भोपाल में अभी 1450 सीटें हैं। 2 नए कॉलेज खुलने से संख्या 1750 हो जाएगी।

भोपाल में अगले साल तक 8 निजी कॉलेज होंगे निजी मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में भी भोपाल बड़ा सेंटर बनते जा रहा है। शहर में पहले से छह निजी मेडिकल कॉलेज हैं, अब दो और निजी मेडिकल कॉलेज शुरू होने वाले हैं। सेज यूनिवर्सिटी का मेडिकल कॉलेज कटारा हिल्स स्थित कैंपस में खुलेगा। सेम यूनिवर्सिटी का मेडिकल कॉलेज आगरिया चौपड़ा में शुरू होगा। इन संस्थानों के लिए चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने डिमांड एंड डिजायरेबिलिटी सर्टिफिकेट जारी कर दिए हैं। अब राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) से अनुमति की प्रक्रिया होगी।

प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी

  • प्रदेश में अब 2,862 पीजी सीटें हैं।
  • 93 सुपर स्पेशियलिटी सीटें उपलब्ध हैं।
  • भोपाल में अभी 1450 सीटें हैं। 2 नए कॉलेजों से संख्या 1750 हो जाएगी।
  • विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी।

अगले पांच साल में भोपाल में शुरू हो सकते हैं 13 मेडिकल कॉलेज

आगामी पांच साल में आईईएस मेडिकल कॉलेज, सागर ग्रुप का एक मेडिकल कॉलेज, मध्यांचल यूनिवर्सिटी का मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारी है। आरकेडीएफ ग्रुप का एक मेडिकल कॉलेज गांधी नगर कैंपस में खोलने की तैयारी है। इस तरह देखा जाए तो पांच साल में करीब 4 मेडिकल कॉलेज और खुल सकते हैं। इसे मिलाकर शहर में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 13 से ज्यादा हो सकती है।

इसके अलावा इंदौर में ओरिएंटल ग्रुप एक मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी कर रहा है। मेडिकल शिक्षा अब भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही। सिवनी, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, सिंगरौली जैसे जिलों में भी कॉलेज शुरू हो चुके हैं। इससे रिमोट एरिया में विशेषज्ञों की सेवाएं मिल सकेंगी। ऐसे में कम गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को भोपाल-इंदौर नहीं आना पड़ेगा।

दो संस्थानों को सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है। अब एनएमसी इन कॉलेजों का निरीक्षण करेगी। उसके बाद मानकों के अनुरूप संसाधन, फैकल्टी और अधोसंरचना मिलने पर कॉलेजों को संचालन और एमबीबीएस सीटों की मंजूरी दी जा सकेगी। सरकारी मेडिकल कॉलेज भी खुलेंगे। -डॉ. अरुणा कुमार, संचालक, चिकित्सा शिक्षा विभाग

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