गयाजी34 मिनट पहले
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गया शहर के गांधी मैदान में सेवा भारती की ओर से दसवें कन्या पूजन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ नागालैंड के राज्यपाल नन्द किशोर यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर शहर और आसपास की बस्तियों से आई करीब 2100 कन्याओं का विधि-विधान के साथ पूजन किया गया।
राज्यपाल नन्द किशोर यादव ने खुद आगे बढ़कर कन्याओं के पैर पखारे, उनका पूजन किया, उन्हें उपहार भेंट किए और श्रद्धा के साथ उन्हें भोजन भी कराया। इस दौरान महिलाओं में भी भारी उत्साह देखा गया और वे बड़ी संख्या में बस्तियों से पहुंचकर कन्याओं के पूजन कार्य में पूरी निष्ठा के साथ जुटी रहीं। सेवा भारती के कार्यक्रम में शामिल होने से पूर्व राज्यपाल विष्णुपद मन्दिर में भगवान श्री हरि का दर्शन किया।

राज्यपाल को सम्मानित करते सेवा भारती के एक सदस्य।
समाज से भेदभाव मिटाने का एक अनूठा प्रयास: राज्यपाल
समारोह को संबोधित करते हुए नागालैंड के राज्यपाल नन्द किशोर यादव ने कहा कि गयाजी में सेवा भारती के माध्यम से इस अद्भुत कन्या पूजन समारोह में भाग लेने का उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा अनूठा कार्यक्रम है जिसके माध्यम से समाज के अंदर फैले भेदभाव की समाप्ति हो। कन्याओं का सम्मान और उनकी सुरक्षा हो तथा उन्हें आगे बढ़ने का पर्याप्त अवसर मिले।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में आगे कहा कि इस प्रकार के विशेष अभियान आज गयाजी सेवा भारती के द्वारा चलाए जा रहे हैं, जिनके लिए वे संगठन के सभी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हैं। इस तरह का इतने बड़े स्तर पर इससे पहले हमने आयोजन नहीं देखा। उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे सभी पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें, सभी के घरों में सुख-शांति और समृद्धि की वर्षा करें तथा देश की उन्नति में हर नागरिक का सक्रिय योगदान हो।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते राज्यपाल नंद किशोर यादव।
एक दशक से चल रही है यह परंपरा, लगातार बढ़ रहा दायरा
मुख्य आयोजनकर्ता प्रमोद भदानी ने जानकारी दी कि पिछले 10 वर्षों से सेवा भारती की ओर से लगातार यह भव्य कन्या पूजन किया जा रहा है। हर साल इसमें पूजी जाने वाली कन्याओं की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है, और इस वर्ष 2100 कन्याओं का पूजन कर एक नया रिकॉर्ड और मिसाल कायम की गई है।
उन्होंने कहा कि यह सफलता और मिसाल संस्कार भारती की प्रेरणा व देन है। पहले इस क्षेत्र में संगठन की मात्र 16 शाखाएं थीं, जो अब बढ़कर 32 हो गई हैं और आने वाले दिनों में इसका दायरा और भी अधिक विस्तृत होगा। कार्यक्रम की सराहना गया की डिप्टी मेयर चिंता देवी ने भी की और इसे सामाजिक समरसता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

एक कन्या के साथ महिलाएं।
देश में अराजकता फैलाने वालों को मिलेगा मां दुर्गा का करारा जवाब
कार्यक्रम में अखिल भारतीय सेवा भारती के सेवा प्रमुख राजकुमार माटले ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने कन्या पूजन के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आज देश के भीतर कुछ ताकतें अराजकता पैदा करने का प्रयास कर रही हैं। विदेश के इशारे पर कुछ 'जयचंद' इस तरह के कृत्यों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर मां दुर्गा इन सभी आसुरी ताकतों का पूरी तरह से संहार करेंगी।
इस भव्य आयोजन ने गया शहर में एक बार फिर से सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक एकता की एक मजबूत मिसाल पेश की है, जहां गणमान्य अतिथियों और हजारों शहरवासियों की उपस्थिति ने इस अनुष्ठान को ऐतिहासिक बना दिया।
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