अयोध्या से चित्रकूट तक बनेगा 210 किमी लंबा राम वनगमन पथ, फोरलेन हाईवे से जुड़ेंगे प्रभु श्रीराम के वनवास मार्ग

Published on 7 सित॰ 2026

अयोध्या से चित्रकूट तक बनेगा 210 किमी लंबा राम वनगमन पथ, फोरलेन हाईवे से जुड़ेंगे प्रभु श्रीराम के वनवास मार्ग

उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। अयोध्या से चित्रकूट तक करीब 210 किलोमीटर लंबा राम वनगमन पथ बनाया जा रहा है। यह वही मार्ग होगा, जिसे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान तय किया था। इस मार्ग को आधुनिक सुविधाओं से लैस फोरलेन हाईवे के रूप में विकसित किया जा रहा है।

राम के वनवास मार्ग को मिलेगा नया स्वरूप

राम वनगमन पथ परियोजना का उद्देश्य उन प्रमुख स्थानों को जोड़ना है, जिनका संबंध भगवान श्रीराम के वनवास काल से माना जाता है। अयोध्या से शुरू होकर यह मार्ग चित्रकूट तक जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इन धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में आसानी होगी।सरकार इस मार्ग को केवल यातायात सुविधा के रूप में नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जोड़कर देख रही है।

फोरलेन हाईवे से आसान होगी यात्रा

राम वनगमन पथ को फोरलेन हाईवे के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे अयोध्या और चित्रकूट के बीच यात्रा का समय कम होगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी।मार्ग के चौड़ीकरण के साथ यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। साथ ही रास्ते में आने वाले धार्मिक स्थलों और पर्यटन केंद्रों को भी विकसित करने की योजना है।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद धार्मिक पर्यटन में तेजी आई है। इसी कड़ी में राम वनगमन पथ परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मार्ग के विकसित होने से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भगवान श्रीराम से जुड़े स्थलों का आसानी से दर्शन कर सकेंगे।चित्रकूट पहले से ही धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान काफी समय चित्रकूट में बिताया था।

स्थानीय क्षेत्रों को भी मिलेगा लाभ

राम वनगमन पथ बनने से आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सड़क किनारे पर्यटन सुविधाएं, छोटे व्यवसाय और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल सकता है।सरकार का लक्ष्य है कि इस परियोजना के जरिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति दी जाए।अयोध्या से चित्रकूट तक बनने वाला यह हाईवे आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक मार्ग बन सकता है, जो भगवान श्रीरा की वनवास यात्रा की स्मृतियों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ेगा।

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