Sishamau Assembly Caste Equations: सीसामऊ जातिगत समीकरण और 2027 चुनाव

Published on 3 सित॰ 2026

Sishamau Assembly Caste Equations में मुस्लिम मतदाता सबसे मजबूत सामाजिक धुरी हैं, लेकिन ब्राह्मण, दलित, कायस्थ, वैश्य और OBC वोट के बिना सीट का पूरा चुनावी गणित नहीं बनता। पुराने चुनावी अनुमानों में मुस्लिम मतदाता करीब 72 से 80 हजार के बीच बताए गए हैं।

2026 की अंतिम मतदाता सूची में सीसामऊ विधानसभा में 2,12,940 मतदाता हैं। इनमें 1,12,541 पुरुष, 1,00,397 महिला और 2 अन्य मतदाता शामिल हैं। 2026 SIR से पहले के पुराने आधार की तुलना में मतदाता संख्या 50,558 कम, यानी करीब 19.19 प्रतिशत घटी है।

सीसामऊ विधानसभा संख्या 213 है। यह सामान्य सीट और कानपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। वर्तमान विधायक समाजवादी पार्टी की नसीम सोलंकी हैं। नवंबर 2024 के उपचुनाव में उन्होंने BJP के सुरेश अवस्थी को 8,564 वोट से हराया था।

उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के चुनावी परिणाम काफी हद तक जटिल जातिगत समीकरणों और ‘सोशल इंजीनियरिंग’ पर निर्भर करते हैं, जिन्हें आगामी 2027 के चुनाव की दिशा तय करने में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

राज्य के सभी 75 जिलों में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया गया है, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या में बदलाव दर्ज हुआ हैं।

कानपुर नगर जिले के सीसामऊ विधानसभा के 2012  से 2022 तक का तुलनात्मक विश्लेषण में बदलाव दर्ज हुआ है।.  उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के 2007 से 2022 तक के चुनावी इतिहास, विजेता-उपविजेता प्रत्याशियों और मत प्रतिशत के तुलनात्मक विश्लेषण के लिए मदद ली जा सकती है।

सीसामऊ विधानसभा एक नजर में

विवरणजानकारी
विधानसभासीसामऊ
विधानसभा संख्या213
जिलाकानपुर नगर
लोकसभा क्षेत्रकानपुर
आरक्षणसामान्य
वर्तमान विधायकनसीम सोलंकी
पार्टीसमाजवादी पार्टी
2026 कुल मतदाता2,12,940
पुरुष मतदाता1,12,541
महिला मतदाता1,00,397
अन्य2
दिव्यांग मतदाता1,004
18-19 वर्ष मतदाता3,158
SIR ड्राफ्ट मतदाता1,99,010
ड्राफ्ट से अंतिम वृद्धि13,930
प्री-SIR से शुद्ध कमी50,558
कमी प्रतिशत19.19%
2024 उपचुनाव SP वोट69,714
2024 उपचुनाव BJP वोट61,150
SP जीत8,564 वोट
2022 SP जीत12,266 वोट
2024 लोकसभा कांग्रेस बढ़त26,475 वोट
प्रमुख समूहमुस्लिम, ब्राह्मण, दलित, कायस्थ, वैश्य, यादव, कुर्मी, पाल

Sishamau Assembly Caste Equations: मुस्लिम वोट सबसे बड़ी चुनावी धुरी

Sishamau Assembly Caste Equations की सबसे साफ विशेषता मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी मौजूदगी है। अलग-अलग पुराने चुनावी आकलनों में मुस्लिम वोट करीब 72 से 80 हजार के आसपास बताया गया है।

दूसरे सामाजिक समूहों की संख्या को लेकर ज्यादा अंतर है। कुछ पुराने मॉडल ब्राह्मण मतदाताओं को 32 हजार बताते हैं, जबकि दूसरे अनुमान 50-55 हजार तक रखते हैं। इसी तरह दलित और कायस्थ वोट के अनुमान भी काफी अलग हैं।

सीसामऊ का संकेतात्मक पुराना जातीय समीकरण

जाति/समुदायपुराने अनुमानों का संकेत
मुस्लिमकरीब 72-80 हजार
ब्राह्मणकरीब 32-55 हजार
दलित/SCअलग अनुमानों में 35 हजार से अधिक
कायस्थकरीब 20 हजार से ऊपर
वैश्यकरीब 12-35 हजार
यादवकरीब 15-25 हजार
कुर्मीकरीब 20 हजार
पालकरीब 15 हजार
पंजाबी-सिंधीउल्लेखनीय शहरी वोट
अन्य OBC व सामाजिक समूहमहत्वपूर्ण संख्या

ये गैर-आधिकारिक चुनावी अनुमान हैं। निर्वाचन नामावली जाति या धर्म के आधार पर मतदाताओं की संख्या प्रकाशित नहीं करती।

पुराने अलग-अलग मॉडलों का कुल भी वास्तविक वोटर लिस्ट से पूरी तरह मेल नहीं खाता। इसलिए इन आंकड़ों से सटीक 2026 जातिवार संख्या निकालना उचित नहीं होगा।

2026 में सिर्फ 2,12,940 मतदाता, कानपुर नगर की सबसे छोटी सीट

2026 की अंतिम मतदाता सूची के अनुसार कानपुर नगर की दस विधानसभा सीटों में सीसामऊ सबसे कम मतदाता वाली विधानसभा है।

सीसामऊ वोटर लिस्ट 2026

विवरणमतदाता
प्री-SIR पुराना आधारकरीब 2,63,498
6 जनवरी 2026 ड्राफ्ट1,99,010
10 अप्रैल 2026 अंतिम सूची2,12,940
ड्राफ्ट से अंतिम वृद्धि13,930
प्री-SIR से शुद्ध कमी50,558
कमी प्रतिशत19.19%

ड्राफ्ट से अंतिम सूची तक दावे-आपत्तियों और नए आवेदनों के बाद करीब 14 हजार मतदाता बढ़े। दूसरी तरफ पुराने प्री-SIR आधार के मुकाबले अंतिम सूची करीब 50.5 हजार कम है।

दोनों आंकड़े अलग चरणों की तुलना हैं।

2022 विधानसभा चुनाव के समय सीट पर करीब 2.75 लाख मतदाता थे, जबकि 2024 उपचुनाव के दौरान संख्या करीब 2.7 लाख रही। इसलिए 2027 का मतदाता आधार पिछले दोनों विधानसभा मुकाबलों से काफी बदला हुआ रहेगा।

मुस्लिम वोट SP का सबसे मजबूत आधार, लेकिन अकेले जीत का गणित नहीं

मुस्लिम मतदाता सीसामऊ में सबसे बड़ा एकल सामाजिक समूह माने जाते हैं। यही SP की सीट पर सबसे मजबूत शुरुआती ताकत भी है।

लेकिन हालिया नतीजे बताते हैं कि केवल मुस्लिम वोट से जीत का पूरा गणित नहीं बनता।

2022 में इरफान सोलंकी को 79,163 वोट मिले।

2024 के उपचुनाव में नसीम सोलंकी को 69,714 वोट मिले।

दोनों आंकड़े पुराने मुस्लिम मतदाता अनुमान के आसपास हैं, लेकिन हर चुनाव में मुस्लिम मतदान प्रतिशत 100 नहीं रहता। इसलिए SP की जीत में गैर-मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी भी जरूरी रही है।

विशेष रूप से दलित, यादव, दूसरे OBC और कुछ सवर्ण वोट में SP की हिस्सेदारी जीत के अंतर को सुरक्षित करती है।

ब्राह्मण वोट BJP के लिए सबसे महत्वपूर्ण विस्तार क्षेत्र

सीसामऊ के जातिगत समीकरण में ब्राह्मण मतदाता BJP के लिए प्रमुख आधारों में माने जाते हैं।

2012 में BJP ने हनुमान स्वरूप मिश्रा, 2017 और 2024 उपचुनाव में सुरेश अवस्थी जैसे ब्राह्मण चेहरों को मैदान में उतारा।

2024 के उपचुनाव में सुरेश अवस्थी ने 61,150 वोट, यानी करीब 46 प्रतिशत मत हासिल किए।

इससे साफ है कि BJP का वोट केवल ब्राह्मण मतदाताओं तक सीमित नहीं है। पार्टी को वैश्य, कायस्थ, गैर-यादव OBC और दलित मतों में भी बड़ा समर्थन मिलता है।

2027 में BJP की जीत का रास्ता ब्राह्मण-सवर्ण वोट की मजबूत एकजुटता के साथ मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के बाहर अधिकतम मतदान और दलित-OBC वोट में सेंध से निकलेगा।

दलित वोट क्यों है सबसे बड़ा स्विंग फैक्टर?

सीसामऊ 2012 के परिसीमन से पहले लंबे समय तक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रही थी। इसलिए विधानसभा में दलित समाज की पुरानी और महत्वपूर्ण मौजूदगी है।

लेकिन पुराने जातीय अनुमानों में दलित वोट की संख्या को लेकर बड़ा अंतर है। कुछ आंकड़े करीब 35-45 हजार का संकेत देते हैं, जबकि एक दूसरे पुराने आकलन में SC वोट इससे काफी ज्यादा बताया गया।

इसलिए संख्या से ज्यादा चुनावी ट्रेंड देखना उपयोगी है।

BSP का वोट तेजी से गिरा है।

चुनावBSP वोट
विधानसभा 201711,949
विधानसभा 20222,937
2024 उपचुनाव1,410
लोकसभा 20241,557

BSP की कमजोरी का मतलब दलित मतदाताओं का खत्म होना नहीं है। इसका अर्थ है कि उनका वोट दूसरी पार्टियों में बंट रहा है।

2027 में यही वोट BJP और SP के बीच सबसे महत्वपूर्ण स्विंग क्षेत्रों में एक रहेगा।

कायस्थ और वैश्य वोट शहरी चुनाव में अहम

सीसामऊ का सामाजिक ढांचा पूरी तरह धार्मिक ध्रुवीकरण तक सीमित नहीं है। कायस्थ और वैश्य समुदाय भी पुराने चुनावी अनुमानों में महत्वपूर्ण बताए गए हैं।

सीसामऊ, गुमटी और आसपास के बाजारों में व्यापारी और मध्यम वर्ग का बड़ा असर है।

इन मतदाताओं के लिए कानून-व्यवस्था, कारोबार, पार्किंग, ट्रैफिक, अतिक्रमण, टैक्स और शहरी सुविधाओं जैसे सवाल जातिगत पहचान के समानांतर चलते हैं।

BJP के लिए यह वर्ग महत्वपूर्ण है, जबकि SP को सीट पर अपनी बढ़त बढ़ाने के लिए शहरी गैर-मुस्लिम वोट में अतिरिक्त समर्थन चाहिए।

यादव, कुर्मी और पाल वोट छोटे नहीं

पुराने अनुमान में यादव करीब 15 से 25 हजार, कुर्मी करीब 20 हजार और पाल करीब 15 हजार तक बताए गए हैं।

ये समुदाय मुस्लिम या ब्राह्मण मतदाताओं के मुकाबले छोटे हो सकते हैं, लेकिन संयुक्त रूप से काफी बड़ी चुनावी ताकत बनते हैं।

2024 उपचुनाव सिर्फ 8,564 वोट से तय हुआ था।

ऐसे में किसी 10-20 हजार मतदाता वाले सामाजिक समूह में कुछ हजार वोट का बदलाव भी चुनाव पलट सकता है।

इसीलिए SP की PDA रणनीति और BJP की गैर-यादव OBC रणनीति दोनों के लिए ये समुदाय महत्वपूर्ण रहेंगे।

2024 उपचुनाव में नसीम सोलंकी ने बचाई SP की सीट

सीसामऊ में नवंबर 2024 का उपचुनाव 2027 से पहले सबसे महत्वपूर्ण विधानसभा नतीजा है।

SP की नसीम सोलंकी को 69,714 वोट, जबकि BJP के सुरेश अवस्थी को 61,150 वोट मिले।

सीसामऊ विधानसभा उपचुनाव 2024

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
नसीम सोलंकीSP69,71452.36%
सुरेश अवस्थीBJP61,15045.93%
वीरेंद्र कुमारBSP1,4101.06%
SP की जीत8,5646.43 प्रतिशत अंक

नसीम सोलंकी के पति और तत्कालीन विधायक इरफान सोलंकी की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद यह उपचुनाव हुआ था।

SP ने सीट तो बचा ली, लेकिन 2022 के मुकाबले जीत का अंतर 12,266 से घटकर 8,564 वोट रह गया।

2022 में इरफान सोलंकी ने 12,266 वोट से जीती सीट

2022 विधानसभा चुनाव में SP के इरफान सोलंकी को 79,163 वोट, यानी 50.68 प्रतिशत मत मिले।

BJP के सलिल विश्नोई को 66,897 वोट, जबकि कांग्रेस को 5,616 और BSP को 2,937 वोट मिले।

सीसामऊ विधानसभा चुनाव 2022

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
इरफान सोलंकीSP79,16350.68%
सलिल विश्नोईBJP66,89742.83%
सुहैल अहमदकांग्रेस5,6163.60%
BSPBSP2,9371.88%
SP की जीत12,2667.85 प्रतिशत अंक

2022 में BJP-SP ने मिलकर 93 प्रतिशत से ज्यादा वोट हासिल किए। यानी सीट पहले ही लगभग द्विध्रुवीय मुकाबले में बदल चुकी थी।

2017 में मुकाबला और करीबी था

2017 में इरफान सोलंकी को 73,030 वोट, जबकि BJP के सुरेश अवस्थी को 67,204 वोट मिले।

SP सिर्फ 5,826 वोट से जीती।

सीसामऊ विधानसभा चुनाव 2017

प्रत्याशीपार्टीवोट
इरफान सोलंकीSP73,030
सुरेश अवस्थीBJP67,204
नंदलाल कोरीBSP11,949
SP की जीत5,826

2017 का चुनाव बताता है कि BJP सीट पर जीत से बहुत दूर नहीं रही है।

इसके बाद 2022 में SP ने अंतर बढ़ाया, जबकि 2024 उपचुनाव में फिर अंतर घटा।

2012 से लगातार SP के पास सीट

2012 के नए परिसीमन के बाद सीसामऊ सामान्य सीट बनी और इरफान सोलंकी ने पहली बार यहां से चुनाव जीता।

सीसामऊ का हालिया विधानसभा इतिहास

चुनावविजेतापार्टीवोटजीत का अंतर
2012इरफान सोलंकीSP56,49619,663
2017इरफान सोलंकीSP73,0305,826
2022इरफान सोलंकीSP79,16312,266
2024 उपचुनावनसीम सोलंकीSP69,7148,564

2012 से अब तक हुए चारों विधानसभा मुकाबलों में SP ने सीट बचाई है।

इसलिए 2027 में BJP के सामने सिर्फ चुनाव जीतने की चुनौती नहीं, बल्कि 15 साल से चले आ रहे SP के विधानसभा कब्जे को तोड़ने की चुनौती होगी।

2019 लोकसभा में कांग्रेस सिर्फ 2,223 वोट आगे थी

सीसामऊ कानपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।

2019 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल को इस विधानसभा खंड से 68,823 वोट मिले।

BJP को 66,600 वोट और SP को सिर्फ 7,089 वोट मिले।

लोकसभा 2019: सीसामऊ विधानसभा खंड

पार्टीवोट
कांग्रेस68,823
BJP66,600
SP7,089
कांग्रेस की बढ़त2,223

इस चुनाव में SP का वोट गठबंधन और लोकसभा की अलग राजनीतिक परिस्थिति के कारण काफी नीचे रहा।

फिर भी नतीजा बताता है कि BJP और विपक्ष के बीच सीसामऊ लोकसभा स्तर पर भी करीबी सीट थी।

2024 लोकसभा में INDIA गठबंधन 26,475 वोट आगे

2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस INDIA गठबंधन की उम्मीदवार पार्टी थी।

कांग्रेस के आलोक मिश्रा को सीसामऊ विधानसभा खंड से 87,323 वोट, BJP के रमेश अवस्थी को 60,848 वोट और BSP को 1,557 वोट मिले।

लोकसभा 2024: सीसामऊ विधानसभा खंड

पार्टीवोटवोट प्रतिशत
कांग्रेस87,32357.77%
BJP60,84840.26%
BSP1,5571.03%
कांग्रेस की बढ़त26,47517.51 प्रतिशत अंक

यह 2027 से पहले विपक्ष के लिए सबसे मजबूत लोकसभा संकेत है।

लेकिन विधानसभा उपचुनाव में सिर्फ पांच महीने बाद SP की BJP पर बढ़त 8,564 वोट रही।

यानी लोकसभा की 26 हजार की बढ़त विधानसभा चुनाव में सीधे ट्रांसफर नहीं हुई।

चार हालिया चुनाव क्या बताते हैं?

चुनावप्रमुख बढ़त
विधानसभा 2017SP +5,826
विधानसभा 2022SP +12,266
लोकसभा 2024INDIA/कांग्रेस +26,475
विधानसभा उपचुनाव 2024SP +8,564

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि SP लगातार विधानसभा सीट जीत रही है, लेकिन BJP का वोट भी 60-67 हजार के आसपास मजबूत बना हुआ है।

इसलिए सीसामऊ को केवल मुस्लिम बहुल सीट कहकर सुरक्षित मान लेना चुनावी इतिहास की पूरी तस्वीर नहीं दिखाता।

2026 SIR का बदलाव जीत के अंतर से छह गुना

2024 उपचुनाव में SP की जीत 8,564 वोट से हुई थी।

2026 SIR में प्री-SIR आधार के मुकाबले मतदाता संख्या 50,558 कम हुई।

यह पिछले विधानसभा उपचुनाव के जीत के अंतर से करीब 5.9 गुना है।

इस तुलना का अर्थ यह नहीं है कि कम हुए नाम किसी खास पार्टी या समुदाय से जुड़े थे।

लेकिन इसका मतलब यह जरूर है कि 2027 में 2024 के बूथ परिणामों को उसी मतदाता आधार पर लागू नहीं किया जा सकता।

नई सूची में मुस्लिम बहुल, सवर्ण प्रभाव वाले, दलित और मिश्रित बूथों की मतदाता संख्या दोनों दलों के लिए विशेष महत्व रखेगी।

एक लाख से ज्यादा महिला मतदाता

2026 की अंतिम सूची में सीसामऊ में 1,00,397 महिला मतदाता हैं।

18-19 वर्ष आयु वर्ग के 3,158 युवा मतदाता भी दर्ज हैं।

जातिगत समीकरण के बीच महिला वोट का महत्व इसलिए बड़ा है क्योंकि संख्या किसी भी एक जातीय समूह से अधिक है।

महंगाई, राशन, स्वास्थ्य, सुरक्षा, पेयजल, सफाई और स्थानीय सुविधाएं महिला मतदाताओं के रुख को अलग से प्रभावित कर सकती हैं।

ट्रैफिक, पानी, सीवर और पार्किंग बड़े शहरी सवाल

सीसामऊ कानपुर की सबसे घनी शहरी विधानसभा सीटों में है। बाजार, पुराने मोहल्ले और संकरी सड़कें स्थानीय राजनीति को सीधे प्रभावित करते हैं।

2024 उपचुनाव के दौरान प्रत्याशियों के सामने कई प्रमुख समस्याएं सामने आई थीं।

स्थानीय मुद्दाचुनावी असर
पेयजलपुरानी और खराब पाइपलाइन वाले इलाके
सीवरओवरफ्लो और सड़क धंसने की समस्या
ट्रैफिकघनी आबादी और बाजार क्षेत्र
पार्किंगगुमटी, सीसामऊ बाजार व व्यावसायिक इलाके
जलभरावबरसात में प्रभावित मोहल्ले
अतिक्रमणबाजार और मुख्य सड़कों पर असर
सफाईघनी बस्तियों का प्रमुख मुद्दा
स्वास्थ्य सुविधास्थानीय चिकित्सा ढांचे की मांग

इसलिए 2027 में धार्मिक या जातिगत ध्रुवीकरण के साथ नागरिक सुविधाएं भी वोट प्रभावित करेंगी।

SP के लिए 2027 की रणनीति

SP के पास सीट पर सबसे मजबूत रिकॉर्ड है।

2012 से लगातार चार विधानसभा मुकाबले जीते हैं।

मौजूदा विधायक नसीम सोलंकी हैं।

मुस्लिम मतदाता उसका सबसे मजबूत सामाजिक आधार हैं।

2024 लोकसभा में INDIA गठबंधन भी इस विधानसभा खंड से 26 हजार से ज्यादा आगे रहा।

लेकिन चुनौती यह है कि 2024 उपचुनाव में BJP सिर्फ 8,564 वोट पीछे रही।

SP को मुस्लिम वोट की एकजुटता के साथ दलित, यादव, पाल, कुर्मी और दूसरे गैर-BJP समुदायों में हिस्सेदारी बनाए रखनी होगी।

2027 में केवल पुराने सोलंकी परिवार के प्रभाव पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा; नई 2026 वोटर लिस्ट भी बड़ा फैक्टर बनेगी।

BJP के लिए जीत का रास्ता कहां से निकलता है?

BJP 1996 के बाद से सीसामऊ विधानसभा नहीं जीत सकी है, लेकिन हालिया मुकाबलों में लगातार दूसरे स्थान पर मजबूत बनी हुई है।

2017 में BJP सिर्फ 5,826 वोट से हारी।

2022 में अंतर 12,266 रहा।

2024 उपचुनाव में अंतर 8,564 रहा।

पार्टी के लिए जीत का रास्ता—

ब्राह्मण और वैश्य मतों की अधिकतम एकजुटता,
कायस्थ वोट में बढ़त,
दलित मतों में BSP की खाली हुई जगह,
पाल-कुर्मी सहित गैर-यादव OBC समर्थन,
और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के बाहर ऊंचा मतदान

से निकलेगा।

BSP की कमजोरी ने चुनाव लगभग द्विध्रुवीय बनाया

2017 में BSP के पास करीब 12 हजार वोट थे।

2022 में उसका वोट तीन हजार से नीचे चला गया।

2024 उपचुनाव में सिर्फ 1,410 वोट मिले।

ऐसे में फिलहाल सीसामऊ में BSP निर्णायक तीसरा ध्रुव नहीं दिखती।

लेकिन दलित वोट की संख्या राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। BSP अगर 2027 में मजबूत प्रत्याशी के साथ वापस आती है तो उसका वोट BJP-SP दोनों का गणित प्रभावित कर सकता है।

2027 में सीसामऊ की आठ बड़ी चुनावी चाबियां

चुनावी चाबी2027 में महत्व
मुस्लिम वोटSP का सबसे मजबूत सामाजिक आधार
ब्राह्मण-सवर्ण वोटBJP की जीत की मुख्य शुरुआती धुरी
दलित वोटBSP कमजोर होने से खुला स्विंग क्षेत्र
कायस्थ-वैश्य मतदाताशहरी और कारोबारी वर्ग में महत्वपूर्ण
यादव-कुर्मी-पाल OBCकरीबी मुकाबले में जीत का अंतर बदल सकते हैं
सोलंकी परिवार2012 से SP के स्थानीय राजनीतिक नेटवर्क का केंद्र
शहरी मुद्देपानी, सीवर, ट्रैफिक, पार्किंग और सफाई
2026 वोटर लिस्ट2.13 लाख के नए मतदाता आधार पर बूथ गणित बदलेगा

2027 में सीसामऊ विधानसभा का चुनावी गणित क्या कहता है?

सीसामऊ विधानसभा के जातिगत समीकरण में मुस्लिम मतदाता सबसे बड़ा एकल सामाजिक आधार हैं। ब्राह्मण और दूसरे सवर्ण BJP की मुख्य ताकत हैं, जबकि दलित, कायस्थ, वैश्य और OBC मतदाता दोनों प्रमुख दलों के बीच चुनावी अंतर तय कर सकते हैं।

हालिया चुनावी स्थिति को पांच आंकड़ों से समझा जा सकता है—

2022 विधानसभा चुनाव: SP की जीत 12,266 वोट से।

2024 लोकसभा चुनाव: INDIA-कांग्रेस की बढ़त 26,475 वोट।

2024 विधानसभा उपचुनाव: SP की जीत 8,564 वोट से।

2026 अंतिम वोटर लिस्ट: 2,12,940 मतदाता।

प्री-SIR आधार से मतदाता संख्या में 50,558 यानी 19.19 प्रतिशत की कमी।

SP के पास मुस्लिम वोट, वर्तमान विधायक और 2012 से लगातार विधानसभा जीत का मजबूत स्थानीय आधार है। BJP सीट नहीं जीत सकी है, लेकिन पिछले तीन विधानसभा मुकाबलों में उसका वोट इतना मजबूत रहा है कि मुकाबला एकतरफा नहीं माना जा सकता।

ऐसे में 2027 में सीसामऊ विधानसभा के जातिगत समीकरण का फैसला मुस्लिम मतों की एकजुटता, ब्राह्मण-सवर्ण वोट के ध्रुवीकरण, दलित मतों के बंटवारे, कायस्थ-वैश्य और गैर-यादव OBC वोट, उम्मीदवार की स्थानीय स्वीकार्यता, शहरी नागरिक मुद्दों और 2026 की नई मतदाता सूची के बीच बनने वाले चुनावी गठबंधन से होगा।

  • समाचार संपादन, ब्रेकिंग अलर्ट और फैक्ट-चेक पर फ़ोकस। ज़मीनी रिपोर्टों को डेटा के साथ जोड़ना पसंद। कॉफ़ी, डेडलाइन और सत्य , तीनों से समझौता नहीं।

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