'हेडमास्टर दुर्योधन बैठा को मिलेगा 2026 का राजकीय पुरस्कार': बेतिया में 843 छात्रों वाले स्कूल को नई दिशा दी, विधायक ने किया सम्मानित - Bettiah (West Champaran) News

Published on 2 सित॰ 2026

बेतिया के मझौलिया प्रखंड के राजकीय उर्दू मध्य विद्यालय, गढ़वा भोगाड़ी के प्रधानाध्यापक दुर्योधन बैठा को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए वर्ष 2026 के राजकीय पुरस्कार के लिए चुना गया है।

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उनके चयन से विद्यालय के शिक्षक, छात्र, अभिभावक और क्षेत्र के लोगों में खुशी है। चयन के बाद चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने उन्हें सम्मानित किया।

दुर्योधन बैठा मझौलिया प्रखंड की रतनमाला पंचायत के बनकटवा गांव निवासी श्रीरामसूरत बैठा के पुत्र हैं। उन्होंने वर्ष 2000 में बीपीएससी परीक्षा पास कर सहायक शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। वर्ष 2017 में उन्हें राजकीय उर्दू मध्य विद्यालय, गढ़वा भोगाड़ी का प्रधानाध्यापक बनाया गया।

ग्रामीण स्कूल में शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर जोर

प्रधानाध्यापक बनने के बाद से दुर्योधन बैठा ने विद्यालय में शैक्षणिक माहौल बेहतर बनाने के साथ बुनियादी सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया। उनके प्रयासों से विद्यालय में विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ा और बच्चों के बीच पढ़ाई छोड़ने की प्रवृत्ति को कम करने की दिशा में काम हुआ।

विद्यालय में चारदीवारी, शौचालय, परिसर में फेवर ब्लॉक, पानी सोख्ता और अलग ट्रांसफार्मर की व्यवस्था कराने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

खुद कक्षा में जाकर पढ़ाते हैं प्रधानाध्यापक

विद्यालय के प्रशासनिक कार्यों के साथ दुर्योधन बैठा नियमित रूप से कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। वे शिक्षकों के साथ नियमित बैठक कर पढ़ाई की गुणवत्ता और विद्यालय संचालन की योजनाओं पर चर्चा करते हैं। अभिभावकों से लगातार संपर्क रखने के साथ विद्यालय के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों से भी समन्वय बनाए रखते हैं।

843 विद्यार्थी हैं नामांकित,सर्वांगीण विकास पर जोर

वर्तमान में विद्यालय में 11 कक्ष और एक कार्यालय है। यहां कुल 843 विद्यार्थी नामांकित हैं। पठन-पाठन के अलावा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं।

प्रधानाध्यापक दुर्योधन बैठा के प्रयासों से विद्यालय की शैक्षणिक और आधारभूत व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आया है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए राजकीय पुरस्कार के लिए उनका चयन विद्यालय के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात मानी जा रही है।