प्रमोशन का इंतजार खत्म...: 2026 के बचे हुए और दिसंबर 2027 तक खाली होने वाले पदों के लिए नवंबर में होगी डीपीसी - Bhopal News

Published on 8 अक्टू॰ 2026
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भोपाल43 मिनट पहले

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इस साल के ऐसे पद जो वेटिंग लिस्ट के बाद भी खाली रह गए, उन्हें भी जल्द भरने की तैयारी हो गई है। इसके लिए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक नवंबर से पहले होगी। इस डीपीसी में दिसंबर 2027 तक रिक्त होने वाले संभावित पदों को भी जोड़ा जा रहा है।

यानी लगातार दो साल की डीपीसी दो माह के भीतर होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार को इसका सर्कुलर जारी कर दिया। ये सारे प्रमोशन मप्र लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के तहत होंगे। साफ है कि सरकारी विभागों में प्रमोशन का इंतजार कर रहे हजारों अधिकारियों-कर्मचारियों को यह राहत देगी।

जीएडी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि डीपीसी की सभी बैठकें समय सीमा के भीतर होनी चाहिए। निर्देश जारी किए हैं। जानकारी के अनुसार जुलाई-अगस्त 2026 तक 68 हजार के करीब कर्मचारियों व अधिकारियों को प्रमोशन मिल चुका है।

अगली श्रेणी में बचे हुए लोगों का प्रमोशन होगा। इसके साथ ही जिनकी सेवा अवधि 10 साल हो चुकी है और उन्हें एक ही प्रमोशन मिला है, उन्हें नवंबर की डीपीसी में ही दूसरे प्रमोशन का लाभ मिल सकता है। लेकिन यह रिक्त होने वाले पदों पर भी काफी निर्भर रहेगा।

प्रमोशन के लिए डीपीसी एक साल पहले चलेगी

सूत्रों का कहना है कि शासन के इस फैसले के तहत अब विभागों में दोहरी तैयारी देखने को मिलेगी। जिन विभागों में वर्ष 2026 की अप्रत्याशित रिक्तियां बची रह गई थीं या प्रतीक्षा सूची से नहीं भरी जा सकी थीं, उन्हें पूरा करने के साथ-साथ आगामी चयन वर्ष (31 दिसंबर 2027 तक) की संभावित रिक्तियों के लिए भी डीपीसी होगी।

जीएडी ने विभागों से कहा है कि वे प्रत्येक चयन वर्ष के लिए डीपीसी की बैठक तय प्रावधान के मुताबिक अनिवार्य रूप से माह सितंबर से नवंबर के मध्य आयोजित करेंगे। यानी प्रमोशन के लिए डीपीसी एक साल पहले चलेगी।

विभागों को सख्त हिदायत आदेश में समस्त विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों व कलेक्टर को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि दिसंबर 2026 तक की रिक्तियों के लिए बैठक नहीं की गई है, तो इसे तुरंत पूरा करें। वर्ष 2027 के संभावित कोटे को भरने की कार्यवाही भी समय-सीमा में सुनिश्चित करें। इससे पदोन्नति का लाभ समय पर मिलेगा।

आंकड़ों में आएगा क्या हुआ

उच्च स्तर से जीएडी को कहा गया है कि वे सभी विभागों से यह आंकड़ा जुटाएं कि उनके यहां किस कैडर या वर्ग में कितने प्रमोशन हुए हैं। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि प्रमोशन के बाद नई भर्ती के लिए रिक्त पदों की संख्या क्या होगी? इसी आधार पर वर्ष 2027 में भर्ती शुरू की जाएगी।

डीपीसी कर लो, लेकिन फैसला आने तक लिफाफा बंद रखना : हाई कोर्ट

अदालतों में आम आदमी से जुड़े केसों में पैरवी करने वाले सहायक लोक अभियोजक (एडीपीओ) के पदों पर क्लर्कों (सहायक ग्रेड-3) को पदोन्नति देने के लिए गुरुवार को लोक अभियोजन संचालनालय में डीपीसी होगी। लेकिन, क्लर्कों को एडीपीओ के पद पर पदोन्नति मिलेगी या नहीं यह अब हाई कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगा।

मप्र हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बुधवार को क्लर्क से एडीपीओ पद पर पदोन्नति पर सवाल उठाने वाली याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित कर दिया है। हाई कोर्ट ने अभियोजन संचालनालय को आदेश दिया है कि विभाग डीपीसी की प्रक्रिया के साथ कार्यवाही को आगे बढ़ा सकता है।

लेकिन, डीपीसी के सभी परिणामों को सील बंद लिफाफे में रखा जाए। जब तक कि हाई कोर्ट अपना आदेश नहीं सुना देता। जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की पीठ ने बुधवार को 6 साल से लंबित इस केस में अंतिम बहस के बाद फैसला सुरक्षित करने से पहले यह निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि प्रदेश में सहायक लोक अभियोजन अधिकारी के 1 हजार से अधिक पद हैं। इनमें से 10% पद पदोन्नति के और 90% पद सीधी भर्ती के हैं।

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