मुजफ्फरपुर में अक्टूबर 2022 से गायब महिला ट्रेनी सिपाही सस्पेंड: एसएसपी कांतेश मिश्रा ने की कार्रवाई, चिट्ठी भेजे जाने के बाद भी ड्यूटी पर नहीं पहुंचीं - Muzaffarpur News

Published on 4 अग॰ 2026

मुजफ्फरपुर3 घंटे पहले

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एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि यह कार्रवाई कानून के प्रावधानों के तहत निर्धारित पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है। - Dainik Bhaskar

एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि यह कार्रवाई कानून के प्रावधानों के तहत निर्धारित पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है।

मुजफ्फरपुर पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता के मामले में सख्त कार्रवाई की है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर, लंबे समय से बिना सूचना के अनुपस्थित चल रही प्रशिक्षु महिला सिपाही सोनी कुमारी (कांस्टेबल नंबर 1836) को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। सोनी कुमारी मूल रूप से मुंगेर जिले की निवासी हैं।

पुलिस कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रशिक्षु महिला सिपाही सोनी कुमारी 06 अक्टूबर 2022 से मुजफ्फरपुर जिला बल में अपने कार्यस्थल से लगातार अनुपस्थित थीं। उन्होंने कुल 1397 दिनों तक, जो लगभग 3 वर्ष 11 महीने और 28 दिन होते हैं, बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थिति बनाए रखी।

महिला को स्थिति स्पष्ट करने के लिए किया गया था पत्राचार

एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि यह कार्रवाई कानून के प्रावधानों के तहत निर्धारित पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है। पुलिस प्रशासन ने महिला सिपाही को कर्तव्य पर लौटने और अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए विभिन्न माध्यमों से कई बार पत्राचार किया था।

इन पत्राचारों के बावजूद, सोनी कुमारी काम पर उपस्थित नहीं हुईं। उनकी लगातार अनुपस्थिति के कारण उन पर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई और उन्हें निलंबित कर दिया गया था। जांच प्रक्रिया के दौरान, आरोपी सिपाही के गृह पते पर डाक और विशेष दूत के माध्यम से भी पत्र भेजकर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया।

इन सभी प्रयासों के बावजूद, सोनी कुमारी न तो उपस्थित हुईं और न ही उन्होंने अपने बचाव में कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। इसके बाद विभाग ने उनकी लंबी अनुपस्थिति को सेवा के प्रति घोर संवेदनहीनता मानते हुए बर्खास्तगी का निर्णय लिया।

एसएसपी ऑफिस की ओर से जारी की गई विज्ञप्ति।

एसएसपी ऑफिस की ओर से जारी की गई विज्ञप्ति।

विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर गिरी गाज

विभागीय कार्रवाई के संचालन पदाधिकारी ने मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों, आरोपों और गवाहों के बयानों की गहन जांच की। जांच के बाद संचालन पदाधिकारी ने प्रशिक्षु महिला सिपाही को पूरी तरह दोषी पाया।

आदेश में कहा गया है कि इतने लंबे समय तक कर्तव्य से फरार रहना वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का खुला उल्लंघन, घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है। पुलिस जैसे अनुशासित बल में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती, जिसके मद्देनजर उन्हें तत्काल प्रभाव से "सेवा से बर्खास्त" करने का अंतिम निर्णय लिया गया।

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