निगम चुनाव में प्रचार का दौर थमा: 2004 से 2014 तक 3 चुनाव में 18 प्रतिशत मतदान बढ़ा, 2020 में 2 निगम बने तो 1.85 फीसदी गिरा - Jaipur News

Published on 10 सित॰ 2026

जयपुर1 घंटे पहलेलेखक: इमरान खान

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  • बीते दो चुनाव से निर्दलीयों के खाते में जा रहे 22% वोट

निगम चुनाव में प्रचार का दौर थम गया है। अब 11 सितंबर को 150 वार्डों में 723 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतदाता तय करेंगे। जयपुर निगम चुनाव में बीते 4 चुनाव में से 3 चुनाव 2004, 2009 और 2014 में वोटिंग प्रतिशत हर बार बढ़ा है, लेकिन 2020 में दो निगम ग्रेटर और हेरिटेज बने तो पोलिंग में 1.85 फीसदी की गिरावट हुई।

इस चुनाव में ग्रेटर और हेरिटेज को मिलाकर भाजपा-कांग्रेस में केवल 478 वोटों का ही अंतर रहा और वोटिंग प्रतिशत 58.15 रहा। 2004 में 41.30, 2009 में 51.80 और 2014 में 60 फीसदी मतदान हुआ था। 2014 में भाजपा-कांग्रेस में 1.50 लाख वोटों का अंतर था।

हेरिटेज में कांग्रेस को 30,777, भाजपा को ग्रेटर में 31,255 वोट ज्यादा मिले थे

  • 2020 में दो निगम ग्रेटर और हेरिटेज के 250 वार्ड में चुनाव हुए। दोनों निगमों में 21,61,561 कुल वोटर्स में 12,56,332 मतदाताओं ने वोट डाला।
  • कांग्रेस को हेरिटेज में भाजपा के मुकाबले 30,777 वोटों की लीड मिली तो भाजपा को ग्रेटर में कांग्रेस से 31,255 वोट ज्यादा मिले।
  • ग्रेटर में भाजपा को 2,83,282 और कांग्रेस को 2,52,027 और हेरिटेज में भाजपा को 2,00,063 और कांग्रेस को 2,30,840 वोट मिले थे।
  • बीते दो चुनावों में निर्दलीयों ने भाजपा-कांग्रेस के अलावा अन्य दलों के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन किया। निर्दलीयों को औसत 22% वोट मिले। इसमें 2014 में 20.87% और 2020 में 23.57% वोट निर्दलीयों के खाते में गए।

बूथ का बोझ; विद्याधर नगर में सर्वाधिक 1219, बगरू में सबसे कम 981 मतदाता

5 विधानसभा क्षेत्रों में प्रति बूथ मतदाता शहर के औसत से ज्यादा

नगर निगम चुनाव के लिए 11 सितंबर को 2256 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा। जयपुर में औसतन एक मतदान केंद्र पर 1,079 मतदाता हैं, लेकिन विद्याधर नगर में यही भार बढ़कर 1,219 तक पहुंच गया है, जबकि बगरू में सिर्फ 981 मतदाता प्रति बूथ हैं। यानी सबसे ज्यादा और सबसे कम भार वाले बूथों में 238 वोटरों का अंतर है। भास्कर ने 150 वार्डों के 24.33 लाख मतदाताओं और 2,256 मतदान केंद्रों का विश्लेषण किया। इसमें सामने आया कि विद्याधर नगर, आमेर, सांगानेर, किशनपोल और हवामहल विधानसभा क्षेत्रों में एक बूथ पर मतदाताओं की संख्या शहर के औसत से ज्यादा है।

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