पार्टी, पसंद और परिवार में झूलते रहे टिकट: पहले 2 दिन महज 92 प्रत्याशियों ने पर्चे भरे, आखिरी दिन रिकॉर्ड नामांकन, 1162 दावेदारों ने ताल ठोकी - Jaipur News

Published on 1 सित॰ 2026

पार्टी, पसंद और परिवार में झूलते रहे टिकट:पहले 2 दिन महज 92 प्रत्याशियों ने पर्चे भरे, आखिरी दिन रिकॉर्ड नामांकन, 1162 दावेदारों ने ताल ठोकी

जयपुर41 मिनट पहले

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150 वार्डो में अब 1253 दावेदारों के 1392 नामांकन, 3 सितंबर को नाम वापसी के बाद तस्वीर साफ होगी

भाजपा - निगम चुनाव में टिकटों की घोषणा के साथ ही भाजपा और कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति भी सामने आ गई। भाजपा में सत्ता, संगठन और संघ परिवार की पसंद के बीच कई सीटों पर खींचतान दिखी।

दृश्य-1; कर्णावट का सिंबल सराफ ने मिश्रा को दिया, दिनभर घमासान

वार्ड 76 में भाजपा के टिकट को लेकर पार्टी की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई। सूची में निवर्तमान डिप्टी मेयर पुनीत करनावट का नाम था, जिनकी बड़े स्तर से सिफारिश थी। वहीं विधायक कालीचरण सराफ ने पूर्व चेयरमैन कुलदीप मिश्रा को सुबह घर बुलाकर पार्टी का सिंबल दे दिया।

पुनीत को सिंबल नहीं मिला तो उन्होंने ऊपर तक शिकायत की। मामला प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ तक पहुंचा। समझाइश के बाद पुनीत को नामांकन भरने के लिए कहा और दोनों ने नामांकन दाखिल कर दिया। बाद में मदन राठौड़ के दखल के बाद वार्ड 76 का सिंबल पुनीत को दिए जाने के निर्देश हुए।

खास बात यह है कि कुलदीप मिश्रा और पुनीत करनावट पुराने दोस्त हैं। दोनों को पूर्व मंत्री राजपालसिंह शेखावत का करीबी माना जाता रहा है। वहीं कालीचरण सराफ ने तीन वार्डों में उन्हीं परिवारों को फिर टिकट दिया है, जिन्हें पिछले 15 साल से टिकट मिलते रहे हैं।

दृश्य-2; कुसुम का टिकट कटा: पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील कोठारी को थमाया

परकोटे में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला फैसला पूर्व मेयर कुसुम यादव का टिकट काटना रहा। यादव दो बार इसी वार्ड से जीत चुकी हैं, जबकि उनके पति अजय यादव भी एक बार यहां से जीतकर चेयरमैन रह चुके हैं। किशनपोल विधानसभा के वार्डों में यादव परिवार की मजबूत पकड़ मानी जाती है।

पार्टी में चर्चा है कि कुसुम यादव को इसलिए टिकट नहीं दिया गया, ताकि आगे विधानसभा की दावेदारी न कर सकें। कि पूर्व विधायक की सिफारिश भी उनके टिकट कटने की वजह बनी। उनके वार्ड से पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील कोठारी को टिकट दिया है। कोठारी पहले किशनपोल से विधानसभा टिकट के दावेदार रहे हैं। कांग्रेस के टिकट से मेयर बनीं ज्योति खंडेलवाल को भाजपा ने टिकट दिया है। यानी एक ही क्षेत्र में दोनों प्रमुख दलों ने ऐसे चेहरों पर दांव लगाया है, जिनकी नजर विधानसभा की राजनीति पर भी रही है।

कांग्रेस- विधायकों और जिलाध्यक्षों की पसंद-नापसंद टिकट वितरण में साफ दिखाई दी। हवामहल विधानसभा क्षेत्र में विरोध, पुतला दहन और पूर्व जिलाध्यक्ष के धरने तक की स्थिति बनी।

दृश्य-3; बालमुकुंदाचार्य विरोध करते रहे, विमल को फिर से अखाड़े में उतारा

हवामहल विधानसभा क्षेत्र के वार्डों के सिंबल लेने के लिए पहुंचे स्थानीय विधायक बालमुकुंदाचार्य और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के बीच वार्ड 135 के प्रत्याशी को लेकर कुछ देर तकरार भी हुई। इस वार्ड से राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी की सिफारिश पर विमल अग्रवाल को टिकट दिया जाना था, जबकि विधायक बालमुकुंदाचार्य विरोध जता रहे थे।

इसके बावजूद पार्टी ने विमल अग्रवाल को दोबारा टिकट दिया। पिछली बार भी तत्कालीन विधायक सुरेंद्र पारीक उनके विरोध में थे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस बार भी स्थानीय स्तर पर विरोध के बावजूद पार्टी सर्वे में नाम होने के आधार पर प्रदेश स्तर से टिकट तय किया गया। इस फैसले से यह संकेत भी मिला है कि स्थानीय नेताओं के बीच खींचतान के बावजूद पार्टी सर्वे को प्रत्याशी चयन में अहम आधार बना रही है।

दृश्य-4; महेश जोशी के करीबियों के टिकट कटे, पूर्व जिलाध्यक्ष का धरना

कांग्रेस में भी टिकट बंटवारे के बाद हवामहल में विरोध खुलकर सामने आया। सोमवार सुबह कार्यकर्ताओं ने शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा और हवामहल में कांग्रेस जिलाध्यक्ष का पुतला फूंका। वार्ड 141 में पूर्व वार्ड अध्यक्ष अरुण शर्मा टिकट मांग रहे थे। उन्हें महेश जोशी का करीबी माना जाता है।

सामान्य वार्ड होने के बावजूद जिलाध्यक्ष ने टिकट ओबीसी के खाते में नेमी गुर्जर के परिवार को दे दिया। वार्ड 146 में पूर्व पार्षद शबनम खानम का टिकट काटकर पप्पू कुरैशी को दिया गया। इससे नाराज पूर्व जिलाध्यक्ष आरआर तिवाड़ी धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने विधायक रफीक खान पर भी हवामहल में टिकट वितरण में दखल देने का आरोप लगाया। जेजेएम प्रकरण के चलते महेश जोशी जेल में हैं। हवामहल में टिकट वितरण में सुनील शर्मा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं।

वार्ड 101; एक ही नाम के दो लोग नामांकन भरने पहुंचे, 1 घंटे विवाद जिला परिषद कार्यालय में वार्ड 101 में भाजपा प्रत्याशी के नाम को लेकर कन्फ्यूजन से विवाद हुआ। एक ही नाम के दो प्रत्याशी समर्थकों के साथ नामांकन करने पहुंच गए। सूची में रवि शंकर शर्मा को प्रत्याशी बनाया गया। दोपहर 2 बजे दोनों के समर्थक आमने-सामने हो गए। पुलिस ने बीच बचाव कर मामला शांत किया। बाद में पहले आए रवि शंकर ने सिंबल लेकर रिटर्निंग अधिकारी के पास नामांकन जमा करवाया।

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