'पुलिस 2 मिनट देर से आती तो', निशु आजाद के पिता ने अब स्वतंत्र भारद्वाज के लिए कही ऐसी बात, फिर से बवाल

Published on 4 सित॰ 2026

Time Published: Friday, September 4, 2026, 17:32 [IST]

Nishu Azad Father Sanjay Azad video: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। निशु आजाद के पिता संजय आजाद के एक पुराने वीडियो ने पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया है। वीडियो में संजय आजाद उस दिन हुई झड़प का जिक्र करते हुए कहते दिखाई दे रहे हैं कि अगर पुलिस कुछ देर से पहुंचती तो हालात और खराब हो सकते थे।

यह वीडियो 24 जुलाई को निशु आजाद और उनके पिता की तरफ से सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था। अब इसके दोबारा सामने आने के बाद सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा दिया है। पार्टी के नेता संसद मार्ग थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान निशु आजाद भी आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के साथ थाने पहुंचीं।

Nishu Azad Father Sanjay Azad video

संजय आजाद ने वीडियो में क्या कहा?

संजय आजाद ने वीडियो में उस झड़प को लेकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने उन दावों पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें कहा जा रहा था कि उनके सिर पर चोट गलती से लगी थी। उन्होंने कहा,

"कुछ लोग कह रहे हैं कि मेरे सिर पर चोट अनजाने में लगी। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि अगर पुलिस दो मिनट और नहीं आती, तो तस्वीर में दिख रहा है कि सामने वाले की हालत क्या हो सकती थी। पुलिस को शायद लगा कि मैं ही उसे मार रहा हूं, इसलिए उसने हमें पकड़ लिया।"

उनके इस बयान को अब मामले में अहम माना जा रहा है। सीजेपी का कहना है कि वीडियो से यह सवाल उठता है कि उस दिन जंतर-मंतर पर वास्तव में क्या हुआ था और किसने किस पर हमला किया।

क्या मारपीट दोनों तरफ से हुई थी?

वीडियो सामने आने के बाद यह दावा जोर पकड़ रहा है कि जंतर-मंतर की घटना में दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई थी। इससे पहले स्वतंत्र भारद्वाज की तरफ से दावा किया गया था कि संजय आजाद पर किया गया हमला आत्मरक्षा में था।

यहीं से मामले की कहानी और उलझती है। एक तरफ संजय आजाद का वीडियो है, जिसमें वह पुलिस के कुछ मिनट देर से पहुंचने की स्थिति का जिक्र करते हैं। दूसरी तरफ स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से आत्मरक्षा का दावा किया गया था। अब सीजेपी दोनों बयानों और सामने आए वीडियो को आधार बनाकर पुलिस से विस्तृत जांच की मांग कर रही है।

CJP ने थाने के बाहर क्यों किया प्रदर्शन?

वीडियो सामने आने के बाद सीजेपी के सौरव दास और आशुतोष रांका अपने समर्थकों के साथ पटेल चौक से संसद मार्ग थाने की तरफ निकले। उनका कहना था कि संजय आजाद के साथ हुई मारपीट में अब तक पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई है।

सीजेपी की मांग है कि आरोपी को गिरफ्तार किया जाए और मामले में एससी-एसटी कानून के तहत धाराएं लगाई जाएं। पार्टी ने यह भी मांग रखी कि आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा जोड़ने पर विचार किया जाए। प्रदर्शन के दौरान चंद्रशेखर आजाद और निशु आजाद भी थाने पहुंचे। पप्पू यादव के भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने की जानकारी सामने आई।

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा, FIR में क्या बदलेगा?

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, एफआईआर में एससी-एसटी कानून की धाराएं जोड़ने को लेकर कानूनी सलाह ली जा रही थी। हत्या के प्रयास की धारा जोड़ने को लेकर भी कानूनी राय मांगी जा रही थी। कांग्रेस की तरफ से दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लकड़ा ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के बाद जानकारी दी कि पुलिस ने माना है कि मामले में कुछ तथ्य पहले छूट गए थे। उनके मुताबिक, एफआईआर में एससी-एसटी कानून की धाराएं जोड़ दी गई हैं। दूसरी धाराओं को लेकर मेडिकल राय ली जा रही है।

अक्षय लकड़ा ने कहा, "पुलिस ने भरोसा दिया है कि जांच में सामने आए पॉडकास्ट और उससे जुड़े तथ्यों को भी देखा जाएगा। हमारी मुख्य मांग आरोपी की गिरफ्तारी है। आरोपी फिलहाल दिल्ली में नहीं है, इसलिए पुलिस ने आगे की कार्रवाई को लेकर जानकारी देने की बात कही है।" सीजेपी नेताओं और पुलिस के बीच बातचीत के बाद प्रदर्शन खत्म कर दिया गया।

संजय आजाद को सिर पर कैसे लगी चोट?

पूरा विवाद सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है। इसी दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट हुई थी। इस घटना में उनके सिर पर चोट लगने की बात सामने आई थी। घटना के बाद से सीजेपी लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रही थी। पार्टी का आरोप रहा है कि पुलिस ने अब तक मामले में उस तेजी से कार्रवाई नहीं की, जिसकी जरूरत थी।

अब सामने आए वीडियो और स्वतंत्र भारद्वाज के पुराने दावे ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, वीडियो में कही गई बातों से अकेले यह तय नहीं किया जा सकता कि घटना के दौरान वास्तव में किसने पहले हमला किया या पूरी झड़प किस तरह शुरू हुई। इसका जवाब जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही सामने आएगा।

आशुतोष रांका ने किस पर लगाया दबाव का आरोप?

सीजेपी के सह संयोजक आशुतोष रांका ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जंतर-मंतर पर संजय आजाद के साथ गंभीर मारपीट हुई थी और उनके सिर पर गहरी चोट आई थी। आशुतोष रांका ने कहा, "हम शुरुआत से मांग कर रहे हैं कि संजय जी पर हमला करने वालों को गिरफ्तार किया जाए और मामले में हत्या के प्रयास समेत सभी जरूरी धाराएं लगाई जाएं। अब जब घटना में शामिल व्यक्ति की भूमिका को लेकर वीडियो सामने आया है, तब पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।"

आशुतोष रांका ने यह आरोप भी लगाया कि कपिल मिश्रा और भाजपा कार्यकर्ताओं के दबाव के चलते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। हालांकि, यह उनका राजनीतिक आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि इनपुट में नहीं है।

निशु आजाद को कांग्रेस से क्यों मिली कानूनी मदद?

मामले में कांग्रेस भी सक्रिय हो गई है। निशु आजाद ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से कानूनी मदद मांगी थी। राहुल गांधी ने मदद का भरोसा दिया। इसके बाद कांग्रेस की कानूनी टीम इस मामले में आगे आई है।

इस पूरे विवाद में अब सीजेपी, आजाद समाज पार्टी और कांग्रेस की सक्रियता बढ़ गई है। दूसरी तरफ पुलिस कानूनी राय और जांच के आधार पर आगे बढ़ने की बात कह रही है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जंतर-मंतर पर उस दिन हुई पूरी झड़प की सच्चाई क्या थी और संजय आजाद के सिर पर चोट किस परिस्थिति में लगी। पुराना वीडियो बहस को जरूर तेज करता है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच, मेडिकल रिकॉर्ड, वीडियो फुटेज और बाकी सबूतों से ही निकलेगा।