Aug 15, 2026 10:15 am ISTलाइव हिन्दुस्तान
लोकसभा में विपक्ष ने नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे लगातार दूसरे साल लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में नहीं पहुंचे। 2024 में उनके सीट को लेकर बवाल हुआ था।

स्वतंत्रता दिवस समारोह से फिर गायब रहे राहुल गांधी
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर पर आयोजित भव्य समारोह से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी नदारद रहे। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे लगातार दूसरे साल इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में राहुल गांधी और खरगे आखिरी बार 2024 में नजर आए थे। तब उनकी सीट को लेकर बड़ा बवाल हुआ था।
जानकारी के मुताबिक रक्षा मंत्रालय की ओर से दोनों नेताओं को स्वतंत्रता दिवस समारोह का औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था। लेकिन राहुल गांधी और खरगे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इसके पीछे की वजह 2024 में हुए विवाद को बताया जा रहा है। दरअसल 2024 में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने अपनी सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर नाराजगी जताई थी।
2024 में क्या हुआ था?
2024 में राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बने थे। इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में उन्हें लाल किले पर 5वीं पंक्ति में बैठाया गया था। कांग्रेस ने इस व्यवस्था की कड़ी आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि सरकार ने राहुल इको पीछे की सीट देकर नेता प्रतिपक्ष के पद का अपमान किया है। हालांकि इन आरोपों पर जवाब देते हुए रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि समारोह में पहुंचे ओलंपिक खिलाड़ियों को विशेष सम्मान देने और आगे बैठाने के कारण उस साल बैठने के क्रम में यह बदलाव करना पड़ा था।
कहां बैठते हैं विपक्ष के नेता?
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष के बैठने की जगह 'टेबल ऑफ प्रेसिडेंस' (ToP) के नियमों के आधार पर तय किया जाता है। राष्ट्रपति सचिवालय के नियमों के मुताबिक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की रैंक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष होती है और बैठने की व्यवस्था इसी के हिसाब से की जाती है।
विपक्ष पर पीएम मोदी का निशाना
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से किसी का नाम लिए बिना विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि कुछ लोग देश की प्रगति देख नहीं सकते और भारत का भला नहीं सोच सकते इसलिए वे लोगों को गुमराह करने में लगे रहते हैं। पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के पास सरकार, जीवंत लोकतंत्र और सभी का मार्गदर्शन करने वाला संविधान है और इसके आधार पर देश संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो प्रगति देख नहीं सकते।
पीएम मोदी ने कहा, “कुछ लोग भारत का भला सोच नहीं सकते हैं। देश को ऐसे लोगों से बचना होगा। ऐसे मुट्ठी भर लोग निराशा के गर्त में डूबे हुए हैं और जब उनकी गोद में विकृति पलती है तो वह विनाश और सर्वनाश का कारण बन जाती है। ऐसे छुटपुट निराशावादी तत्वों को समझना चाहिए।” पीएम मोदी ने कहा कि उनका सपना है कि ऐसे एक लाख युवा राजनीति में आएं, जिनके परिवार का राजनीति से कोई नाता नहीं रहा है। ये युवा किसी भी राजनीतिक दल में जा सकते हैं और इससे देश का लोकतंत्र और मजबूत होगा।
