आलीराजपुर। जिले में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से जिला पुलिस ने मंगलवार को "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। जिला मुख्यालय स्थित डीआईईटी कॉलेज से अभियान की शुरुआत करते हुए पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम बताए तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया। इस अवसर पर जागरूकता रथ को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करेगा।
पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्योति उमठ बघेल, एसडीओपी डॉ. शक्ति सिंह चौहान, एसडीओपी आशुतोष पटेल, महिला सेल एसडीओपी त्रिलोकचंद पवार, डीआईईटी प्रशिक्षण प्रभारी के.सी. सिसोदिया सहित जिले के पुलिस अधिकारी एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
हालांकि अभियान की शुरुआत के साथ ही जिले में एक महत्वपूर्ण सवाल भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों का कहना है कि सिर्फ जागरूकता अभियान चलाने से नशे की समस्या पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है। जिले के कई क्षेत्रों में शराब, अवैध शराब, गांजा और अन्य मादक पदार्थों की उपलब्धता को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में यदि नशे के कारोबार पर समान रूप से कठोर और लगातार कार्रवाई नहीं होती, तो केवल जागरूकता कार्यक्रमों का अपेक्षित प्रभाव सीमित रह सकता है।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि नशामुक्त समाज के लिए दोहरी रणनीति आवश्यक है—एक ओर व्यापक जन-जागरूकता और दूसरी ओर नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी एवं निरंतर कानूनी कार्रवाई। जब तक नशे की आसान उपलब्धता पर अंकुश नहीं लगेगा, तब तक युवाओं को नशे से दूर रखने की मुहिम को पूरी सफलता मिलना चुनौतीपूर्ण रहेगा।
इसी कड़ी में आबकारी विभाग से अवैध शराब बरामद जपती की जानकारी ली गईं।
*आबकारी विभाग के* *जिला अधिकारी* *आर एस* राय साहब*से पुछने पर पिछले तीन महीने अप्रैल ,मई, जून में अवैध शराब से संबंधित 311 कैसे बनाए गए । जप्ती में प्लेन मदिरा 25,165 बल्क लीटर, स्प्रिट 1,993 बल्क लीटर,बियर 13,105 बल्क लीटर, कच्ची दारु 719 बल्क लीटर और ताड़ी 320 बल्क लीटर लगभग जप्त की गई।
*सबसे अधिक केस जोबट थाने में बनाएं गये*।
फिर भी, पुलिस द्वारा शुरू किया गया यह अभियान सकारात्मक पहल है। यदि इसके साथ जिले में अवैध नशे के कारोबार पर लगातार सख्ती, नियमित अभियान और प्रभावी निगरानी भी सुनिश्चित की जाती है, तो यह पहल वास्तव में नशामुक्त समाज की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो सकती है।
नवीन सेन।
