अमेरिका के न्यूयॉर्क में ‘वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने 1996 में हरियाणा प्लेन क्रैश की घटना का जिक्र किया. हादसे का किस्सा सुनाते हुए मोहन भागवत ने कहा कि उसमेंज्यादातर यात्री मुसलमान थे. हमारे स्वयंसेवक सबसे पहले वहां पहुंचे और उन्होंने सेवा की, घायलों का इलाज किया, बहुत कम थे, बाकी सभी की मौत हो चुकी थी. उनके शव निकाले. अंतिम संस्कार का इंतजाम किया. जब उनके रिश्तेदार आए, तो उनकी पहचान करने में मदद की. हमने उस समय कभी नहीं सोचा था कि ये मुसलमान हैं.
मोहन भागवत ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति खुद को हिंदू मानता है, तो उसे स्वीकार करना होगा कि सभी रास्ते एक ही लक्ष्य की ओर जाते हैं और हर इंसान सम्मान का हकदार है. उन्होंने कहा कि इंसानों के बीच कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए.
#WATCH | New York, US: At the “One World One Humanity” event, RSS Chief Mohan Bhagwat says, “If any Hindu thinks that there should be no Muslim in Bharat, he will not remain Hindu. If you want to call yourself Hindu, you must believe that all paths are leading to the same goal pic.twitter.com/e5UYZPppU8
— ANI (@ANI) August 29, 2026
भागवत ने एक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि वहां मौजूद कुछ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उनसे पूछा कि RSS हिंदू संगठन है और हिंदू राष्ट्र की बात करता है, ऐसे में मुसलमानों का क्या होगा? क्या उन्हें देश से बाहर कर दिया जाएगा? भागवत ने कहा कि ऐसा सोचना हिंदुत्व नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति भारत में मुसलमानों के रहने के खिलाफ है, वह हिंदू नहीं है.
भारत में सभी समुदाय को लोग मिलजुल कर रहते हैं… भागवत
मोहन भागवत ने कहा कि इतिहास के दौरान किसी न किसी तरह ऐसा हुआ. मैं उस पल की ओर इशारा नहीं कर सकता. उसके बाद, हमारा समाज और हमारा देश विदेशी हमलों का शिकार बने और बहुत कुछ खो गया, लेकिन वह परंपरा आज भी कायम है, जो आम लोगों को वही बात सिखाती है: एक दुनिया, एक मानवता. लेकिन, जैसा कि आपने कहा, कुछ ऐसी बातें या बोझ हैं जिन्हें लोग बेवजह ढोते हैं. हमारे भारत में सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं क्योंकि पारंपरिक रूप से भारत ने सभी को आश्रय दिया है.
पूरी इंसानियत एक है… बोले मोहन भागवत
मोहन भागवत ने कहा कि RSS के तौर पर हम मानते हैं कि पूरी इंसानियत एक है. यह हमारा फ़र्ज है कि हम दुनिया में जाकर यह मैसेज शेयर करें कि हमारी अलग-अलग दिखने वाली बातों के बावजूद, हम एक हैं. अलग-अलग बातें हमारी अंदर की एकता की सजावट हैं, इसे मानना, इज्जत देना और बनाए रखना चाहिए.
उन्होंने कहा कि जैसे मैं अपनी पहचान बचाता हूं, वैसे ही मुझे दूसरों की पहचान भी बचानी है. अलग-अलग बातें कुदरत का नियम है, लेकिन एकता ही वह सच्चाई है जो इसे मजबूती देती है. 1925 में अपनी शुरुआत से लेकर पिछली सदी में, संघ ने हमारे समाज में भरोसे और इज्जत की जगह बनाई है.
मोहन भागवत ने कहा किमैं कोई धार्मिक विद्वान नहीं हूं, न ही कोई धार्मिक अधिकारी… लेकिन मैं एक ऐसे समाज में काम कर रहा हूं, जो पारंपरिक रूप से कहता है कि धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत एक है. सच एक है, और इंसानियत उस सच का नतीजा है तो, इंसानियत एक है. सच एक है, लेकिन बताने वाले के हिसाब से उसे कई तरह से बताया जाता है, क्योंकि, इंसान होने के नाते, हम उस सॉफ्टवेयर के कैदी हैं जो हमारे दिमाग में फिट किया गया है.
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अजय विद्यार्थी
कलकत्ता यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रैजुएशन. प्रभात खबर में बतौर सीनियर न्यूज़ एडिटर काम किया. ग्राउंड रिपोर्टिंग और एडिटिंग में करीब 20 सालों से ज्यादा का अनुभव. राजस्थान पत्रिका में चीफ रिपोर्टर रहने के दौरान कई ऐसी स्टोरी की, जिन्हें सराहा गया.
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