'बॉबी देओल या आमिर खान को ले लो', अनिल कपूर ने जब ठुकरा दी थी '1942: ए लव स्टोरी'

Published on 15 अग॰ 2026

Anil Kapoor Rejected 1942 A Love Story?: अनिल कपूर ने मेकर्स को यह तक सुझाव दे दिया था कि उनके किरदार के लिए आमिर खान या बॉबी देओल को लिया जा सकता है। उनका मानना था कि दोनों कलाकार रोमांटिक किरदार के लिए उनसे ज्यादा फिट नजर आ सकते हैं।

बॉलीवुड की यादगार फिल्मों में शुमार '1942: ए लव स्टोरी' में अनिल कपूर का रोमांटिक अंदाज आज भी दर्शकों को याद है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस किरदार ने अनिल कपूर के करियर को एक अलग रंग दिया, उसे करने से उन्होंने शुरुआत में साफ मना कर दिया था? इतना ही नहीं, अनिल कपूर ने मेकर्स को अपनी जगह आमिर खान और बॉबी देओल के नाम तक सुझा दिए थे।

रोमांटिक हीरो बनने में अनकंफर्टेबल थे अनिल कपूर

अनिल कपूर ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि '1942: ए लव स्टोरी' उनके लिए काफी अलग तरह की फिल्म थी। उस वक्त वह खुद को रोमांटिक हीरो के तौर पर नहीं देखते थे और इसी वजह से उन्हें फिल्म का किरदार निभाने में झिझक हो रही थी। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि वह इस तरह का रोल नहीं कर पाएंगे। अनिल के मुताबिक, वह उस समय तीन बच्चों के पिता भी थे और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वह पर्दे पर रोमांटिक हीरो कैसे लगेंगे।

और पढ़ें - 16 साल से दिल में थी Batwara 1947 की कहानी, फिर भी क्यों अटकी रही फिल्म? Sunny Deol ने अब खोला बड़ा राज

'मेरी जगह आमिर खान या बॉबी देओल को ले लीजिए'

अनिल कपूर ने मेकर्स को यह तक सुझाव दे दिया था कि उनके किरदार के लिए आमिर खान या बॉबी देओल को लिया जा सकता है। उनका मानना था कि दोनों कलाकार रोमांटिक किरदार के लिए उनसे ज्यादा फिट नजर आ सकते हैं। लेकिन फिल्म के मेकर्स ने अनिल कपूर को मनाया और आखिरकार उन्होंने यह चुनौती स्वीकार कर ली। दिलचस्प बात यह है कि बाद में अनिल कपूर को अपने इस फैसले पर बेहद खुशी हुई।

किरदार के लिए अनिल कपूर ने बदला पूरा लुक

फिल्म के लिए हां कहने के बाद अनिल कपूर ने अपने किरदार को पर्दे पर विश्वसनीय बनाने के लिए काफी मेहनत की। उन्होंने अपना वजन कम किया, बाल छोटे करवाए, मूंछों को ट्रिम किया और अपने कॉस्ट्यूम पर भी खास काम किया। यानी जिस रोल को लेकर वह शुरुआत में इतने असहज थे, उसके लिए उन्होंने खुद को पूरी तरह बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

फिल्म ने दिखाया अनिल कपूर का रोमांटिक अवतार

विदू विनोद चोपड़ा के निर्देशन में बनी '1942: ए लव स्टोरी' साल 1994 में रिलीज हुई थी। फिल्म की कहानी आजादी के दौर की पृष्ठभूमि पर आधारित थी। इसमें अनिल कपूर ने नरेन सिंह का किरदार निभाया था, जिसे क्रांतिकारी परिवार की बेटी राज्जो से प्यार हो जाता है। राज्जो का किरदार मनीषा कोइराला ने निभाया था। फिल्म में प्यार के साथ-साथ देशभक्ति और आजादी की लड़ाई को भी कहानी का अहम हिस्सा बनाया गया था।

और पढ़ें - TMKOC के बाघा ने खरीदी BMW, इतने लाख की लग्जरी कार के मालिक बने तन्मय वेकारिया

'एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा' आज भी है फेवरेट

फिल्म की कहानी के साथ इसका म्यूजिक भी जबरदस्त हिट रहा। 'एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा', 'कुछ ना कहो' और 'रिमझिम रिमझिम' जैसे गाने आज भी लोगों की यादों में बसे हुए हैं। फिल्म का संगीत आर. डी. बर्मन ने दिया था। खासकर 'एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा' को बॉलीवुड के सबसे खूबसूरत रोमांटिक गानों में गिना जाता है। अनिल कपूर ने बताया था कि फिल्म करने के बाद उन्हें अच्छा लगा कि उन्होंने यह फैसला बदला। उन्होंने यहां तक कहा कि अब जब वह फिल्म देखते हैं तो उन्हें उस किरदार में किसी और अभिनेता की कल्पना तक नहीं होती। यानी जिस फिल्म को करने से अनिल कपूर शुरुआत में घबरा रहे थे, वही उनके करियर की सबसे यादगार फिल्मों में शामिल हो गई।

आमिर और बॉबी को सुझाया, लेकिन खुद बन गए 'नरेन'

इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि अगर अनिल कपूर अपनी बात पर अड़े रहते, तो शायद '1942: ए लव स्टोरी' में नरेन सिंह का किरदार किसी और अभिनेता के हिस्से में जाता। अनिल कपूर ने खुद आमिर खान और बॉबी देओल का नाम सुझाया था, लेकिन आखिरकार मेकर्स ने उन्हें ही मना लिया। और फिर अनिल कपूर ने अपनी एक्टिंग और लुक से ऐसा जादू चलाया कि आज इस किरदार को उनसे अलग करके देखना मुश्किल लगता है।