छाती दबी, पसलियां टूटीं, दम घुटा...कोलकाता हादसे में 19 मौतों की वजह दिल दहला देगी

Published on 18 अक्टू॰ 2026

छाती दबी, पसलियां टूटीं, दम घुटा…कोलकाता हादसे में 19 मौतों की वजह दिल दहला देगी

कोलकाता दुर्गा पंडाल में भगदड़.

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में मारे गए लोगों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हुए हैं. पंडाल में भीड़ का दबाव इतना जबरदस्त था कि शनिवार शाम को कम से कम 19 लोगों की जान चली गई. सूत्रों के मुताबिक डॉक्टरों ने बताया कि पीड़ितों की मौत मुख्य रूप से ‘ट्रॉमेटिक एस्फिक्सिया’ (सांस रुकने), छाती पर कुचले जाने के कारण लगी चोटों और सिर पर गंभीर चोट लगने की वजह से हुई.

कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और NRS मेडिकल कॉलेज में किए गए पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, भीड़ के दबाव में कुचले जाने के कारण कम से कम सात पीड़ितों की पसलियां टूट गईं. कई मामलों में, टूटी हुई पसलियां फेफड़ों में धंस गईं, जिससे जानलेवा आंतरिक चोटें आईं.

शरीर पर कोई बड़ी बाहरी चोट नहीं

बच्चों समेत कम से कम छह पीड़ितों की मौत ‘ट्रॉमेटिक एस्फिक्सिया’ (सांस रुकने) से हुई. डॉक्टरों ने बताया कि भगदड़ के दौरान छाती पर अत्यधिक दबाव पड़ने से सांस लेना और रक्त संचार रुक गया, जिससे ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत हो गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि जिन बच्चों की मौत हुई, उनका दम घुट गया था. उनके शरीर पर कोई बड़ी बाहरी चोट नहीं थी.

डॉक्टरों को कम से कम पांच पीड़ितों के सिर पर भी गंभीर चोटें मिलीं. माना जा रहा है कि भगदड़ और अफरा-तफरी के दौरान गिरने या किसी चीज से टकराने के कारण उनके दिमाग में आंतरिक रक्तस्राव (internal bleeding) हुआ, जिससे उनकी मौत हो गई.

अचानक लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी

यह दुखद घटना सप्तमी की शाम को हुई, जब बारिश के बीच अचानक लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे मुक्ताराम बाबू स्ट्रीट पर स्थित पंडाल के पास भगदड़ मच गई. लगभग 45 घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से कई लोगों ने सांस लेने में तकलीफ और दम घुटने की शिकायत की थी.

बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 19 हो गई. मरने वालों में 13 महिलाएं और दो लड़के (जिनकी उम्र 5 और 13 साल थी) शामिल हैं. पुलिस ने भीड़ प्रबंधन में कथित लापरवाही के आरोप में पूजा आयोजन समिति के सदस्यों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है.

पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा

राज्य सरकार ने पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है और इस हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं. रविवार को बाकी शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा था. अधिकारियों ने बताया कि अंतिम मेडिकल रिपोर्ट इस जांच का एक अहम हिस्सा होगी.

रवि भूतड़ा

रवि भूतड़ा

रवि भूतड़ा 18 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. रवि छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के रहने वाले हैं. इन्होंने अपने पत्रकारिता की शुरुआत छत्तीसगढ़ के आखिरी छोर और बस्तर संभाग के कोंटा से एक सांध्य दैनिक अखबार चैनल इंडिया से की थी. इन्होंने विभिन्न प्रिंट, इलेक्ट्रानिक, वेब एवं डिजिटल मीडिया में कार्य किया है. प्रिंट में हरिभूमि, सेंट्रल क्रॉनिकल, द हितवाद, पायनियर में काम किया और नई दुनिया में जिला ब्यूरो के पद पर रहे. इलेक्ट्रनिक मीडिया में सहारा समय, जी मीडिया, इंडिया न्यूज चैनल में बतौर स्ट्रिंगर काम किया. इन्हें क्राइम, समाजिक एवं राजनीति खबरों में दिलचस्पी है. इन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है. लिखने और घूमने का शौक रखते हैं. इन्होंने पंडित रवि शंकर यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है.

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