18 साल में पहली बार महिला दावेदार, नेताओं की दूरी से मुकाबला रोचक - Vidisha News

Published on 8 अग॰ 2026

शहर की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था सनातन श्री हिंदू उत्सव समिति के चुनाव इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक और दिलचस्प हो गए हैं। 2911 मतदाताओं वाली इस प्रतिष्ठित संस्था के 18 साल के इतिहास में पहली बार एक महिला अध्यक्ष पद की दौड़ में है।

.

वहीं, हर चुनाव में पर्दे के पीछे सक्रिय रहने वाले राजनीतिक दलों और नेताओं ने इस बार पूरी तरह दूरी बना ली है। ऐसे में मुकाबला पूरी तरह सदस्यों के भरोसे सिमट गया है। नाम वापसी के अंतिम दिन शुक्रवार को वीरेन्द्र धाकड़ और कमलेश अहिरवार ने अपने नाम वापस ले लिए। अब अध्यक्ष पद के लिए सरदार सिंह रघुवंशी, डॉ. मिथलेश दांगी, रामराज दांगी और भूपेंद्र सिंह रघुवंशी मैदान में हैं। 16 अगस्त को होने वाला मतदान समिति के नए अध्यक्ष का फैसला करेगा।

समिति के चुनावों का इतिहास रहा है कि किसी बड़े राजनीतिक दल या प्रभावशाली नेता का समर्थन जीत का बड़ा आधार माना जाता था। पर्दे के पीछे बैठकों और जोड़-तोड़ के बाद अक्सर मुकाबला दो प्रत्याशियों तक सिमट जाता था। इस बार तस्वीर पूरी तरह बदली हुई है। किसी भी राजनीतिक दल या बड़े नेता ने चुनाव में हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे चारों उम्मीदवार पूरी मजबूती के साथ मैदान में बने हुए हैं। डॉ. मिथलेश दांगी: महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, सभी वर्गों को साथ लेकर सनातन हित में कार्य करने और परंपराओं को सहेजने का वादा। सरदार सिंह रघुवंशी: विजय मंदिर के पट खुलवाना प्राथमिकता, दुर्गा उत्सव, गणेश उत्सव सहित धार्मिक आयोजनों को भव्य बनाने का संकल्प। भूपेंद्र सिंह रघुवंशी: समिति का आधुनिक कार्यालय बनवाने तथा सनातन धर्म और बीजा मंडल के ताले खुलवाने के लिए प्रयास करने की बात।

पहली महिला प्रत्याशी, इतिहास रचने का मौका समिति के गठन (2007-08) से अब तक किसी महिला ने अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी नहीं की थी। डॉ. मिथलेश दांगी पहली महिला प्रत्याशी हैं, जिन्होंने चुनाव मैदान में उतरकर नया अध्याय जोड़ा है। उनका कहना है कि महिलाओं की भागीदारी के बिना कोई भी धार्मिक आयोजन पूर्ण नहीं हो सकता। यदि वे निर्वाचित होती हैं तो समिति के इतिहास में पहली महिला अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड उनके नाम होगा।

ऐसे हुई थी समिति की शुरुआत संस्थापक अध्यक्ष नारायण सिंह कुशवाह ने बताया कि 2007-08 में एक समुदाय के बड़े आयोजन को देखकर हिंदू समाज को संगठित करने का विचार आया। घर-घर जाकर सदस्य बनाए गए। वर्ष 2008 में समिति का गठन हुआ और 2014 में इसका विधिवत पंजीयन कराया गया। तब से समिति में कार्यकारिणी का चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होता आ रहा है।

रामराज दांगी: हिंदू हित के लिए निरंतर कार्य, चल समारोह मार्ग पर महिलाओं के लिए शौचालय निर्माण तथा अपने संगठनात्मक अनुभव का लाभ समिति को देने का वादा।