Aug 29, 2026 01:11 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

इंडियन-मेड मोटरसाइकिलों का दुनियाभर में दबदबा बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि FY26 में भारत में बनी मोटरसाइकिलें 154 देशों में एक्सपोर्ट की गईं। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में भारत से रिकॉर्ड 51.8 लाख टू-व्हीलर एक्सपोर्ट किए गए।

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इंडियन-मेड टू-व्हीलर्स (मोटरसाइकि) ने दुनियाभर में अपना जलवा बिखेर दिया है। भारत खुद के साथ दुनिया के कई देशों के लिए टू-व्हीलर्स का बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बन चुका है। कोलंबिया के बिजी शहरों से लेकर नाइजीरिया के कारोबारी इलाकों तक भारतीय कंपनियों की बनाई मोटरसाइकिल्स डेली कम्यूट का हिस्सा बन रही हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत में बनने वाली हर चार मोटरसाइकिल में से करीब एक विदेश में एक्सपोर्ट हो रही है। मोटरसाइकिल एक्सपोर्ट पर सबसे आगे बजाज ऑटो रही। आइए जानते हैं डीटेल।
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हर चार में से एक बाइक विदेश भेजी गई
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में करीब 1.75 करोड़ मोटरसाइकिलों का प्रोडक्शन हुआ, जिनमें से 44.77 लाख यूनिट्स को विदेशों में एक्सपोर्ट किया गया। टोटल प्रोडक्शन में एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2024-25 के 22.7 फीसदी से बढ़कर FY26 में 25.7 फीसदी हो गई। यह दिखाता है कि भारतीय दोपहिया कंपनियों के लिए विदेशी बाजार कितने जरूरी होते जा रहे हैं। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में भारत से रिकॉर्ड 51.8 लाख टू-व्हीलर एक्सपोर्ट किए गए। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले 23.4 फीसदी ज्यादा है। भारतीय कंपनियों के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में बढ़ोतरी, ब्रैंड्स की बढ़ती पहचान और बेहतर क्वॉलिटी को इस तेजी की बड़ी वजह माना जा रहा है। रुपये में गिरावट ने भी एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने में मदद की है।
मोटरसाइकिल एक्सपोर्ट में जबरदस्त बढ़ोतरी
भारत से मोटरसाइकिलों का एक्सपोर्ट पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। मोटरसाइकिल एक्सपोर्ट की वैल्यू FY18 में 12,903 करोड़ रुपये थी, जो FY22 में बढ़कर 22,249 करोड़ रुपये और FY26 में 35,253 करोड़ रुपये पहुंच गई। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ पिछले वित्त वर्ष में ही मोटरसाइकिल एक्सपोर्ट में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। FY26 में भारत में बनी मोटरसाइकिलें 154 देशों में एक्सपोर्ट की गईं। हालांकि, टोटल एक्सपोर्ट का करीब आधा हिस्सा सिर्फ सात देशों से आया। इनमें कोलंबिया सबसे बड़ा बाजार रहा। इसके बाद मैक्सिको, श्रीलंका, नेपाल, नाइजीरिया, ब्राजील और Guinea का नंबर रहा।
बजाज और टीवीएस सबसे आगे
भारतीय मोटरसाइकिल एक्सपोर्ट में बजाज ऑटो सबसे आगे रही। FY26 में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 38 फीसदी रही। इसके बाद TVS Motor 27.5 फीसदी हिस्सेदारी के साथ दूसरे नंबर पर रही। Honda Motorcycle & Scooter India, Hero MotoCorp, India Yamaha Motor और Suzuki Motorcycle India भी बड़े एक्सपोर्टर्स में शामिल रहे। रॉयल एनफील्ड की हिस्सेदारी करीब 2.5 फीसदी रही। बजाज ऑटो ने अपनी FY26 ऐनुअल रिपोर्ट में बताया कि लैटिन अमेरिका में कंपनी के ब्रांड्स की मांग लगातार मजबूत रही। श्रीलंका, नेपाल और फिलीपींस जैसे एशियाई बाजारों में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली, जबकि नाइजीरिया के बाजार में भी रिकवरी के पॉजिटिव साइन मिले।
दुनिया की टू-व्हीलर फैक्ट्री बन रहा भारत
उभरते बाजारों में सस्ती, भरोसेमंद और कम फ्यूल खर्च वाली मोटरसाइकिलों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत तेजी से दुनिया के बड़े टू-व्हीलर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के तौर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। रिकॉर्ड एक्सपोर्ट और विदेशों में भारतीय ब्रैंड्स की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए आने वाले समय में टू-व्हीलर इंडस्ट्री की ग्रोथ सिर्फ घरेलू बाजार से नहीं, बल्कि विदेशी सड़कों से भी तय हो सकती है।
