Nepal Flash Flood: 'अगर छत टिकी रही तो बच जायेंगे...', लोगों की बातें जानकर छलक पड़ेंगे आंसू

Published on 28 अग॰ 2026

Nepal Flash Flood: 26 अगस्त को नेपाल में आई अचानक बाढ़ की वजह से त्रिशूली नदी में शव बहते दिख रहे हैं. तिब्बत सीमा से लेकर नारायणी के संगम तक 150 किलोमीटर का दायरा फिलहाल'डेथ कॉरिडोर' में तब्दील हो चुका है. गुरुवार शाम तक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 309 शव निकाले गए जबकि 1500 से अधिक लोग मलबे में लापता हैं.

View on Instagram

अपनों के इंतजार में परिजन

प्रभात खबर की टीम जब नेपाल के नुवाकोट स्थित बट्टार के 'श्री नं. 1 सैन्य प्रशिक्षण केंद्र' पहुंची तो रूह कंपा देने वाला मंजर दिखा. आसमान में गरजते सैन्य हेलिकॉप्टरों की गूंज और नीचे जमीन पर बदहवास आंखें. बाढ़ग्रस्त इलाकों से कोई हेलिकॉप्टर उतरता है, तो दर्जनों लाचार परिजन भागते हैं. किसी के हाथ में बेटे की तस्वीर है, तो किसी की जुबां पर बस एक दुआ कि शायद मेरा अपना सही सलामत लौट आया हो.

त्रिशूली नदी
त्रिशूली नदी

लोगों ने सुनाई आपबीती

कई लोगों ने आपबीती सुनाई. बातचीत के दौरान सविता अधिकारी अपने पति की तलाश में घंटों से टकटकी लगाए बैठी थीं. त्रिशूली हाइड्रो प्रोजेक्ट में कार्यरत उनके पति से बाढ़ आने के बाद से ही संपर्क कट गया है. जानकारी मिली थी कि प्रोजेक्ट के कुछ कर्मचारी और कंपनी के मालिक सुरंग के भीतर चले गए थे और सेना वहां बचाव अभियान चला रही है.

सविता ने कहा, संभव है मेरे पति सुरंग के भीतर सुरक्षित हों और इसी वजह से नेटवर्क न होने के कारण संपर्क नहीं हो पा रहा है. मुझे पूरा यकीन है कि सेना उन्हें जल्द बाहर निकाल लेगी. यहीं पर 74 साल के पदम बहादुर कंडेल अपने रिश्तेदार खलप्रसाद की खोज में सुबक रहे हैं. सूर्यगढ़ी-5 निवासी उनका भांजा अपने 11 साथियों के साथ गोसाइकुंड ट्रेकिंग के लिए निकला था.

View on Instagram

तादी से आए बासुदेव रिजाल अपने गोसाइकुंड गए भांजे के आखिरी शब्द याद कर बिलख पड़ते हैं- 'उसने फोन पर कहा था, मामा बस बह गई है. हम एक घर की छत पर हैं... अगर मकान टिका रहा तो बच जायेंगे. अगले ही पल नदी का रेला पूरे मकान समेत उसे बहा ले गया और फोन कट गया.

भरतपुर अस्पताल
भरतपुर अस्पताल

शवों के लिए अस्थाई रूप से इंतजाम

चितवन के भरतपुर महानगर पालिका 10 में बनाए गए विशेष शव पहचान केंद्र के बाहर सन्नाटे को चीरती हुई एंबुलेंस की सायरन बजती है. सामान्य शवगृहों की 50 की क्षमता भर चुकी है, इसलिए यहां 250 शवों के लिए ड्राई आइस और डीप फ्रीजर का अस्थाई इंतजाम किया गया है.

चितवन की यमन बानू अपने कुनबे के 14 लापता लोगों की तलाश में यहां पहुंची हैं. पालुंगटार से गए 39 तीर्थयात्रियों का कुछ पता नहीं है. 25 एंबुलेंस लगातार नारायणी के किनारों से निकाले गए शवों को लेकर पहुंच रही हैं और परिजन हर कफन हटाकर अपनों का चेहरा तलाश रहे हैं.

Also Read: पूरे बिहार में आज बिगड़ा रहेगा मौसम, इन जिलों में होगी भयंकर बारिश, तेज हवा के साथ बिजली गिरने का अलर्ट