झालावाड़ जिला बैठक में संगठन विस्तार, ग्राम समितियों के गठन, शिक्षा-स्वास्थ्य, खेल, हितरक्षा और जनजाति विकास के विभिन्न कार्यक्रमों की बनी कार्ययोजना।
राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद् झालावाड़ की बैठक रविवार को असनावर स्थित भगवान बिरसा मुंडा आश्रम में आयोजित हुई।
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बैठक में संगठन विस्तार के साथ जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास के लिए वर्षभर की कार्ययोजना तैयार की गई। इसमें अगस्त में जिले के 150 गांवों में रक्षाबंधन उत्सव, 101 जनजाति गांवों में गणेश महोत्सव, वन-विहार कार्यक्रम, चिकित्सा शिविर, खेल प्रतियोगिताएं, ग्राम समितियों के गठन और हितरक्षा गतिविधियों को गति देने जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक का शुभारंभ मां भारती के चित्र पूजन के साथ हुआ। इसमें प्रांत हितरक्षा प्रमुख राधेश्याम भील, विभाग संगठन मंत्री नरेंद्र कुमार, विभाग सह संगठन मंत्री गुजरात सिंह, जिलाध्यक्ष मदनलाल भील सहित जिला एवं ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अगस्त तक पूर्ण हों संगठनात्मक दायित्व
विभाग संगठन मंत्री नरेंद्र कुमार ने जिला और ब्लॉक स्तर की कार्यकारिणियों को शीघ्र पूर्ण करने पर जोर देते हुए कहा कि सभी लंबित दायित्व अगस्त माह तक पूरे किए जाएं।
उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक में कार्यकारिणी गठन, पालक अधिकारियों और विभिन्न प्रकल्पों के पालक कार्यकर्ताओं की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए नियमित प्रवास और रात्रि विश्राम की योजना बनाने का आह्वान किया।

राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद् के सदस्यों ने संगठन विस्तार से लेकर गांवों के विकास तक की कार्ययोजना पर किया मंथन।
150 गांवों में रक्षाबंधन, 101 गांवों में गणेश महोत्सव
बैठक में प्रवेशोत्सव कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। आगामी रक्षाबंधन उत्सव जिले के 150 गांवों में मनाने के लिए कार्यकर्ताओं की टोलियां बनाकर प्रवास तय किया गया। अगस्त में वन-विहार कार्यक्रम आयोजित करने तथा गणेश महोत्सव के तहत 101 जनजाति गांवों में समाज के सहयोग से गणेश प्रतिमाओं की स्थापना और विसर्जन की व्यवस्थित योजना बनाने पर भी सहमति बनी।
स्वास्थ्य, खेल और जनगणना पर भी रहेगा फोकस
सितंबर-अक्टूबर में मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जिले के चार गांवों में चिकित्सा शिविर आयोजित करने की योजना बनाई गई। आगामी अखिल भारतीय खेल प्रतियोगिता को देखते हुए सभी खेल केंद्रों को सक्रिय करने तथा जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता की तिथि और स्थान शीघ्र तय करने पर चर्चा हुई। इसके अलावा आगामी जनगणना को लेकर जिला स्तर पर कार्यशाला आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया।
हितरक्षा और ग्राम विकास को मिलेगा विशेष बल
बैठक में हितरक्षा आयाम के अंतर्गत पूर्व में चयनित एक ब्लॉक और पांच गांवों में चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। आगामी कार्यशाला के लिए गांवों के हितरक्षा प्रमुखों से संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया गया। प्रांत हितरक्षा प्रमुख राधेश्याम भील ने जनजाति समाज तक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने नगरवासी और वनवासी समाज के बीच सामाजिक समरसता को मजबूत करने, जिले को स्वावलंबी बनाने, वर्ष में कम से कम एक व्यापक जनजाति संपर्क अभियान चलाने तथा जिले के कम से कम 25 प्रतिशत गांवों में ग्राम समितियों के गठन का लक्ष्य निर्धारित करने पर बल दिया।
साथ ही ग्राम समितियों की समीक्षा, सांस्कृतिक गतिविधियों से गांवों को जोड़ने तथा शिक्षा, हितरक्षा, श्रद्धाजागरण, ग्राम विकास, लोककला और खेल से जुड़े प्रकल्पों को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता भी बताई। नियमित प्रवास, रात्रि विश्राम और नए कार्यकर्ताओं को उनकी रुचि के अनुसार दायित्व देकर संगठन विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया।