प्रदेश के निगमों में काम बढ़ता गया, अमला घटता गया...: 1465 पद खाली, भर्ती 85 की; 14 निगमों ने मांगे थे 266 पद - Raipur News

Published on 1 सित॰ 2026

रायपुर/बिलासपुर35 मिनट पहले

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प्रदेश के नगर निगमों में अधिकारियों और कर्मचारियों की भारी कमी के बीच सरकार ने सीधी भर्ती का रास्ता तो खोल दिया है, लेकिन मंजूरी जरूरत के मुकाबले बेहद सीमित है। राज्य के 14 नगर निगमों में चार महत्वपूर्ण श्रेणियों के 1465 स्वीकृत पदों में 1127 पद खाली हैं, जबकि निगमों ने इन रिक्तियों के मुकाबले कुल 266 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव भेजा था।

वित्त विभाग ने इनमें से केवल 85 पदों पर सीधी भर्ती की सहमति दी है। यानी जिन चार श्रेणियों में नगर निगमों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, उनमें कुल रिक्तियों के मुकाबले भर्ती की मंजूरी 10% से भी कम है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने वित्त विभाग की सहमति मिलने के बाद सभी नगर निगमों को स्वीकृत पदों की जानकारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

भर्ती के लिए 10 राजस्व निरीक्षक, 30 सहायक राजस्व निरीक्षक, 25 सहायक वर्ग-3 और 20 उप अभियंता के पद मंजूर किए गए हैं। वित्त विभाग ने इस संबंध में 17 अगस्त 2026 को सहमति दी थी, जिसके बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए आदेश जारी किया।

बिलासपुर नगर निगम की स्थिति चिंताजनक, 160 पद खाली

राज्य के प्रमुख नगर निगमों में बिलासपुर की स्थिति भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं है। यहां इन चार श्रेणियों में 230 स्वीकृत पदों के मुकाबले 160 पद खाली हैं। यानी करीब 68 प्रतिशत अमला नहीं है। निगम ने 13 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव भेजा था और सरकार ने सभी 13 पदों को मंजूरी दी है।

बिलासपुर को 2 राजस्व निरीक्षक, 4 सहायक राजस्व निरीक्षक, 3 सहायक वर्ग-3 और 4 उप अभियंता मिलेंगे। इससे राजस्व वसूली और निर्माण कार्यों की तकनीकी निगरानी को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन खाली पदों की तुलना में यह संख्या अभी भी बेहद कम है।

रायपुर से कोरबा तक खाली पदों का दबाव

राजधानी रायपुर में भी स्थिति गंभीर है। यहां चार श्रेणियों के 344 स्वीकृत पदों में 241 पद खाली हैं, लेकिन भर्ती के लिए सिर्फ 22 पद प्रस्तावित किए गए थे। भिलाई में 113, दुर्ग में 121, कोरबा में 102 और बिलासपुर में 160 पद रिक्त हैं। सबसे अधिक रिक्तियां सहायक वर्ग-3 और उप अभियंता श्रेणी में हैं।

प्रदेश के 14 नगर निगमों में 593 स्वीकृत सहायक वर्ग-3 पदों में 500 पद खाली हैं। वहीं 336 उप अभियंता पदों में 194 रिक्त हैं। राजस्व निरीक्षक के 92 पदों में 52 और सहायक राजस्व निरीक्षक के 436 पदों में 274 पद खाली हैं। नगर निगमों में कर्मचारियों की कमी का सीधा असर संपत्ति कर वसूली, राजस्व सर्वे, अवैध निर्माणों की निगरानी, विकास कार्यों की तकनीकी जांच और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।

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