14 हजार पंचायतों में 3 लाख कर्मचारी नहीं डालेंगे वोट: पंचायत चुनाव में ड्यूटी का खामियाजा; 45 हजार बूथों पर लगेंगे 5.90 लाख कर्मचारी - Jaipur News

Published on 8 अक्टू॰ 2026

14 हजार पंचायतों में 3 लाख कर्मचारी नहीं डालेंगे वोट:पंचायत चुनाव में ड्यूटी का खामियाजा; 45 हजार बूथों पर लगेंगे 5.90 लाख कर्मचारी

जयपुर36 मिनट पहलेलेखक: मदन कलाल

  • कॉपी लिंक

प्रदेश में पंच-सरपंच चुनाव कराने वाले करीब 3 लाख कर्मचारी खुद अपना वोट नहीं डाल पाएंगे। वजह, पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए पोस्टल बैलेट का प्रावधान नहीं है। मतदान के दिन ही मतगणना और परिणाम घोषित होने से राज्य निर्वाचन आयोग भी इसका विकल्प नहीं तलाश पाया है।

प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों के 45,384 मतदान केंद्रों पर करीब 5.90 लाख कर्मचारी और पुलिसकर्मी तैनात होंगे। इनमें लगभग पौने तीन लाख पुलिसकर्मी हैं। कर्मचारी संगठनों के अनुसार शहरी क्षेत्र के कर्मचारियों को हटा भी दें तो करीब 3 लाख ग्रामीण कर्मचारी मतदान से वंचित रह सकते हैं। लोकसभा-विधानसभा चुनाव में ड्यूटी कर्मी पोस्टल बैलेट से वोट देते हैं। कई करीबी मुकाबलों में ये मत निर्णायक भी होते हैं। पंचायत चुनाव में ऐसी व्यवस्था नहीं है, जबकि मतदाता जागरूकता अभियानों में लगातार हर वोट की अहमियत बताई जाती है। आयोग का कहना है कि प्रक्रिया कम समय में पूरी होती है और मतदान के दिन ही परिणाम घोषित करने होते हैं, इसलिए फिलहाल कोई ठोस विकल्प सामने नहीं आया है।

कर्मचारी संगठन : जरूरत पड़ी तो कोर्ट जाएंगे

एक-एक वोट महत्वपूर्ण है। करीब 3 लाख कर्मचारियों को ड्यूटी के कारण मतदान से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। समाधान नहीं निकला तो न्यायालय जाने पर विचार करेंगे। -नारायण सिंह सिसोदिया, प्रवक्ता, अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ पेंशनर्स

विवरणसंख्या
मतदाता4,03,07,308
मतदान केंद्र45,384
कर्मचारी-पुलिस5,89,992
ग्राम पंचायतें14,403
वार्ड1,30,589

ये विकल्प हो सकते हैं ड्यूटी कर्मियों के लिए सुरक्षित एप आधारित मतदान। मतदान और मतगणना के बीच अंतर रखा जाए। ग्रामीण कर्मचारियों की जगह अधिक शहरी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। तकनीकी पहचान सत्यापन के साथ अलग मतदान व्यवस्था विकसित की जाए।

आयोग: अभी विकल्प नहीं

सरपंच चुनाव में पोस्टल बैलेट का प्रावधान नहीं है। प्रक्रिया के लिए समय कम रहता है और मतदान के दिन ही परिणाम घोषित होते हैं। फिलहाल कोई ठोस विकल्प सामने नहीं आया है। -राजेश वर्मा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव

.