वनांचल के सपनों को मिली नई उड़ान : एकलव्य आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह के 12 विद्यार्थियों ने NEET किया क्वालिफाई - Haribhoomi

Published on 17 जुल॰ 2026

धमतरी जिले के पथर्रीडीह स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के 24 विद्यार्थियों ने NEET-2026 की परीक्षा दिलाई, इनमें से 12 ने क्वालिफाई कर लिया है।

 Eklavya Residential School

एकलव्य आवासीय विद्यालय

  • Published: 17 Jul 2026, 07:08 PM IST
  • Last Updated: 17 Jul 2026, 07:08 PM IST

उमेश सिंह बशिस्ट- धमतरी। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रतिस्पर्धी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित शासन की महत्वाकांक्षी एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) योजना आज सार्थक परिणाम दे रही है। धमतरी जिले के नगरी विकासखंड स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, पथर्रीडीह ने वर्ष NEET-2026 में उल्लेखनीय सफलता अर्जित कर जिले को गौरवान्वित किया है।

24 विद्यार्थियों ने NEET-2026 परीक्षा में भाग लिया
वनांचल के इस आवासीय विद्यालय से इस वर्ष 24 विद्यार्थियों ने NEET-2026 परीक्षा में भाग लिया, जिनमें से 12 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण कर सफलता प्राप्त की है। इन विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन से अब दूरस्थ ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों के अनेक प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के द्वार खुल गए हैं। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिलने पर ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्र के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

किसे कितने फीसदी अंक मिले
विद्यालय के विद्यार्थियों में राधेश्याम ने 388 अंक (88.49 परसेंटाइल) प्राप्त कर सर्वाच्च प्रदर्शन किया। इसके अलावा डिंपल कंवर (349 अंक), मनीषा (300 अंक), पूर्णिमा (300 अंक), दयानंद मरकाम (280 अंक), दिव्या (271 अंक), हरिकेश कुमार (263 अंक), सोनम दीवान (244 अंक), मेनका (220 अंक), प्रीति कश्यप (196 अंक), गुंजा (182 अंक) तथा आराधना (180 अंक) ने भी सफलता प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की स्थापना का उद्देश्य दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा समग्र व्यक्तित्व विकास के अवसर उपलब्ध कराना है। पथरीडीह विद्यालय की यह उपलब्धि शासन की जनजातीय शिक्षा को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता और शिक्षकों के समर्पित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है।

धमतरी जिले के लिए गर्व का विषय : कलेक्टर
विद्यार्थियों की इस उल्लेखनीय सफलता पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी। साथ ही उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पथरीडीह के विद्यार्थियों की NEET-2026 में मिली सफलता पूरे धमतरी जिले के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और शासन द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये विद्यार्थी भविष्य में कुशल चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करेंगे तथा अपने क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।

वनांचल के हजारों सपनों की जीत 
यह सफलता केवल 12 विद्यार्थियों की उपलब्धि नहीं, बल्कि वनांचल के उन हजारों सपनों की जीत है जो शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को नई दिशा देना चाहते हैं। धमतरी का एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पथरीडीह आज इस विश्वास का प्रतीक बन गया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, उसे केवल सही अवसर और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। दूरस्थ वनांचल के बच्चों का राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन यह सिद्ध करता है कि अवसर और उचित मार्गदर्शन मिलने पर प्रतिभा किसी भी भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती। मुझे विश्वास है कि ये विद्यार्थी भविष्य में उत्कृष्ट चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करेंगे तथा अपने क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे। जिला प्रशासन शिक्षा की गुणवत्ता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करता रहेगा।

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