रांची1 घंटे पहले
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विधानसभा के सामने सोमवार को हुए लाठीचार्ज के बाद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन का माहौल पूरी तरह बदल गया। लाठीचार्ज में करीब 100 छात्र-छात्राओं को चोट आई। प्राथमिक उपचार के बाद जब कई घायल छात्र स्टेडियम में बने मंच पर लौटे तो उनकी हालत देखकर साथी छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। किसी के शरीर पर चोट के निशान थे तो कोई दर्द से कराह रहा था।
कई छात्र भावुक हो गए और उनकी आंखों से सिसकियां निकल पड़ीं। रात करीब 7.30 बजे छात्रों ने सरकार और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पिछले 16 दिनों से जिस पंडाल में छात्र शांतिपूर्ण सत्याग्रह कर परीक्षाओं में हुई अनियमितता की सीबीआई जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे थे, उसी मंच पर सोमवार रात सरकार की नीति और नीयत पर सवाल उठने लगे। छात्रों ने कहा कि अब सरकार की ओर से बनाई गई कमेटी से बातचीत नहीं होगी। अब मुख्यमंत्री से ही बात होगी, जिम्मेदार व्यक्ति से जवाब चाहिए।
रिफॉर्म मंच का ऐलान: आंदोलन और व्यापक होगा
1: आज अलबर्ट एक्का चौक पर मंत्री सुदिव्य सोनू का पुतला फूंका जाएगा।
2: अब छात्र सरकार की कमेटी से नहीं, सीधे सीएम से वार्ता करेंगे।
3: छात्रों का कहना है कि अब वे जिम्मेदार व्यक्ति से जवाब चाहते हैं।
4: जेएसएससी-सीजीएल रद्द और सीबीआई जांच की मांग पूरी होने तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। आज से कुछ और छात्र भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
सरकार से वार्ता करने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल छात्रों के घर पहुंची सीआईडी
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के दो छात्र जो सरकार से वार्ता करने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे, उनके घर सोमवार को सीआईडी की टीम पहुंची। छात्र अंकित कुमार और रविन्द्र पासवान ने बताया कि उनका घर गिरिडीह में है। दोपहर करीब 3 बजे घर पर कुछ लोग पहुंचे। उन्होंने स्वयं को सीआईडी का अधिकारी बताया। इसके बाद परिवार वालों से हमारे बारे में जुड़ी जानकारी ली। परिवार का पूरा डिटेल लिया। परिवार वालों को बताया कि आपके बच्चे आंदोलन कर रहे हैं, क्या इसकी जानकारी आपलोगों को है। इस पर परिवार वालों ने बताया कि जब परीक्षा में इतने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी होगी तो कोई भी बच्चा आंदोलन का हिस्सा बनेगा। इसके बाद वे लोग वहां से चले गए। छात्रों ने आशंका जताई है कि अब उन्हें डराने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
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