
ट्रंप और मुज्तबा खामेनेई Image Credit source: TV9
अमेरिका और ईरान में फिर से महायुद्ध शुरू हो गया है. राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेना ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रही है. एक हफ्ते के भीतर ईरान पर अमेरिका का ये तीसरा हमला है. बड़ी बात ये है कि अमेरिका की तय की गई डेडलाइन खत्म होने के तुरंत बाद ये हमले शुरू हुए हैं. ईरान के 12 शहरों में 140 से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी की गई है. कहा जा रहा है कि ट्रंप इस बार अपने “मिशन ईरान” को कामयाब बनाने के इरादे के साथ मैदान में उतरे हैं. दूसरी तरफ ईरानी सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ट्रंप से इंतकाम लेने के लिए जंग के मैदान में हैं.
उधर, ईरान ने भी अमेरिकी बेस पर हमले शुरू कर दिए हैं. खाड़ी के 6 देशों पर ईरान ने हमले किए हैं. हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है. होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते संकट ने तेल सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भी नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं क्योंकि ईरान ने होर्मुज को पूरी तरह से बंद कर दिया है. अब किसी भी देश के जहाज को यहां से नहीं गुजारा जा रहा है. खुद अन्य देशों के जहाजों ने होर्मुज स्ट्रेट से दूरी बना ली है.
होर्मुज को बंद किए जाने पर ईरान का बयान सामने आया है. ईरान का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और समुद्री सुरक्षा से जुड़े विवादों के कारण उसने ये फैसला लिया. ईरानी अधिकारियों का दावा है कि कुछ जहाज तय समुद्री मार्गों का पालन नहीं कर रहे थे और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर रहे थे. इसी बीच समुद्र में हुई घटनाओं और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव ने हालात को और गंभीर बना दिया.
सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलने तक बंद रहेगा होर्मुज
ईरान ने साफ संकेत दिया है कि जब तक उसे अपनी सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलता और बाहरी सैन्य दबाव कम नहीं होता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हालात को पूरी तरह सामान्य करना आसान नहीं होगा. ईरान का कहना है कि इसीलिए होर्मुज को पूरी तरह बंद करने का फैसला किया गया है. इसके बाद जो भी जहाज इस इलाके में घुसने की कोशिश करेगा, उसे जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.
ईरान के हमलों को डिफेंस सिस्टम से रोका
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए कार्रवाई की. बहरीन में हवाई हमले के सायरन बजे, जबकि कतर ने लोगों से सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की. ओमान के डुक्म बंदरगाह से भी हमले की खबरें सामने आईं. अमेरिकी सेना दावा कर रही है कि उनके सभी एयरबेस सुरक्षित हैं. ईरान की तरफ से किए जा रहे हमलों को डिफेंस सिस्टम से रोका जा रहा है.
अमेरिकी एयरबेसों पर दागी बैलिस्टिक मिसाइलें
ईरान की IRGC ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में प्रिंस हसन एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. IRGC के अनुसार, एक कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर और MQ-9 ड्रोन हैंगर को निशाना बनाया गया. हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर भी हमला करने का दावा किया है.
ईरान के 300 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमला
अमेरिका का दावा है कि उसने पिछले तीन दिनों में ईरान के 300 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. वहीं, ईरानी मीडिया के अनुसार, होर्मोजगन और बुशहर प्रांतों के कई इलाकों में लगातार धमाके हुए हैं. हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है.

मोहम्मद जुनेद अख्तर
मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं. करियर की शुरुआत साल 2013 में 'अमर उजाला' गाजियाबाद से की थी. यहां इन्होंने करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया. फरवरी 2014 में नवोदय टाइम्स अखबार से जुड़ गए और गाजियाबाद में ही रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर की. करीब एक साल बाद 2015 में गाजियाबाद से दिल्ली ट्रांसफर हो गया. दिल्ली में अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए. अगस्त 2016 में दिल्ली से नोएडा ट्रांसफर हो गया. नोएडा में क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम किया. इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला. 2024 में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. इस दौरान 'उत्तर प्रदेश टाइम्स' की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया. जनवरी 2025 में न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. यहां जुनेद अख्तर ने बतौर सब एडिटर काम किया और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर काम किया. सितम्बर 2025 से TV9 भारतवर्ष की वेबसाइट में सीनियर सब एडिटर के तौर पर जुड़े.
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