10 हजार से ज्यादा शिक्षकों की SIR में ड्यूटी: जनवरी में परीक्षा से पहले डेढ़ महीने जनगणना, फेस-2 का काम करेंगे 53 हजार शिक्षक - Raipur News

Published on 16 अक्टू॰ 2026

प्रदेश में 10 हजार से ज्यादा शिक्षकों की ड्यूटी फिर एसआईआर में लगा दी गई है। अगले एक महीने तक वे घर-घर जाकर मतदाता सूची से कटे नामों को तलाशेंगे और फार्म-6 भरवाकर उन्हें दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया करेंगे। इसके बाद फरवरी 2027 से शुरू होने वाली जनगणना

.

हालांकि इससे पहले जनगणना का पहला चरण इसी साल मई में कराया गया था। उस दौरान ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हुई थीं। लेकिन जनगणना का दूसरा चरण शैक्षणिक सत्र के बीच में होगा। इसमें घर-घर जाकर एक-एक व्यक्ति की जानकारी जुटाई जाएगी। प्रदेश में इस काम के लिए 53 हजार से ज्यादा शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी।

सभी विभागों के 27 हजार से ज्यादा स्टॉफ करेंगे काम

एसआईआर के विशेष अभियान के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। अभियान में 33 डीईओ, 90 ईआरओ, 377 एआरओ, 2719 सुपरवाइजर और 27196 बीएलओ लगाए गए हैं। इनमें शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी शामिल हैं। जिला निर्वाचन अधिकारियों ने बीएलओ को सक्रिय कर दिया है। हर बीएलओ को सप्ताह में 20 से 25 लोगों के घर पहुंचकर सत्यापन करना है। इस दौरान मतदाता सूची से कटे नामों को फिर जोड़ने की प्रक्रिया की जाएगी। बुधवार और गुरुवार को सामुदायिक भवन, रैनबसेरा आदि स्थानों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। शुक्रवार और शनिवार को मतदान केंद्रों के अंतर्गत आने वाले स्कूल-कॉलेजों में शिविर लगेंगे। यह अभियान 8 नवंबर तक चलेगा।

औसत वृद्धि दर से आबादी का अनुमान

वर्षअनुमानित जनसंख्या
2011 (वास्तविक जनगणना)2.55 करोड़
2021 (औसत वृद्धि दर से अनुमान)3.12 करोड़
2026 (15 साल की चक्रवृद्धि वृद्धि से अनुमान)3.45 करोड़

इस गणना में हर दशक 22.13% वृद्धि मानकर 2011 से 2026 तक 15 साल की चक्रवृद्धि वृद्धि लागू की गई है।

3.45 करोड़ आबादी तक पहुंचेंगे शिक्षक

जनगणना का दूसरा चरण जनवरी- फरवरी 2027 से शुरू होगा। इसके लिए प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों के 53 हजार से ज्यादा शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। पहले चरण में भी इन्हीं शिक्षकों ने घरों की गणना का काम किया था। उस समय मई में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हुई थी, लेकिन दूसरा चरण स्कूलों के शैक्षणिक सत्र के बीच होगा। दिसंबर-जनवरी में शिक्षकों की ट्रेनिंग और अन्य तैयारियां होंगी।

इसके बाद करीब एक महीने चलने वाली जनगणना में प्रगणक घर-घर पहुंचकर प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी लेंगे। अनुमान के मुताबिक छत्तीसगढ़ की आबादी करीब 3.45 करोड़ हो सकती है। ऐसे में हर प्रगणक को रोज औसतन 20 से 21 लोगों तक पहुंचना होगा। आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय की 2025-26 की मासिक जनसंख्या प्रक्षेपण तालिका के मुताबिक 1 मार्च 2026 को प्रदेश की अनुमानित आबादी 3,12,11,000 यानी 3.12 करोड़ है।