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ग्रामीण आबादी को मालिकाना हक देने के उद्देश्य से सरकार ने स्वामित्व योजना में फ्री रजिस्ट्री करने अभियान शुरू किया था। पहले सरकार और पटवारियों के बीच चले विवाद के कारण काम नहीं हो सका और फिर जब बात बनी तो सर्वर डाउन होने और अब खेती किसानी के काम शुरू हो जाने से रजिस्ट्री के काम की गति काफी धीमी है।
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी को मालिकाना हक देने के आंकड़ों के अनुसार जिले की 9 तहसीलों के 930 गांवों में कुल 1 लाख 69 हजार 759 लोगों की रजिस्ट्री होना है। जिले में अब तक केवल 3534 लोगों की ही रजिस्ट्री हो सकी है। जिसका प्रतिशत 2.66 है। इस तरह से अभी 1 लाख 66 हजार 225 लोगों की रजिस्ट्री होना बाकी है। वर्तमान में 3619 मामलों में रजिस्ट्री शुरू हुई है, जिनमें से 2171 पटवारी सत्यापन स्तर पर है। इसके अलावा 878 सबमिट हो चुकी हैं जबकि 86 पंजीकरण प्रक्रिया में हैं। राज्य स्तर की बात करें तो सीहोर जिला संख्या के आधार पर 17वें स्थान पर है। इसी तरह यदि प्रतिशत प्रगति की बात करें तो इसका 35वां नंबर है।
किसानों ने कलेक्टर से की बात, पटवारी ने कहा - सर्वर डाउन होने से समस्या बुधवार को कलेक्टर बालागुरु के. सारंगाखेड़ी दोपहर 12.45 बजे पहुंचे। उन्होंने यहां पर स्वामित्व के काम को देखा। इस बीच पटवारी निलेश यादव ने बताया कि सर्वर डाउन होने से समस्या हो रही है। यादव ने बताया कि आज 9 लोगों की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। कलेक्टर ने सरपंच सोनू मालवीय से बात की तो उन्होंने बताया कि गांव के ग्रुप पर सभी को रजिस्ट्री कराने की सूचना डाली है। प्रवेश मालवीय से जानकारी ली तो उसने बताया कि वह कितने सालों से यहां रह रहे हैं। आज रजिस्ट्री का काम हुआ है। अर्जुन ने बताया कि उसकी रजिस्ट्री हो गई है। समस्याएं: पटवारी ने कलेक्टर को बताया कि सर्वर डाउन होने से जब साइट पर काम करते हैं तो पूरा प्रोसेस नहीं हो पाता है। इसमें काफी समय लगता है। इस कारण जिस व्यक्ति की रजिस्ट्री करना होता है उसे और गवाहों को काफी देर इंतजार करना पड़ता है।
दोराहा: यहां पर 5.05% काम पूरा हो चुका है। 7 हजार 161 रजिस्ट्री में से 341 हो चुकी हैं। इछावर: यहां 3.87% काम पूरा हुआ है। 26 हजार 497 में से 668 रजिस्ट्री हुई हैं। सीहोर: 3.13 फीसदी काम हुआ है। 29 हजार 177 रजिस्ट्री में से 694 हुई हैं। रेहटी: 10 हजार 176 रजिस्ट्री में से 233 हुई हैं। यानि 2.81 प्रतिशत काम हुआ है। 5. श्यामपुर: 12 हजार 975 में से अभी तक 303 रजिस्ट्री का काम ही पूरा हुआ है जो 2.79 फीसदी होता है। सबसे खराब स्थिति वाली तहसीलें 1. आष्टा : यहां स्थिति सबसे चिंताजनक है। 39 हजार 130 में से सिर्फ 500 रजिस्ट्री हुई हैं। 2. बुदनी: यहां केवल 143 रजिस्ट्री ही हुई है जिसका प्रतिशत 1.58 है। 3. जावर: 14 हजार 897 में से 253 रजिस्ट्री हुई हैं। इस तरह से 2.27 फीसदी काम हुआ है। भैरूंदा: 18 हजार 128 में से केवल 399 रजिस्ट्री हुईं। प्रतिशत 2.66 रहा है।
खेती - किसानी का काम होने से नहीं मिल रहे घर पर लोग कलेक्टर सुबह 11.30 बजे पचामा गांव पहुंचे और यहां पर भी स्वामित्व के काम को देखा। यहां पर पटवारी प्रीति शर्मा मौजूद थीं। उन्होंने भी सर्वर डाउन होने से आ रही दिक्कतों के बारे में बताया। इसके अलावा कलेक्टर ने लोगों से भी बातचीत की। पूरी प्रक्रिया को देखा। पटवारी ने बताया कि गांव में 313 लोगों की फ्री रजिस्ट्री होना है जिनमें से अभी तक 28 बन चुकी हैं। बुधवार को उन्होंने 9 रजिस्ट्री का काम पूरा कर लिया था। समस्याएं: पटवारी ने बताया कि सर्वर डाउन होने से परेशानी यह होती है कि जिसकी रजिस्ट्री होना है और जो दो गवाह होते हैं उन्हें इंतजार करना पड़ता है। साथ में दूसरी समस्या यह है कि इस समय किसानी के काम से लोग खेतों में रहते हैं। इसलिए घरों पर नहीं मिल पाते हैं। हालांकि वह सभी को बुला रहे हैं।