उत्तराखंड में बिजली नियमों का उल्लंघन पड़ेगा महंगा, अब 10 लाख तक जुर्माने का प्रावधान

Published on 2 सित॰ 2026

Uttarakhand Electricity Rules: उत्तराखंड में बिजली से जुड़े नियम और सख्त हो गए हैं. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब पहले के मुकाबले ज्यादा आर्थिक कार्रवाई होगी. आयोग के निर्देशों का पालन नहीं करने जैसे मामलों में जुर्माने की सीमा बढ़ा दी है.

Uttarakhand Electricity Rules: उत्तराखंड में बिजली से जुड़े नियम और सख्त हो गए हैं. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब पहले के मुकाबले ज्यादा आर्थिक कार्रवाई होगी. आयोग के निर्देशों का पालन नहीं करने जैसे मामलों में जुर्माने की सीमा बढ़ा दी है.

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cm dhami

सीएम धामी

Uttarakhand Electricity Rules: उत्तराखंड में बिजली से जुड़े नियम और सख्त हो गए हैं. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब पहले के मुकाबले ज्यादा आर्थिक कार्रवाई होगी. उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने केंद्र के जन विश्वास अधिनियम के प्रावधानों को लागू करते हुए बिजली चोरी, मीटर या विद्युत आपूर्ति की सामग्री को नुकसान पहुंचाने और आयोग के निर्देशों का पालन नहीं करने जैसे मामलों में जुर्माने की सीमा बढ़ा दी है.

नए प्रावधानों के तहत बिजली चोरी या विद्युत आपूर्ति से जुड़ी सामग्री को लापरवाही से नुकसान पहुंचाने पर अब 5 हजार से 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. दोबारा इसी तरह का उल्लंघन करने पर भी यही जुर्माना लागू होगा. इससे पहले ऐसे मामलों में अधिकतम जुर्माना 10 हजार रुपये तक था.

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आयोग के आदेश नहीं माने तो 5 लाख तक जुर्माना

विद्युत नियामक आयोग की ओर से जारी आदेश या निर्देशों का पालन नहीं करना भी अब महंगा पड़ेगा. धारा 142 के तहत ऐसे मामलों में जुर्माने की सीमा 10 हजार से बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक कर दी गई है. वहीं, अन्य उल्लंघनों के मामलों में 1 हजार से 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

नियम तोड़ने पर 10 लाख तक का जुर्माना

आयोग ने धारा 146 में भी बदलाव किया है. इसके तहत नियमों के उल्लंघन के मामलों में पहले मौजूद कारावास के प्रावधान को हटाकर जुर्माने पर जोर दिया गया है. गंभीर मामलों में यह जुर्माना 10 हजार से 10 लाख रुपये तक हो सकता है. छोटे उल्लंघनों के लिए 1 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना तय किया गया है.

कुछ मामलों में मौके पर हो सकेगा निपटारा

अपराधों के शमन से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव किया गया है. अधिनियम की धारा 135, 138 और 140 के तहत आने वाले मामलों में उपयुक्त सरकार या उसके अधिकृत अधिकारी निर्धारित राशि लेकर मामले का समाधान कर सकेंगे। यह व्यवस्था भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों के बावजूद लागू की जा सकेगी. यानी नए नियमों के बाद उत्तराखंड में बिजली चोरी से लेकर विद्युत व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और आयोग के निर्देशों की अनदेखी करने तक, कई तरह के उल्लंघनों पर आर्थिक कार्रवाई पहले से ज्यादा सख्त हो गई है.

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