By: Lapdeep Kaur | Updated Date: Sun, 25 Oct 2026 18:12:54 (IST)
नवंबर में पेंशनर्स, टैक्सपेयर्स और बिजनेस ओनर्स को कई जरूरी तारीखों का ध्यान रखना होगा। महीने की शुरुआत के साथ 80 साल से कम उम्र के पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का प्रोसेस शुरू होगा। वहीं, जिन टैक्सपेयर्स के अकाउंट्स का ऑडिट जरूरी है, उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की नई डेडलाइन 21 नवंबर तय की गई है। इसके अलावा, GST रिटर्न फॉर्म में प्रस्तावित बदलावों पर 1 से 30 नवंबर तक सुझाव मांगे जाने हैं। इन अपडेट्स का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होगा, लेकिन समय पर जानकारी न होने से पेंशन में देरी, टैक्स से जुड़ी परेशानी या बिजनेस में दिक्कत हो सकती है।
नवंबर में हर बदलाव को सीधे महंगाई या खर्च बढ़ने से जोड़ना सही नहीं होगा। कुछ तारीखें केवल तय प्रोसेस पूरी करने के लिए हैं, जबकि कुछ प्रस्ताव अभी चर्चा के चरण में हैं। ऐसे में जानना जरूरी है कि किस नियम का किस पर असर पड़ेगा और आम आदमी को क्या करना चाहिए।
1. लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का समय
- नवंबर की शुरुआत पेंशन पाने वाले लाखों लोगों के लिए एक जरूरी प्रक्रिया के साथ होगी। 80 साल से कम उम्र के पेंशनर्स 1 नवंबर 2026 से अपना एनुअल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं।
-इसे जीवन प्रमाण पत्र भी कहा जाता है। इसे 1 नवंबर से 30 नवंबर तक जमा कर सकते है। लाइफ सर्टिफिकेट का उद्देश्य है कि पेंशन पाने वाला व्यक्ति जीवित है और उसे पेंशन जारी रखी जानी चाहिए। यह प्रोसेस पूरी नहीं होने पर पेंशन के पेमेंट में रुकावट या देरी हो सकती है। इसलिए पेंशनर्स को इसे आखिरी दिनों तक टालने से बचना चाहिए।
घर बैठे भी जमा कर सकते हैं डिजिटल सर्टिफिकेट
पेंशनर्स के पास लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के कई विकल्प हैं:
- डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट: Jeevan Pramaan ऐप और फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा के जरिए पात्र पेंशनर्स डिजिटल सर्टिफिकेट बना सकते हैं।
- बैंक ब्रांच: पेंशन डिस्ट्रीब्यूट करने वाले बैंक की ब्रांच में जाकर सर्टिफिकेट को जमा किया जा सकता है।
2. ITR की डेडलाइन 21 नवंबर
-नवंबर में इनकम टैक्स रिटर्न से जुड़ी एक अहम तारीख भी है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए उन टैक्सपेयर्स की ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी है, जिनके मामले में इनकम टैक्स कानून के तहत खातों का ऑडिट जरूरी है। इसकी जानकारी वित्त मंत्रालय ने 28 सितंबर को जारी की थी।
-यहां ध्यान देने वाली बात है कि इस राहत का फायदा हर टैक्सपेयर को नहीं मिलेगा। जिन लोगों को सामान्य तौर पर ITR-1 या ITR-2 दाखिल करना होता है, उन्हें सिर्फ इस घोषणा के आधार पर अपनी डेडलाइन 21 नवंबर नहीं माननी चाहिए। रिटर्न की तारीख टैक्सपेयर की केटेगरी, इनकम के सोर्स और लागू नियमों पर निर्भर करती है।
3. GST रिटर्न फॉर्म में बदलाव पर मांगे जाएंगे सुझाव
नवंबर में GST से जुड़े कारोबारियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू होने वाली है। वित्त मंत्रालय 1 नवंबर से संशोधित GST रिटर्न फॉर्म के प्रस्ताव पर सुझाव आमंत्रित करेगा। यह प्रक्रिया 30 नवंबर तक चलने की जानकारी दी गई है। प्रस्ताव में GSTR-1, GSTR-1A और IFF फॉर्म में बदलाव शामिल हैं। इनका उद्देश्य बिक्री से जुड़े आंकड़ों और GSTR-3B में बताई गई टैक्स लायबिलिटीज के बीच मिलान बेहतर करना है।
4. SIP जारी रखें या निवेश में बदलाव करें?
-नवंबर 2026 में शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच म्यूचुअल फंड इन्वेस्टर्स को अपनी SIP बंद करने के बजाय निवेश की योजना की समीक्षा करनी चाहिए। अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि का है और नियमित आय बनी हुई है, तो बाजार में गिरावट के कारण घबराकर SIP रोकना जरूरी नहीं है।
-SIP के जरिए अलग-अलग बाजार लेवल पर निवेश होता है, जिससे कीमत कम होने पर ज्यादा यूनिट खरीदने का मौका मिल सकता है। हालांकि, इससे मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती।
-नवंबर में सबसे पहले अपने फंड के परफॉरमेंस, इन्वेस्ट के गोल और रिस्क उठाने की क्षमता की समीक्षा करें। अगर घरेलू खर्च बढ़ गए हैं या आय कम हुई है, तो SIP की रकम घटाने पर विचार कर सकते हैं।
5. इमरजेंसी फंड बनाएं
नवंबर में त्योहारों के बाद घरेलू बजट की समीक्षा करना और इमरजेंसी फंड तैयार करना फायदेमंद हो सकता है। नौकरी जाने, कारोबार में घाटा होने, अचानक मेडिकल खर्च या किसी अन्य आर्थिक परेशानी के समय यह बचत मदद करती है। वित्तीय विशेषज्ञ आमतौर पर 3 से 6 महीने के जरूरी खर्चों के बराबर रकम इमरजेंसी फंड में रखने की सलाह देते हैं। जिन लोगों की आय अनियमित है, जैसे फ्रीलांसर और कारोबारी, वे 6 से 12 महीने के खर्च का लक्ष्य रख सकते हैं। सबसे पहले किराया, राशन, बिजली, EMI, स्कूल फीस और दवाओं जैसे जरूरी मासिक खर्च जोड़ें। अगर ये खर्च ₹30,000 हैं, तो कम से कम ₹90,000 से ₹1।8 लाख का फंड बनाने का लक्ष्य रखें।