Published: Saturday, August 15, 2026, 12:47 [IST]
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के भाषण में युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए। इसमें सबसे ज्यादा चर्चा फ्री ऑनलाइन कोचिंग और 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल ट्रेनिंग देने की योजना की है। पीएम मोदी का फोकस साफ था। विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब देश के युवा उसकी सबसे बड़ी ताकत बनेंगे।
लाल किले से पीएम मोदी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अब कई मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ा खर्च बन चुकी है। महंगे कोचिंग सेंटर की फीस के कारण परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ता है। कई माता-पिता को लगता है कि बच्चे कोचिंग नहीं करेंगे तो वह प्रतियोगिता में पीछे रह जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा, "कोचिंग की बढ़ती होड़ ने मिडिल क्लास परिवारों पर भारी दबाव डाल दिया है। हम चाहते हैं कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को इस खर्च से राहत मिले और युवाओं को पढ़ाई के लिए घर से दूर जाने की मजबूरी भी न हो।" इसी सोच के साथ सरकार ने अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क तैयार करने का फैसला किया है। इसके लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और देश के अच्छे शिक्षकों व एजुकेटर्स को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की बात कही गई है।
JEE से NEET तक, पहले से मौजूद है SATHEE
यह ऐलान पूरी तरह शून्य से शुरू होने वाली कोशिश नहीं है। IIT कानपुर का SATHEE प्लेटफॉर्म पहले से फ्री ऑनलाइन तैयारी की सुविधा देता है। यह प्लेटफॉर्म नवंबर 2023 में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से शुरू हुआ था। SATHEE पर JEE, NEET, CUET, ICAR, SSC और IBPS जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कंटेंट और गाइडेंस उपलब्ध है। प्लेटफॉर्म का मकसद आर्थिक और सामाजिक तौर पर कमजोर छात्रों समेत सभी विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी का मौका देना है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 3 अगस्त को लोकसभा में बताया था कि SATHEE पर अब तक 21 लाख से ज्यादा विद्यार्थी रजिस्टर कर चुके हैं। इससे साफ है कि फ्री डिजिटल कोचिंग का मॉडल पहले से मौजूद है। अब पीएम मोदी के ऐलान के बाद इसे बड़े नेटवर्क में बदलने की दिशा में काम होने की उम्मीद है।
कोचिंग कल्चर पर सरकार की नजर
फ्री कोचिंग की घोषणा का एक दूसरा पहलू भी है। सरकार लंबे समय से छात्रों की निजी कोचिंग पर बढ़ती निर्भरता को लेकर चिंता जताती रही है। जून 2025 में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 9 सदस्यीय हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी बनाई थी। इसका काम ऐसा सिस्टम सुझाना था, जिससे छात्रों की निजी कोचिंग पर निर्भरता घटे और बढ़ते 'डमी स्कूल' कल्चर पर भी रोक लगे। इस कमेटी की 26 अगस्त 2025, 15 नवंबर 2025 और 2 जून 2026 को बैठक हो चुकी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कमेटी ने अभी अपनी सिफारिशें जमा नहीं की हैं।
1 साल में 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग
पीएम मोदी ने युवाओं के लिए दूसरा बड़ा ऐलान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर किया। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है।
पीएम मोदी ने कहा, "विकसित भारत की रफ्तार में सबसे बड़ी ताकत देश का युवा है। इसलिए हमारा लक्ष्य है कि अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग दी जाए, ताकि भारत के युवा दुनिया में AI के क्षेत्र की अगुवाई करने की क्षमता हासिल कर सकें।" यह ऐलान ऐसे समय आया है, जब AI तेजी से नौकरी, एजुकेशन, बिजनेस और टेक्नोलॉजी का हिस्सा बन रहा है। इसलिए सरकार का फोकस सिर्फ डिग्री तक सीमित नहीं, बल्कि नई टेक्नोलॉजी की स्किल पर भी दिख रहा है।
AI की बेसिक ट्रेनिंग पहले से चल रही है
AI स्किलिंग की दिशा में सरकार पहले ही SOAR यानी Skilling for AI Readiness प्रोग्राम शुरू कर चुकी है। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने जुलाई 2025 में इसे शुरू किया था। इसका फोकस खास तौर पर कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों और शिक्षकों को AI की शुरुआती समझ देना है।
छात्रों के लिए तीन 15 घंटे के मॉड्यूल रखे गए हैं। इनमें AI की बेसिक जानकारी से लेकर AI को इस्तेमाल करने, जनरेटिव AI, प्रोग्रामिंग, साइबर सिक्योरिटी, एथिक्स और करियर के विकल्पों तक की जानकारी शामिल है। शिक्षकों के लिए 45 घंटे का अलग AI मॉड्यूल है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 तक करीब 2.30 लाख लर्नर्स एनरोल कर चुके थे। इनमें लगभग 29,800 लोग सर्टिफाइड हुए थे।
परीक्षा विवादों के बीच युवाओं पर बड़ा फोकस
फ्री कोचिंग का ऐलान ऐसे समय हुआ है, जब देश में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का गुस्सा सामने आ चुका है। दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर युवाओं ने परीक्षा में गड़बड़ियों और सिस्टम में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन किए थे। इन विरोध प्रदर्शनों का असर केंद्र सरकार तक पहुंचा।
25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया। ऐसे माहौल में फ्री कोचिंग का ऐलान युवाओं की उस चिंता को भी संबोधित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है, जिसमें परीक्षा की तैयारी का खर्च और सिस्टम पर भरोसा दोनों बड़े मुद्दे हैं।
PM मोदी ने युवाओं को क्यों बनाया विकसित भारत का सेंटर?
पीएम मोदी ने अपने भाषण में युवाओं को विकसित भारत का सबसे बड़ा ड्राइविंग फोर्स बताया। उन्होंने कहा कि युवा सिर्फ विकसित भारत के सबसे बड़े लाभार्थी नहीं होंगे, बल्कि उसे बनाने में उनकी सबसे बड़ी भूमिका भी होगी। उनका संदेश साफ था। 2047 का भारत कैसा होगा, यह काफी हद तक आज के युवाओं की स्किल, टेक्नोलॉजी और काम करने की क्षमता तय करेगी। फ्री ऑनलाइन कोचिंग से तैयारी का खर्च कम करने और AI ट्रेनिंग से नई तकनीक की स्किल बढ़ाने की कोशिश इसी बड़ी रणनीति का हिस्सा दिखाई देती है।