नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। 18 साल से चली आ रही इस परंपरा में इस बार 1 लाख 89 हजार 159 बहनों ने मंत्री विश्वास कैलाश सारंग को राखी बांधी। इसके साथ ही महोत्सव ने पिछले साल का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। वर्ष 2025 में 1 लाख 84
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आयोजकों के मुताबिक नरेला रक्षाबंधन महोत्सव पहले ही विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज हो चुका है। इस बार भी नरेला विधानसभा के 17 वार्डों सहित भोपाल के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रमों में पहुंचीं। खास बात यह रही कि विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों के साथ बड़ी संख्या में युवा पीढ़ी और जेन-जी (GenZ) की युवतियां भी आयोजन का हिस्सा बनीं। अंतिम दिन 28 हजार 742 बहनों ने बांधी राखी मंगलवार को वार्ड क्रमांक 38 और 77 में आयोजित कार्यक्रमों में भी बहनों की लंबी कतारें नजर आईं। अपने ‘भैया’ विश्वास सारंग को राखी बांधने के लिए महिलाएं और युवतियां घंटों अपनी बारी का इंतजार करती रहीं। अंतिम दिन 28 हजार 742 बहनों ने रक्षासूत्र बांधे।

सारंग ने बहनों से राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि लाखों बहनों का भाई होना उनके लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है। बहनों का स्नेह और विश्वास उन्हें नरेला क्षेत्र के विकास के लिए लगातार काम करने की प्रेरणा देता है। 18 साल में पारिवारिक परंपरा बना आयोजन सारंग ने कहा कि नरेला रक्षाबंधन महोत्सव अब केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते और सामाजिक एकजुटता की परंपरा बन चुका है। पिछले 18 वर्षों से नरेला विधानसभा के सभी 17 वार्डों सहित भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों की बहनें इसमें शामिल हो रही हैं। उन्होंने कहा कि हर साल बहनों की बढ़ती संख्या उनके विश्वास और अपनत्व को दर्शाती है। रक्षासूत्र के इस रिश्ते ने जनप्रतिनिधि और जनता के बीच की दूरी को कम कर पारिवारिक रिश्ते जैसा स्वरूप दिया है। विभिन्न धर्मों की बहनों ने दिया सामाजिक समरसता का संदेश महोत्सव में अलग-अलग धर्मों और समाजों की बहनों ने भी सारंग को राखी बांधी। इस दौरान सामाजिक समरसता का संदेश दिखाई दिया। सारंग ने कहा कि विविधता में एकता भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है। रक्षाबंधन का पर्व आपसी सम्मान, विश्वास, सुरक्षा और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है। जेन-जी की भागीदारी ने बदला आयोजन का अंदाज
इस बार महोत्सव में बड़ी संख्या में जेन-जी की युवतियां भी शामिल हुईं। युवतियों ने उत्साह के साथ सारंग को राखी बांधी। आयोजन में युवा पीढ़ी की भागीदारी ने यह भी दिखाया कि पारंपरिक त्योहारों को लेकर नई पीढ़ी का जुड़ाव कायम है।
‘बहनों का आशीर्वाद मेरी सबसे बड़ी ताकत’
समापन अवसर पर सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का आशीर्वाद उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनें उन्हें राखी बांधने पहुंचती हैं और यही स्नेह उन्हें क्षेत्र के लिए लगातार काम करने की ऊर्जा देता है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं है, बल्कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सुरक्षा, जिम्मेदारी और विश्वास का संकल्प लेने का अवसर भी है। नरेला रक्षाबंधन महोत्सव ने इसी भावना को सामाजिक सरोकार से जोड़ने का काम किया है।