जननी सुरक्षा योजना: सदर अस्पताल में 1 साल में 6132 आवेदन जमा, 2984 महिलाओं को ही मिली राशि, 1200 ने आवेदन ही नहीं किया - Ranchi News

Published on 22 अक्टू॰ 2026
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  • Sadar Hospital Received 6,132 Applications In One Year, But Only 2,984 Women Received The Funds, While 1,200 Did Not Apply.

रांची32 मिनट पहलेलेखक: राजवीर सिंह

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सदर अस्पताल में प्रसव कराने वाली सैकड़ों महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना की प्रोत्साहन राशि के लिए छह महीने से इंतजार करना पड़ रहा है। सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संचालित इस योजना का फंड विभाग से नहीं मिलने की वजह से भुगतान अटक गया है।

सदर अस्पताल में पिछले साल नवंबर से अब तक 6132 महिलाओं का प्रसव हुआ। इनमें से अब तक 2984 प्रसूताओं को सरकार की ओर से दिए जाने वाले एक-एक हजार रुपए दिए गए। जबकि, करीब 1200 प्रसूताओं ने प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन ही नहीं किया। जिन्होंने प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन किया, वैसे 500 से अधिक माताओं को पांच-छह माह से प्रोत्साहन राशि का इंतजार है। लेकिन, इन माताओं को पैसा देने के लिए अस्पताल प्रबंधन के खजाने में फंड ही नहीं है। फंड देने के लिए प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है, लेकिन अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि कब तक फंड मिलेगा। ऐसे में जिन माताओं को पैसे नहीं मिले हैं, वे अस्पताल का चक्कर लगाने को विवश हैं।

क्या है मामला...शहरी क्षेत्र में 1000 व ग्रामीण में 1400 रु. मिलती है प्रोत्साहन राशि

जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को ग्रामीण क्षेत्र में 1400 रुपए और शहरी क्षेत्र में 1000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। राशि भले ही बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बच्चे के शुरुआती पोषण, दवा और अन्य जरूरी सामान की खरीद में यह मददगार साबित होती है। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को घर के बजाय अस्पताल में प्रसव के लिए प्रोत्साहित करना तथा जच्चा-बच्चा की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

ट्रेजरी घोटाले के बाद पेमेंट सिस्टम बदलने से मामला फंसा

झारखंड में ट्रेजरी घोटाला के बाद विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को सरकारी पैसे देने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले योजना का पैसा आने के बाद प्रसूताओं के बैंक अकाउंट में सीधे आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया जाता था। लेकिन ट्रेजरी घोटाला सामने आने के बाद अगस्त से लाभुकों के खाते में पैसा भेजने के लिए एसएनएस स्पर्श सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें पांच स्तर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लाभुकों के खाते में पैसे भेजे जाते हैं। इस सिस्टम के लागू होने की वजह से सरकार की ओर से फंड जारी नहीं किया गया। इसका खामियाजा प्रसूताओं को भुगतना पड़ रहा है।

प्रचार-प्रसार की कमी से सैकड़ों महिलाएं लाभ से वंचित

नियम है कि सदर अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जो भी गर्भवती बच्चे को जन्म देती है, उन्हें इस योजना का फायदा मिलेगा। लेकिन प्रचार प्रसार भी काफी सीमित है। प्रसव के बाद भी सैकड़ों महिलाएं प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन नहीं कर पाती हैं। प्रसूता तक इसकी जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं और अस्पताल प्रशासन की हैं, लेकिन वे भी खानापूर्ति करते हैं।

कागजात के साथ प्रशासनिक भवन में करना है आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए प्रसूता को आधार कार्ड, बैंक पासबुक, अस्पताल की डिस्चार्ज स्लिप और मोबाइल नंबर से संबंधित जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। सदर अस्पताल के प्रशासनिक भवन में आवेदन जमा करने के बाद दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। इसके बाद पात्र लाभार्थियों के खाते में प्रोत्साहन राशि भेजी जाती है।

केस स्टडी: बच्ची 6 महीने की हुई, अबतक नहीं मिली राशि

मांडर की रहने वाली सबिता तिर्की की छह महीने की बच्ची है। वह पिछले चार महीने से जननी सुरक्षा योजना की प्रोत्साहन राशि के लिए सदर अस्पताल का चक्कर लगा रही हैं। सबिता ने बताया कि योजना से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज वह पहले ही जमा कर चुकी हैं। इसके बावजूद अब तक उनके खाते में राशि नहीं आई है।

जिन प्रसूताओं को राशि नहीं मिली है, फंड उपलब्ध होते ही भुगतान हो जाएगा

फंड उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रसूताओं जननी सुरक्षा योजना की प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा था। जुलाई में फंड उपलब्ध होने के बाद लाभार्थियों को भुगतान किया गया है। जिन महिलाओं के बैंक खातों में अब तक राशि नहीं पहुंची है, उन्हें फंड उपलब्ध होते ही भुगतान कर दिया जाएगा। - डॉ. विमलेश सिंह, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, रांची

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