हिमाचल प्रदेश के विशिष्ट और पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि प्रदेश सरकार 'वन डिस्ट्रिक्ट थ्री प्रोडक्ट' (ODTP) कार
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मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इन चयनित उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए अक्टूबर 2026 में एक भव्य प्रदर्शनी और 'रिवर्स बायर-सेलर मीट' का आयोजन किया जाएगा। इससे सभी उत्पादकों को जहां बाजार में पहुंच बनाने मदद मिलेगी वहीं उनके लिए निवेशक भी मिलेंगे।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य:
- स्थानीय उत्पादकों, निर्यातकों और निवेशकों को एक मंच पर लाना।
- उद्योग जगत के दिग्गजों और खरीदारों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करना।
- हिमाचल के ग्रामीण व पारंपरिक उत्पादों के लिए बड़े और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना।
- नए उद्योगों को मिलेंगी बंपर रियायतें, औद्योगिक नीति में होगा प्रावधान
सरकार उत्पादकों को मार्केट बढ़ाने में देगी मदद
स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण (Processing), मूल्य संवर्धन (Value Addition) और विपणन (Marketing) को बढ़ावा देने के लिए सरकार आगामी औद्योगिक नीति में विशेष प्रावधान करने जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ओडीटीपी (ODTP) से जुड़े उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे
सरकार से मिलने वाली छूट
भूमि आवंटन पर विशेष रियायत।
स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) में छूट।
सस्ती दरों पर बिजली की उपलब्धता।
एसजीएसटी (SGST) प्रतिपूर्ति (Reimbursement)।
इन उद्योगों को प्राथमिकता क्षेत्र (Priority Sector) का दर्जा।
किस जिले से कौन सा प्रमुख उत्पाद चयनित
| जिला | चयनित प्रमुख उत्पाद |
| मंडी | सेपू बड़ी, धातु शिल्प (Metal Craft), पत्थर और लकड़ी की नक्काशी |
| कांगड़ा | कांगड़ा की प्रसिद्ध चाय |
| कुल्लू | पारंपरिक कुल्लू टोपी |
| किन्नौर | किन्नौर का चिलगोजा |
| चंबा | विश्व प्रसिद्ध चंबा चप्पल |
| शिमला | सेब आधारित विभिन्न उत्पाद |
| सोलन | सोलन के मशरूम |
(नोट: इसी तरह अन्य सभी जिलों के 3-3 प्रमुख उत्पादों को इस सूची में विशेष स्थान दिया गया है।)
ई-कॉमर्स और ब्रांडिंग से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जोर देकर कहा कि आधुनिक दौर की मांग को देखते हुए इन उत्पादों की ब्रांडिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (जैसे अमेज़न, फ्लिपकार्ट आदि) पर विपणन को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल हिमाचल की समृद्ध संस्कृति और कला को दुनिया के सामने लाएगी, बल्कि स्थानीय उद्यमियों, युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित करेगी, जिससे हिमाचल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी।