देश में ट्रैक्टरों की खुदरा बिक्री (रिटेल सेल्स) ने जून 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2026 में देशभर में 99,751 ट्रैक्टर बिके, जबकि पिछले साल जून 2025 में यह आंकड़ा 79,442 था. यानी एक साल में ट्रैक्टर बिक्री में 25.56 फीसदी की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई. यह आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ग्रामीण इलाकों में कृषि गतिविधियां तेज हुई हैं और किसानों का भरोसा बढ़ा है.
महिंद्रा रही नंबर-1, स्वराज और सोनालिका ने भी दिखाई मजबूती
जून 2026 में महिंद्रा ने सबसे ज्यादा 24,320 ट्रैक्टर बेचकर अपनी बादशाहत कायम रखी. कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 24.38 फीसदी हो गई. दूसरे स्थान पर स्वराज रही, जिसने 18,854 ट्रैक्टर बेचे, जबकि सोनालिका ने 13,179 यूनिट की बिक्री के साथ तीसरा स्थान हासिल किया. वहीं मैसी फर्ग्यूसन और एस्कॉर्ट्स कुबोटा भी शीर्ष पांच कंपनियों में शामिल रहीं. मैसी फर्ग्यूसन की बिक्री में करीब 23 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
पहली तिमाही में भी शानदार प्रदर्शन
अप्रैल से जून 2026 यानी वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भी ट्रैक्टर उद्योग ने मजबूत प्रदर्शन किया. इस दौरान देशभर में 2,61,349 ट्रैक्टर बिके, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 21.9 फीसदी अधिक हैं. तिमाही के दौरान भी महिंद्रा 61,139 ट्रैक्टरों की बिक्री के साथ पहले स्थान पर रही. इसके बाद स्वराज, सोनालिका, मैसी फर्ग्यूसन और एस्कॉर्ट्स कुबोटा का नंबर रहा.
राजस्थान सबसे बड़ा बाजार, यूपी दूसरे स्थान पर
राज्यवार आंकड़ों पर नजर डालें तो जून 2026 में राजस्थान सबसे बड़ा ट्रैक्टर बाजार रहा, जहां 15,424 ट्रैक्टर बिके. इसके बाद उत्तर प्रदेश में 12,645 और मध्य प्रदेश में 11,399 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई. उत्तर प्रदेश में स्वराज सबसे ज्यादा बिकने वाला ब्रांड रहा. वहीं गुजरात और महाराष्ट्र भी ट्रैक्टर बिक्री के मामले में शीर्ष राज्यों में शामिल रहे.
क्यों बढ़ रही है ट्रैक्टरों की मांग?
विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाएं, किसानों के लिए आसान ऋण सुविधा, बेहतर मानसून की उम्मीद और खरीफ फसलों की बुआई की तैयारियों ने ट्रैक्टरों की मांग बढ़ाई है. ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आय और खेती में आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल की बढ़ती जरूरत भी बिक्री को सहारा दे रही है.
उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि आने वाले त्योहारी और फसल कटाई के बाद के सीजन में ट्रैक्टरों की मांग और बढ़ सकती है. अगर मानसून सामान्य रहता है और किसानों की आमदनी में सुधार जारी रहता है, तो वित्त वर्ष 2026-27 ट्रैक्टर उद्योग के लिए एक और मजबूत साल साबित हो सकता है.

कन्हैया पचौरी
कन्हैया पचौरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जिन्हें प्रिंट, टीवी और ऑनलाइन मीडिया में 10 वर्षों का अनुभव है. उन्होंने प्रिंट पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया और पिछले कुछ वर्षों से उन्होंने टेक और ऑटो सेक्शन को कवर कर रहे हैं. वह टेक्नोलॉजी पर बारीकी से रिसर्च करते है और लेटेस्ट ट्रेंड्स और डेवलपमेंट्स पर नजर रखते हैं. वर्तमान में, कन्हैया टीवी9 के साथ जुड़े हुए हैं, यहां ये टेक और ऑटो सेक्शन कवर कर रहे हैं. उन्होंने इंडस्ट्री में लेटेस्ट डेवलपमेंट के गहन कवरेज करने को लेकर अपना नाम बनाया है. यूजर्स को किसी भी न्यूज की पूरी और सही जानकारी देने में तत्पर हैं. जब वह टेक्नोलॉजी पर काम नहीं कर रहे होते हैं तो अपने शौक पूरे करने में उन्हें अच्छा लगता है. उन्हें म्यूजिक सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. उनका मानना है कि काम में व्यस्त दिन के बाद म्यूजिक और किताबें आराम करने का एक शानदार तरीका है.
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